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Siddharthnagar News: आंधी से गिरा पीपल का पेड़, दो मकान क्षतिग्रस्त
Sat, 30 May 2026 01:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 30 May 2026 01:44 AM IST
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ढेबरूआ। थाना क्षेत्र के खजुरिया गर्वी गांव में बृहस्पतिवार रात आई आंधी में पीडब्ल्यूडी मुख्य मार्ग के किनारे स्थित एक पुराना पीपल का पेड़ जड़ से उखड़कर दो घरों पर गिर गया। इससे दोनों घर मलबे में तब्दील हो गए, जिससे मौके पर कोहराम मच गया। हालांकि, इसमें कोई चोटिल नहीं हुआ है।
बताया जा रहा है कि खजुरिया गर्वी गांव स्थित दाेनों घरों में परिवार रहते थे, लेकिन अचानक जोरदार धमाके के साथ भारी-भरकम पेड़ छत फाड़कर कमरों के अंदर घुस गया। गुबार और मलबे के बीच बदहवास परिजन बच्चों को गोद में लेकर बाहर की तरफ भागे। पेड़ का मुख्य तना रामसूरत के मकान पर गिरा, जिससे पानी की टंकी के परखच्चे उड़ गए। हादसे के वक्त रामसूरत, उनकी पत्नी किसलवाती, तीन बेटियां और एक बेटा सो रहे थे, जो बाल-बाल बचे।
वहीं, पेड़ का दूसरा हिस्सा बगल में स्थित मगर चौरसिया के घर पर गिरा। घटना के समय मगर चौरसिया, उनकी पत्नी संगीता और पांच बच्चे सो रहे थे। कुदरत का करिश्मा रहा कि इतनी बड़ी आपदा में भी कोई हताहत नहीं हुआ। सुबह मौके पर लोगों की भीड़ लगी रही। लोग चर्चा कर रहे थे कि अगर परिवार जागता नहीं तो बड़ी अनहोनी हो जाती।
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मार्ग ठप, खुले आसमान के नीचे पीड़ित; मुआवजे की मांग : पेड़ गिरने से मुख्य मार्ग पूरी तरह ठप हो गया है और दोनों गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पूर्व प्रधान अनुज चौधरी ने मौके पर पहुंचकर वन विभाग और लेखपाल को सूचित किया। उन्होंने प्रशासन से पीड़ितों को तत्काल राहत देने की मांग की।
स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व पीडब्ल्यूडी से तुरंत क्रेन बुलाकर पेड़ हटवाने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारू हो सके। साथ ही बेघर हो चुके पीड़ित परिवारों को तिरपाल और उचित सरकारी मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है। वनविभाग के फारेस्टर मंतराम के द्वारा पेड़ को कटवाया गया।
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बताया जा रहा है कि खजुरिया गर्वी गांव स्थित दाेनों घरों में परिवार रहते थे, लेकिन अचानक जोरदार धमाके के साथ भारी-भरकम पेड़ छत फाड़कर कमरों के अंदर घुस गया। गुबार और मलबे के बीच बदहवास परिजन बच्चों को गोद में लेकर बाहर की तरफ भागे। पेड़ का मुख्य तना रामसूरत के मकान पर गिरा, जिससे पानी की टंकी के परखच्चे उड़ गए। हादसे के वक्त रामसूरत, उनकी पत्नी किसलवाती, तीन बेटियां और एक बेटा सो रहे थे, जो बाल-बाल बचे।
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वहीं, पेड़ का दूसरा हिस्सा बगल में स्थित मगर चौरसिया के घर पर गिरा। घटना के समय मगर चौरसिया, उनकी पत्नी संगीता और पांच बच्चे सो रहे थे। कुदरत का करिश्मा रहा कि इतनी बड़ी आपदा में भी कोई हताहत नहीं हुआ। सुबह मौके पर लोगों की भीड़ लगी रही। लोग चर्चा कर रहे थे कि अगर परिवार जागता नहीं तो बड़ी अनहोनी हो जाती।
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मार्ग ठप, खुले आसमान के नीचे पीड़ित
स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व पीडब्ल्यूडी से तुरंत क्रेन बुलाकर पेड़ हटवाने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारू हो सके। साथ ही बेघर हो चुके पीड़ित परिवारों को तिरपाल और उचित सरकारी मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है। वनविभाग के फारेस्टर मंतराम के द्वारा पेड़ को कटवाया गया।