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राप्ती को मिला लोगों का साथ, सफाई के लिए उठे हाथ
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 12 Jun 2016 10:54 PM IST
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डुमरियागंज राप्ती नदी के तट पर साफ-सफाई करवातीं नगर पंचायत अध्यक्ष बीनादेवी अग्रहरि।
- फोटो : amar ujala
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उपेक्षा और बदहाली से जूझती नदियों को लोगों का साथ मिलने लगा है। उन्हें संवारने के लिए हाथ आगे बढ़ रहे हैं। ‘अमर उजाला’ के अभियान से प्रेरित होकर रविवार को डुमरियागंज में नगर पंचायत अध्यक्ष बीना देवी अग्रहरि के नेतृत्व में लोगों ने राप्ती नदी के तट की सफाई की और संकल्प लिया कि हर मंगलवार को डुमरियागंज व शाहपुर घाट की सफाई करेंगे।
रविवार की सुबह करीब 11 बजे कड़ी धूप की परवाह किए बगैर नगर पंचायत अध्यक्ष बीना देवी अग्रहरि व प्रतिनिधि मधुसूदन अग्रहरि के नेतृत्व में दर्जनों लोग हाथ में कुदाल, फावड़ा व झाडू़ लेकर राप्ती नदी के तट पर पहुंच गए। पहले तट पर व्याप्त गंदगी व तट तक पहुंचने के लिए मिट्टी काटकर सीढ़ी नुमा रास्ता बनाया। साफ-सफाई का सिलसिला दोपहर करीब दो बजे तक चला। इस दौरान बीनादेवी अग्रहरि ने कहा कि राप्ती नदी जिले में बड़ी नदियों में शुमार है। डुमरियागंज के लोगों के लिए यह वरदान रही है। पहले लोग इस नदी से बड़ी नावों के जरिए व्यापार करते थे, लेकिन नदी मेें हो रहे अवैध खनन से इसके आकार व दिशा बदलने और बढ़ते प्रदूषण ने राप्ती के अस्तित्व को संकट में ला दिया है। जीवनदायिनी कही जाने वाली राप्ती नदी का पानी लोग पीना तो दूर इससे नहाना भी नहीं चाह रहे हैं। अब इसका पुराना गौरव हम लौटाएंगे।
मधुसूदन अग्रहरि ने कहा कि राप्ती नदी के जल से कभी लोगों की दाल गलती थी। त्योहारों पर इसके तट पर लोगों की भीड़ स्नान करने के लिए उमड़ती थी, लेकिन अब यहां हमेशा सन्नाटा पसरा रहता है। अग्रहरि ने कहा कि राप्ती नदी को स्वच्छ बनाने के लिए इसमें बलरामपुर व तुलसीपुर स्थित शुगर मिलों का कचरा गिरने से बंद करवाने के लिए राष्ट्रपति को सामूहिक हस्ताक्षर वाला पत्र भी भेजा जाएगा। उन्होंने तट पर मौजूद लोगों को प्रत्येक मंगलवार को राप्ती तट की साफ -सफाई का संकल्प दिलवाया। इस दौरान शिवपूजन अग्रहरि, दुर्गेश निषाद, वंशीधर उर्फ बोधे अग्रहरि, सूरज, हरिराम साहू, कन्हैया गुप्ता, गौरव मिश्रा, राजू कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।
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आज होगी तिघरा घाट की सफाई
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्रमणि त्रिपाठी ने शनिवार को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को देकर राप्ती नदी की अविरलता को बनाए रखने की मांग की थी। प्रशासन की संवेदना न जगने पर अब उन्होंने राप्ती नदी की खुद सफाई शुरू करने का बीड़ा उठाया है। इसकी शुरुआत 13 जून को तिघरा घाट से होगी। उन्होंने तहसील क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं व सामाजिक लोगों से सोमवार की सुबह 10 बजे तिघरा घाट पर पहुंच सफाई कार्य में हिस्सा लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राप्ती के अस्तित्व को बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। तिघरा घाट के बाद बिलवट व पेंदा गांव स्थित राप्ती नदी के तट की भी सफाई की जाएगी।
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रविवार की सुबह करीब 11 बजे कड़ी धूप की परवाह किए बगैर नगर पंचायत अध्यक्ष बीना देवी अग्रहरि व प्रतिनिधि मधुसूदन अग्रहरि के नेतृत्व में दर्जनों लोग हाथ में कुदाल, फावड़ा व झाडू़ लेकर राप्ती नदी के तट पर पहुंच गए। पहले तट पर व्याप्त गंदगी व तट तक पहुंचने के लिए मिट्टी काटकर सीढ़ी नुमा रास्ता बनाया। साफ-सफाई का सिलसिला दोपहर करीब दो बजे तक चला। इस दौरान बीनादेवी अग्रहरि ने कहा कि राप्ती नदी जिले में बड़ी नदियों में शुमार है। डुमरियागंज के लोगों के लिए यह वरदान रही है। पहले लोग इस नदी से बड़ी नावों के जरिए व्यापार करते थे, लेकिन नदी मेें हो रहे अवैध खनन से इसके आकार व दिशा बदलने और बढ़ते प्रदूषण ने राप्ती के अस्तित्व को संकट में ला दिया है। जीवनदायिनी कही जाने वाली राप्ती नदी का पानी लोग पीना तो दूर इससे नहाना भी नहीं चाह रहे हैं। अब इसका पुराना गौरव हम लौटाएंगे।
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मधुसूदन अग्रहरि ने कहा कि राप्ती नदी के जल से कभी लोगों की दाल गलती थी। त्योहारों पर इसके तट पर लोगों की भीड़ स्नान करने के लिए उमड़ती थी, लेकिन अब यहां हमेशा सन्नाटा पसरा रहता है। अग्रहरि ने कहा कि राप्ती नदी को स्वच्छ बनाने के लिए इसमें बलरामपुर व तुलसीपुर स्थित शुगर मिलों का कचरा गिरने से बंद करवाने के लिए राष्ट्रपति को सामूहिक हस्ताक्षर वाला पत्र भी भेजा जाएगा। उन्होंने तट पर मौजूद लोगों को प्रत्येक मंगलवार को राप्ती तट की साफ -सफाई का संकल्प दिलवाया। इस दौरान शिवपूजन अग्रहरि, दुर्गेश निषाद, वंशीधर उर्फ बोधे अग्रहरि, सूरज, हरिराम साहू, कन्हैया गुप्ता, गौरव मिश्रा, राजू कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।
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आज होगी तिघरा घाट की सफाई
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्रमणि त्रिपाठी ने शनिवार को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को देकर राप्ती नदी की अविरलता को बनाए रखने की मांग की थी। प्रशासन की संवेदना न जगने पर अब उन्होंने राप्ती नदी की खुद सफाई शुरू करने का बीड़ा उठाया है। इसकी शुरुआत 13 जून को तिघरा घाट से होगी। उन्होंने तहसील क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं व सामाजिक लोगों से सोमवार की सुबह 10 बजे तिघरा घाट पर पहुंच सफाई कार्य में हिस्सा लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राप्ती के अस्तित्व को बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। तिघरा घाट के बाद बिलवट व पेंदा गांव स्थित राप्ती नदी के तट की भी सफाई की जाएगी।