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पटाखों की आवाज और धुएं से गर्भवतियों को ज्यादा खतरा

Wed, 11 Nov 2020 06:23 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Nov 2020 06:23 PM IST
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Pathkho Ki Aawaz
पटाखों की आवाज और धुएं से गर्भवतियों को खतरा
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स्त्री रोग विशेषज्ञ बोलीं, गर्भ में पल रहे शिशु पर भी इसका गंभीर असर
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। पटाखे केवल पर्यावरण को ही प्रदूषित नहीं करते बल्कि इनकी वजह से कई तरह की बीमारियां भी होती हैं। चिकित्सक बताते हैं कि गर्भवतियों के लिए पटाखे ज्यादा नुकसानदेह साबित होते हैं। पटाखों में पाए जाने वाले हानिकारक रासायनिक तत्व दिल से दिमाग तक को प्रभावित करते हैं। पटाखों के धुएं और आवाज से गर्भवतियों को ब्रॉंकाइटिस और बच्चे के विकास में अवरोध उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में त्योहार पर गर्भवतियों को पटाखों से दूर रहना चाहिए।
पटाखों में मौजूद सीसा सेहत के लिए हानिकारक
पटाखों में सीसा (लेड) का इस्तेमाल किया जाता है। यह तत्व सेहत के लिए खतरनाक है। इस कारण स्ट्रोक की आशंका बढ़ जाती है। पटाखों से निकलने वाला धुआं सांस के साथ शरीर में जाता है तो खून के प्रवाह में रुकावट आने लगती है। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे और मां दोनों को नुकसान पहुंचता है।
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-डॉ. कहकशां खान, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
बच्चों को हो सकती हैं सांस की समस्या
बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पटाखों के शोर और धुएं से बचकर रहना चाहिए। पटाखों से निकलता गाढ़ा धुआं खासतौर पर छोटे बच्चों में सांस की समस्याएं पैदा करता है। धुएं के कारण गर्भवती और गर्भस्थ शिशु दोनों को नुकसान पहुंचता है।
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-डॉ. सलोनी उपाध्याय स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
बढ़ जाती है गर्भपात की आशंका
पटाखों में हानिकारक रसायन होते हैं, इनसे निकलने वाला धुआं सांस के माध्यम से अंदर जाकर कई समस्याएं उत्पन्न करता है। बच्चों के विकास में रुकावट पैदा हो सकती है। पटाखों से धुएं से गर्भपात की आशंका बढ़ जाती है इसलिए गर्भवती महिलाओं को ऐसे समय में घर पर ही रहना चाहिए।

-डॉ. सुनीता सिंह, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
बच्चे के विकास में आ सकती है रुकावट
गर्भवतियों को शुरू के तीन महीनों में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे में जब पटाखों का धुआं निकलता है तो मां के सांस लेने में जहरीले तत्व रक्त में घुल कर गर्भस्थ शिशु के स्वस्थ विकास में रुकावट डाल सकते हैं। पटाखे की आवाज से अगर मां चौंकती है तो बच्चा भी डर जाता है। गर्भस्थ शिशु के हित के लिए तेज आवाज वाले पटाखे नहीं जलाने चाहिए।
-डॉ. सुमन शुक्ला, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
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