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Siddharthnagar News: लंपी जैसी बीमारी का दर्द, सरकारी डॉक्टर-कर्मी पर रुपये लेकर इलाज करने का आरोप

Sat, 23 Sep 2023 01:39 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 23 Sep 2023 01:39 AM IST
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Pain of lumpy disease, government doctor-employee accused of taking money for treatment

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-डुमरियागंज व भनवापुर क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक पशुओं की हो चुकी है मौत
-लंपी वायरस की जांच के लिए भेजे गए 84 सैंपल, पशुओं के लिए भारत नेपाल सीमा सील करने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। गायों में लंपी जैसी बीमारी होने से पशुपालक परेशान हैं। सरकारी अस्पतालों में इस बीमारी से रोकथाम व बचाव के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पशुपालकों का दर्द है कि सरकारी पशु अस्पतालों के डॉक्टर व कर्मचारी भी इलाज के नाम पर रूपये ऐंठ रहे हैं।
जिले में तीन माह से अधिक समय से लंपी वायरस जैसी बीमारी हो रही है, लेकिन पशु चिकित्सा विभाग की टीम यह जांच नहीं कर पाई कि लंपी वायरस है या कोई और संक्रमण है। इस बीमारी में गायों में बुखार के साथ उनकी त्वचा में गांठ बन जा रही है।एक दिन पहले जिले से 84 गायों का सैंपल आईवीआरआई बरेली भेजा गया, इसकी जांच रिपोर्ट सामने आएगी तो लंपी वायरस के दस्तक की आधिकारिक पुष्टि होगी या नहीं होगी।
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पशुपालन विभाग में कर्मचारियों की कमी के चलते निजी पशु चिकित्सकों की आमदनी बढ़ गई है। डुमरिमागंज व भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र में करीब सौ से अधिक गोवंशीय लंपी वायरस जैसी घातक बीमारी के चपेट में हैं, वही एक दर्जन से अधिक पशुओं की मौत भी हो चुकी है, जिससे पशुपालकों में अपने पशुओं को लेकर चिंता सता रही है।
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भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र के सेमरा बनकसिया गांव निवासी लेखराम मिश्रा, हरिश्चंद्र शुक्ला ने बताया कि उनकी गाय पिछले दो सप्ताह से लंपी वायरस जैसी बीमारी से बीमार है। उसके एक पैर में सूजन है व खुर के ऊपर करीब छह इंच घाव हो चुका है। शरीर में गुठली बनने के साथ ही बुखार बना रहता है। भनवापुर प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी को सूचना दी, वे देख कर दवा, इंजेक्शन आदि उपचार किया जो अब कुछ सुधार हो रहा है।
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नहीं आए सरकारी डॉक्टर
मेरी एक गाय व एक बछिया पिछले तीन सप्ताह से लंपी जैसी बीमारी से बीमार है। भनवापुर पशु चिकित्साधिकारी को फोन किया मगर कोई नहीं आया। दोनों की हालत बिगड़ते देख निजी पशु डाॅक्टरों से संपर्क कर इलाज कराया, जिसमें चार हजार रुपये खर्च हुए, अब ठीक है, केवल पैर में घाव है, जिसका इलाज चल रहा हैं।
-विनोद कुमार द्विवेदी, पशु पालक
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इलाज के बिना मर गई गाय
मेरी एक गाय थी, जो लंपी जैसी बीमारी से पीड़ित थी, जिसके इलाज के लिए भनवापुर पशु अस्पताल पर फोन किया, तीन दिनों तक इंतजार के बाद कोई नहीं आया तो प्राइवेट पशु डाक्टर से इलाज शुरु किया मगर कोई लाभ नहीं हुआ और गाय पिछले शनिवार को मर गई।
- श्याम सुंदर जायसवाल, रमवा पूर जगत राम
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सरकारी कर्मचारी ने लिया 200 रुपये
मेरी गाय लंपी वायरस जैसी बीमारी से ग्रसित थी, पशु चिकित्साधिकारी डुमरिमागंज को फोन किया तो एक सक्सेना आए एक इंजेक्शन लगाकर दो सौ रुपये लिए और चले गए। उस इंजेक्शन का कोई असर नहीं हुआ और अगले दिन गाय मर गई।
-जनेश्वर शुक्ला, जगदीशपुर
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वर्जन
मेरे पास किसी पशु पालक का फोन नहीं आया था, अगर इस तरह बीमारी है तो कल मैं उस गांव में टीम भेजकर पशुओं का स्वस्थ परीक्षण करा कर आवश्यक उपचार कराया जाएगा। यदि किसी डॉक्टर या कर्मचारी पर रुपये लेने का आरोप है, तो पीड़ित शिकायत करें। जांच करके कार्रवाई की जाएगी।

-विजयेंद्र सिंह, प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी भनवापुर
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पशुओं के लिए भारत नेपाल सीमा सील
लंपी वायरस के रोकथाम के लिए जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने भारत नेपाल सीमा को पशुओं के लिए सील करने का आदेश दिया है, लेकिन लापरवाही के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में ये सूचना नहीं दी गई है। इस मामले में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जीवन लाल से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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