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ईसीजी मशीन खरीदने का आदेश
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में यहीं पर होता है ईसीजी। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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ईसीजी मशीन खरीदने का आदेश
- जिला अस्पताल में चार माह से खराब है ईसीजी मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में अब सीने में दर्द के मरीजों को बिना जांच के रेफर करने की नौबत नहीं आएगी। अस्पताल प्रशासन ने ईसीजी मशीन खरीदने का आदेश दिया है, एक सप्ताह के अंदर मशीन जिला अस्पताल पहुंचने की संभावना है।
जिला अस्पताल में चार माह से ईसीजी मशीन खराब है। इस दौरान कई बार मरम्मत हुई लेकिन मशीन नहीं चल पाई। इस मशीन के नहीं होने के कारण हृदय से संबंधित जांच नहीं हो पाती है। इस कारण डॉक्टरों की सलाह पर मरीज निजी अस्पताल में जांच कराते हैं, क्योंकि रेफर होने के बाद उन्हें बस्ती या गोरखपुर जाने में ज्यादा समय लग जाता है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 25 मरीजों की ईसीजी जांच की आवश्यकता होती है। ये मरीज निजी अस्पताल में ईसीजी जांच कराते हैं तो उन्हें 200 से 250 रुपये शुल्क जमा करना पड़ता है, जबकि भर्ती मरीजों को कई बार जांच कराने की आवश्यकता पड़ती है।
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हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं
जिला अस्पताल में हर्ट यूनिट बनी थी, लेकिन इसमें हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं बैठते हैं। इस कारण हृदय रोग से संबंधित सामान्य बीमारियों में ही फिजिशियन मरीजों का उपचार करते हैं, जबकि गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि ईसीजी जांच से सीने में दर्द का कारण पता चल जाता है। इस जांच के शुरू होने पर इमरजेंसी मरीजों के लिए बड़ी राहत मिलेगी।
जिला अस्पताल में ईसीजी जांच मशीन खरीदने के लिए आदेश किया गया है। एक सप्ताह के अंदर मशीन की आपूर्ति हो जाएगी। नई मशीन आने के बाद मरीजों को राहत मिलेगी।
- डॉ. एके झा, प्रभारी सीएमएस
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- जिला अस्पताल में चार माह से खराब है ईसीजी मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में अब सीने में दर्द के मरीजों को बिना जांच के रेफर करने की नौबत नहीं आएगी। अस्पताल प्रशासन ने ईसीजी मशीन खरीदने का आदेश दिया है, एक सप्ताह के अंदर मशीन जिला अस्पताल पहुंचने की संभावना है।
जिला अस्पताल में चार माह से ईसीजी मशीन खराब है। इस दौरान कई बार मरम्मत हुई लेकिन मशीन नहीं चल पाई। इस मशीन के नहीं होने के कारण हृदय से संबंधित जांच नहीं हो पाती है। इस कारण डॉक्टरों की सलाह पर मरीज निजी अस्पताल में जांच कराते हैं, क्योंकि रेफर होने के बाद उन्हें बस्ती या गोरखपुर जाने में ज्यादा समय लग जाता है।
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जिला अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 25 मरीजों की ईसीजी जांच की आवश्यकता होती है। ये मरीज निजी अस्पताल में ईसीजी जांच कराते हैं तो उन्हें 200 से 250 रुपये शुल्क जमा करना पड़ता है, जबकि भर्ती मरीजों को कई बार जांच कराने की आवश्यकता पड़ती है।
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हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं
जिला अस्पताल में हर्ट यूनिट बनी थी, लेकिन इसमें हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं बैठते हैं। इस कारण हृदय रोग से संबंधित सामान्य बीमारियों में ही फिजिशियन मरीजों का उपचार करते हैं, जबकि गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि ईसीजी जांच से सीने में दर्द का कारण पता चल जाता है। इस जांच के शुरू होने पर इमरजेंसी मरीजों के लिए बड़ी राहत मिलेगी।
जिला अस्पताल में ईसीजी जांच मशीन खरीदने के लिए आदेश किया गया है। एक सप्ताह के अंदर मशीन की आपूर्ति हो जाएगी। नई मशीन आने के बाद मरीजों को राहत मिलेगी।
- डॉ. एके झा, प्रभारी सीएमएस