{"_id":"61291ef68ebc3e79d1361b3b","slug":"people-engaged-in-vigil-to-stop-the-act-of-dam-katwa-siddharthnagar-news-gkp406999383","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘बांध कटवा’ की हरकत रोकने के लिए पहरेदारी में जुटे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘बांध कटवा’ की हरकत रोकने के लिए पहरेदारी में जुटे लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘बांध कटवा’ की हरकत रोकने के लिए पहरेदारी में जुटे लोग
सिद्धार्थनगर। बाढ़ का दबाव झेल रहे बांधों को काटे जाने का भी खतरा मंडराने लगा है। पथरा क्षेत्र में राप्ती नदी किनारे बने बांध को कुछ लोगों ने काटने का प्रयास किया, पर पुलिस और ग्रामीणों की सक्रियता ने उन्हें असफल कर दिया। वहीं जिले के विभिन्न हिस्सों में लोग पूरी रात जागकर बंधों की रखवाली करते दिख रहे हैं।
जिले के विभिन्न स्थानों पर बाढ़ के पानी का दबाव झेल रहे बांधों की सुरक्षा के लिए प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के साथ ही स्थानीय लोग भी चिंतित हैं। बांध टूटने से आसपास के गांव प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में वहां के लोग पूरी रात जागकर बांध की सुरक्षा कर रहे है। उसका क्षेत्र में स्थित बूढ़ी राप्ती नदी किनारे बने उसका-लखनापार बांध की सुरक्षा के लिए कुआहाटा, तिघरा, मंझरिया आदि गांवों के लोग डटे हैं।
पथरा प्रतिनिधि के अनुसार, राप्ती नदी में उफान के चलते क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। राप्ती नदी के किनारे बने बांध को बनकटा गांव के पास कुछ लोगों की ओर से बृहस्पतिवार की रात काटे जाने की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस और ग्रामीण पहुंच गए। लोगों को देख बांध काटने वाले फरार हो गए। इस दौरान बांध को आरपार काट दिया गया था, लेकिन पानी का बहाव नहीं हो सका था। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से बांध की पटाई कर उसे सुरक्षित किया। ग्रामीणों का कहना था कि अगर बांध टूटता तो आसपास के कई गांवों में तबाही मच जाती। पथरा थाने के प्रभारी निरीक्षक शशि प्रकाश ने बताया कि रात में बांध काटने की सूचना मिली ता मौके पर पहुंचे। पुलिस आने के पहले ही आरोपी फरार हो गए थे। तलाश की जा रही है। जो भी इसमें संलिप्त होंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों की मदद से बांध की फिर से मरम्मत कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। बाढ़ का दबाव झेल रहे बांधों को काटे जाने का भी खतरा मंडराने लगा है। पथरा क्षेत्र में राप्ती नदी किनारे बने बांध को कुछ लोगों ने काटने का प्रयास किया, पर पुलिस और ग्रामीणों की सक्रियता ने उन्हें असफल कर दिया। वहीं जिले के विभिन्न हिस्सों में लोग पूरी रात जागकर बंधों की रखवाली करते दिख रहे हैं।
जिले के विभिन्न स्थानों पर बाढ़ के पानी का दबाव झेल रहे बांधों की सुरक्षा के लिए प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के साथ ही स्थानीय लोग भी चिंतित हैं। बांध टूटने से आसपास के गांव प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में वहां के लोग पूरी रात जागकर बांध की सुरक्षा कर रहे है। उसका क्षेत्र में स्थित बूढ़ी राप्ती नदी किनारे बने उसका-लखनापार बांध की सुरक्षा के लिए कुआहाटा, तिघरा, मंझरिया आदि गांवों के लोग डटे हैं।
विज्ञापन
पथरा प्रतिनिधि के अनुसार, राप्ती नदी में उफान के चलते क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। राप्ती नदी के किनारे बने बांध को बनकटा गांव के पास कुछ लोगों की ओर से बृहस्पतिवार की रात काटे जाने की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस और ग्रामीण पहुंच गए। लोगों को देख बांध काटने वाले फरार हो गए। इस दौरान बांध को आरपार काट दिया गया था, लेकिन पानी का बहाव नहीं हो सका था। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से बांध की पटाई कर उसे सुरक्षित किया। ग्रामीणों का कहना था कि अगर बांध टूटता तो आसपास के कई गांवों में तबाही मच जाती। पथरा थाने के प्रभारी निरीक्षक शशि प्रकाश ने बताया कि रात में बांध काटने की सूचना मिली ता मौके पर पहुंचे। पुलिस आने के पहले ही आरोपी फरार हो गए थे। तलाश की जा रही है। जो भी इसमें संलिप्त होंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों की मदद से बांध की फिर से मरम्मत कर दी गई है।
विज्ञापन