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Siddharthnagar News: पुलिस ने किया एंबुलेंस चालक का चालान
Fri, 21 Jul 2023 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 21 Jul 2023 12:01 AM IST
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को पुलिस ने एंबुलेंस चालक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद उसका 151 में चालान कर दिया गया।
कोतवाल सदर सतीश कुमार सिंह ने बताया कि चिकित्सक से विवाद के आरोप में एंबुलेंस चालक रोशन तिवारी का 151 में चालान किया गया। आरोपी के विरुद्ध मरीजों को गुमराह करने की शिकायत चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से लगातार मिल रही थी। इस मामले में एसपी ने कहा कि जिला अस्पताल में पुलिस की पैनी नजर है। मरीजों को निजी अस्पताल में पहुंचाने में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता पकड़ी जाएगी तो कार्रवाई की जाएगी। यदि निजी एंबुलेंस परिसर में खड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी। प्राचार्य डॉ. एके झा ने मेडिकल कॉलेज में निजी एंबुलेंस कर्मियों की मनमानी रोकने के लिए पुलिस को पत्र लिखा है।
मरीज को निजी अस्पताल भेजने की नहीं शुरू हुई जांच
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से मरीज को निजी अस्पताल भेजने के मामले में शिकायत के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जांच शुरू नहीं हुई। आरोप है कि एंबुलेंस कर्मी ने परिजन से पूछे बिना ही मरीज को निजी अस्पताल पहुंचा दिया। इस मामले में प्राचार्य डॉ. एके झा ने कहा कि निजी एंबुलेंस से मरीज को निजी अस्पताल पहुंचाने में परिजन की सहमति प्रतीत हो रही है। जब मरीज को शहर के निजी अस्पताल में पहुंचाया गया तो उसे विरोध करना चाहिए था। इस मामले में शिकायत कर्ता शैलेष शर्मा का कहना है कि उसके भाई की तबीयत इतनी गंभीर थी कि उनका दिमाग काम नहीं किया। यदि सरकारी एंबुलेंस होती तो निजी अस्पताल नहीं ले जाती। इस मामले की जांच होनी चाहिए।
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कोतवाल सदर सतीश कुमार सिंह ने बताया कि चिकित्सक से विवाद के आरोप में एंबुलेंस चालक रोशन तिवारी का 151 में चालान किया गया। आरोपी के विरुद्ध मरीजों को गुमराह करने की शिकायत चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से लगातार मिल रही थी। इस मामले में एसपी ने कहा कि जिला अस्पताल में पुलिस की पैनी नजर है। मरीजों को निजी अस्पताल में पहुंचाने में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता पकड़ी जाएगी तो कार्रवाई की जाएगी। यदि निजी एंबुलेंस परिसर में खड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी। प्राचार्य डॉ. एके झा ने मेडिकल कॉलेज में निजी एंबुलेंस कर्मियों की मनमानी रोकने के लिए पुलिस को पत्र लिखा है।
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मरीज को निजी अस्पताल भेजने की नहीं शुरू हुई जांच
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से मरीज को निजी अस्पताल भेजने के मामले में शिकायत के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जांच शुरू नहीं हुई। आरोप है कि एंबुलेंस कर्मी ने परिजन से पूछे बिना ही मरीज को निजी अस्पताल पहुंचा दिया। इस मामले में प्राचार्य डॉ. एके झा ने कहा कि निजी एंबुलेंस से मरीज को निजी अस्पताल पहुंचाने में परिजन की सहमति प्रतीत हो रही है। जब मरीज को शहर के निजी अस्पताल में पहुंचाया गया तो उसे विरोध करना चाहिए था। इस मामले में शिकायत कर्ता शैलेष शर्मा का कहना है कि उसके भाई की तबीयत इतनी गंभीर थी कि उनका दिमाग काम नहीं किया। यदि सरकारी एंबुलेंस होती तो निजी अस्पताल नहीं ले जाती। इस मामले की जांच होनी चाहिए।
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