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एसएनसीयू में बेड भरे, बच्चे किए जा रहे रेफर
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जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में एक ही बेड पर दो बच्चे को भर्ती किया गया। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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एसएनसीयू में बेड भरे, बच्चे किए जा रहे रेफर
- मौसम में बदलाव के बाद जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या
- उल्टी-दस्त, वायरल फीवर के अधिक मरीज पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मौसम में हो रहे बदलाव का असर बच्चों में दिख रहा है। उल्टी-दस्त और वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ गई है। नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई (एसएनसीयू) में बेड भर गए हैं। अब बच्चे यहां से रेफर किए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के शिशु रोग की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 मरीज पहुंच रहे हैं, वहीं इमरजेंसी से बच्चों को दवा देकर घर भेजा जा रहा है। शिशु गहन चिकित्सा ईकाई (पीआईसीयू) में शुक्रवार को 15 बेड में 11 बेड पर मरीज थे, दोपहर तीन बजे एसएनसीयू के सभी बेड पर मरीज होने के कारण एक नवजात को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा।
डॉक्टरों ने गंभीर रूप से बीमार नवजात को दवा देकर एक घंटे बाद रेफर कर दिया ताकि रास्ते में तबीयत बिगड़ने का जोखिम कम हो जाए। रोज एक से दो बच्चे यहां से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किए जा रहे हैं।
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पीआईसीयू में वायरल फीवर के मरीज अधिक
पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) में सबसे अधिक मरीज वायरल फीवर के हैं। उल्टी-दस्त के मरीज भी हैं। एसएनसीयू में संक्रमण से बीमार नवजात, वजन कम होने वाले बच्चों को भर्ती किया गया है। पैदा होने के बाद जो बच्चे नहीं रोए हैं उन्हें भी भर्ती किया गया है।
एसएनसीयू में एक बेड पर एक से अधिक बच्चे को भर्ती करने का नियम नहीं है। इस कारण बीमार नवजात को दवा दी जाती है, कुछ देर में उसकी तबीयत में सुधार होता है तो रेफर कर दिया जाता है। पीआईसीयू में भी बीमार बच्चों की संख्या बढ़ गई है। बदलते मौसम में बीमार होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई है।
- डॉ. शैलेंद्र कुमार, शिशु रोग विशेषज्ञ
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- मौसम में बदलाव के बाद जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या
- उल्टी-दस्त, वायरल फीवर के अधिक मरीज पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मौसम में हो रहे बदलाव का असर बच्चों में दिख रहा है। उल्टी-दस्त और वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ गई है। नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई (एसएनसीयू) में बेड भर गए हैं। अब बच्चे यहां से रेफर किए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल के शिशु रोग की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 मरीज पहुंच रहे हैं, वहीं इमरजेंसी से बच्चों को दवा देकर घर भेजा जा रहा है। शिशु गहन चिकित्सा ईकाई (पीआईसीयू) में शुक्रवार को 15 बेड में 11 बेड पर मरीज थे, दोपहर तीन बजे एसएनसीयू के सभी बेड पर मरीज होने के कारण एक नवजात को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा।
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डॉक्टरों ने गंभीर रूप से बीमार नवजात को दवा देकर एक घंटे बाद रेफर कर दिया ताकि रास्ते में तबीयत बिगड़ने का जोखिम कम हो जाए। रोज एक से दो बच्चे यहां से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किए जा रहे हैं।
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पीआईसीयू में वायरल फीवर के मरीज अधिक
पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) में सबसे अधिक मरीज वायरल फीवर के हैं। उल्टी-दस्त के मरीज भी हैं। एसएनसीयू में संक्रमण से बीमार नवजात, वजन कम होने वाले बच्चों को भर्ती किया गया है। पैदा होने के बाद जो बच्चे नहीं रोए हैं उन्हें भी भर्ती किया गया है।
एसएनसीयू में एक बेड पर एक से अधिक बच्चे को भर्ती करने का नियम नहीं है। इस कारण बीमार नवजात को दवा दी जाती है, कुछ देर में उसकी तबीयत में सुधार होता है तो रेफर कर दिया जाता है। पीआईसीयू में भी बीमार बच्चों की संख्या बढ़ गई है। बदलते मौसम में बीमार होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई है।
- डॉ. शैलेंद्र कुमार, शिशु रोग विशेषज्ञ