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Siddharthnagar News: नेपाल में भारतीय सीमा से छह किमी दूर दवाइयाें का कारोबार शुरू करेगा पतंजलि

Mon, 30 Oct 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 30 Oct 2023 12:13 AM IST
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patanjali will open industry in nepal
पतंजलि के अध्यक्ष बालकृष्ण।
फोटो--
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एक अरब की लागत से लगेगा औषधि उद्योग, योग प्रशिक्षण केंद्र व वेलनेस सेंटर

भारत-नेपाल के एक हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
नेपाल की पहाड़ियों में औषधीय पौधों से मिलेगी सुविधा, भारतीय क्षेत्र में भी औषधीय खेती की बढ़ेगी संभावना
राहुल त्रिपाठी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भारतीय सीमा से महज छह किमी दूर नेपाल के रूपंदेही में पतंजलि ने एक अरब से आयुर्वेदिक दवाइयों का कारोबार शुरू करने का निर्णय लिया है। अनुमान है कि एक यूनिट से नेपाल-भारत के करीब एक हजार लोगाें को रोजगार मिलेगा। नेपाल की पहाड़ियों में उगने वाले औषधीय पौधों की कीमत अच्छी मिलेगी, जबकि भारतीय क्षेत्र में औषधीय खेती करके उन्नति करने की संभावना बढ़ जाएगी।
पतंजलि योग पीठ के अध्यक्ष आचार्य बाल कृष्ण ने बताया है कि भारत-नेपाल के बाॅर्डर से सटे नेपाल के रूपंदेही जिले के धकधई क्षेत्र में एक अरब लागत से औषधीय उद्योग की नींव रखी जाएगी। इससे नेपाल के जंगलों की जड़ी-बूटियों का सदुपयोग करके नेपाल के लोगों को रोजगार देने का कार्य किया जाएगा।
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हाल ही में आचार्य बालकृष्ण योगी ने नेपाल का दौरा किया। उन्होंने अपने गृह जनपद पहुंचकर बताया कि उन्हें 40 वर्ष बाद अपने गृह जनपद में दशहरा मनाने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि नेपाल में जड़ी-बूटियों के पौधों की संख्या अधिक है। अब इसका बेहतर सदुपयोग होगा, जबकि औषधीय खेती की संभावना बढ़ जाएगी।
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योग प्रशिक्षण केंद्र व वेलनेस सेंटर की भी करेंगे स्थापना

आचार्य बाल कृष्ण ने बताया कि लोगों को स्वस्थ रहने के लिए योग प्रशिक्षण केंद्र व वेलनेस सेंटर का भी शिलान्यास करेंगे। ताकि नेपाल के लोगों को योग का प्रशिक्षण मिल सके और यहां के लोग भी प्रशिक्षण प्राप्त कर योग के क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने बताया कि नेपाल के पशुपतिनाथ, मुक्तिनाथ, माता जानकी मंदिर, वाल्मीकि आश्रम में लोग पर्यटक के रूप में दर्शन के लिए आते हैं।




पतंजलि योग पीठ के अध्यक्ष आचार्य बाल कृष्ण ने बताया कि नेपाल और भारत नाम के केवल दो देश हैं। दोनों देशों में संस्कृति, सनातन, वैदिक परंपरा, धार्मिक समानता है। रोटी-बेटी का संबंध है। भारत बाॅर्डर से सटे पतंजलि का उद्योग लगने से दोनों देशों के संबंध के साथ दोनों देशों के युवाओं को रोजगार का अवसर भी मिलेगा।
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