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स्थानीय लोगों से टोल टैक्स वसूली का विरोध
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भारतीय किसान यूनियन के नेताओं से वार्ता करते थानाध्यक्ष शिवनगर डिड़ई अभिमन्यु सिंह।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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स्थानीय लोगों से टोल टैक्स वसूली का विरोध
बांसी। जिले से पंजीकृत वाहनों से टोल वसूली पर भारतीय किसान यूनियन संगठन के कार्यकर्ता सोमवार को नाराज हो गए। बस्ती-बांसी मार्ग पर बेलगढ़ी टोल प्लाजा के पास कार्यकर्ता धरने पर बैठकर पंचायत लगाई। उन्होंने स्थानीय लोगों से टोल टैक्स की वसूली बंद करने की मांग की। संगठन के जिला प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व पंचायत लग गई। इसकी जानकारी होने पर थाना शिवनगर डिड़ई, खेसरहा व कोतवाली बांसी की पुलिस मौके पर पहुंच गई। तहसील प्रशासन भी सतर्क रहा।
बांसी-बस्ती मार्ग (एनएच-233) पर पड़ने वाले बेलगढ़ी टोल प्लाजा को एक माह से शुरू कर दिया गया है। टोल प्लाजा के कर्मी जनपद से पंजीकृत वाहनों से भी टोल टैक्स के रूप में निजी वाहन से 50 रुपये व 75 रुपये छोटे कामर्शियल वाहन से वसूल रहे हैं। इसके विरोध में भाकियू कार्यकर्ता, पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत पंचायत लगाने के लिए पहुंच गए। सुबह 10 बजे से टोल प्लाजा के समीप स्थित खेत में लगाए गए टेंट में भाकियू कार्यकर्ता पहुंचे।
भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्थानीय वाहनों से टैक्स वसूली टोल प्लाजा के कर्मियों की मनमानी को साबित करता है। जिले से पंजीकृत वाहन के स्वामी जब टैक्स देने में आनाकानी करते हैं तो वसूली लगे कर्मी उनसे झगड़ा व मारपीट करने तक पर उतारू हो जाते हैं। कहा कि जहां भी टोल प्लाजा स्थापित है, वहां स्थानीय व जिले के वाहनों को सहूलियत मिलती है। जिला प्रशासन इस प्लाजा पर भी वही नियम लागू कराए। स्थानीय वाहन स्वामियों के आधार कार्ड व जिले से पंजीकृत वाहन नंबर को देखकर आने-जाने की अनुमति दिलाई जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो भाकियू की अनिश्चित काल के लिए पंचायत लगी रहेगी। एसडीएम प्रमोद कुमार का कहना है कि भाकियू कार्यकर्ताओं की पंचायत पर पूरी निगाह रखी जा रही है। कार्यकर्ता मुख्य मार्ग पर पंचायत लगाने की फिराक में थे, पर उन्हें समझाकर खेत में भेज दिया गया। उनकी जो भी जायज मांग होगी, उसे उच्चाधिकारियों से वार्ता कर पूरी कराई जाएगी।
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सीओ देवीगुलाम का कहना था कि कार्यकर्ताओं की पंचायत पुलिस की निगरानी में चल रही है। यदि वे अवैधानिक आंदोलन का रुख करेंगे तो प्रशासन उनसे कड़ाई से निपटेगा। वहीं टोल प्लाजा के मैनेजर मुन्ना यादव का कहना था कि स्थानीय व्यक्ति के लिए 350 रुपये प्रति माह जमा कर पास की व्यवस्था की गई है। पूरी तरह टोल फ्री तभी हो सकता है, जब एनएचआई इस मामले में कोई निर्देश जारी करे।
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बांसी। जिले से पंजीकृत वाहनों से टोल वसूली पर भारतीय किसान यूनियन संगठन के कार्यकर्ता सोमवार को नाराज हो गए। बस्ती-बांसी मार्ग पर बेलगढ़ी टोल प्लाजा के पास कार्यकर्ता धरने पर बैठकर पंचायत लगाई। उन्होंने स्थानीय लोगों से टोल टैक्स की वसूली बंद करने की मांग की। संगठन के जिला प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व पंचायत लग गई। इसकी जानकारी होने पर थाना शिवनगर डिड़ई, खेसरहा व कोतवाली बांसी की पुलिस मौके पर पहुंच गई। तहसील प्रशासन भी सतर्क रहा।
बांसी-बस्ती मार्ग (एनएच-233) पर पड़ने वाले बेलगढ़ी टोल प्लाजा को एक माह से शुरू कर दिया गया है। टोल प्लाजा के कर्मी जनपद से पंजीकृत वाहनों से भी टोल टैक्स के रूप में निजी वाहन से 50 रुपये व 75 रुपये छोटे कामर्शियल वाहन से वसूल रहे हैं। इसके विरोध में भाकियू कार्यकर्ता, पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत पंचायत लगाने के लिए पहुंच गए। सुबह 10 बजे से टोल प्लाजा के समीप स्थित खेत में लगाए गए टेंट में भाकियू कार्यकर्ता पहुंचे।
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भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्थानीय वाहनों से टैक्स वसूली टोल प्लाजा के कर्मियों की मनमानी को साबित करता है। जिले से पंजीकृत वाहन के स्वामी जब टैक्स देने में आनाकानी करते हैं तो वसूली लगे कर्मी उनसे झगड़ा व मारपीट करने तक पर उतारू हो जाते हैं। कहा कि जहां भी टोल प्लाजा स्थापित है, वहां स्थानीय व जिले के वाहनों को सहूलियत मिलती है। जिला प्रशासन इस प्लाजा पर भी वही नियम लागू कराए। स्थानीय वाहन स्वामियों के आधार कार्ड व जिले से पंजीकृत वाहन नंबर को देखकर आने-जाने की अनुमति दिलाई जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो भाकियू की अनिश्चित काल के लिए पंचायत लगी रहेगी। एसडीएम प्रमोद कुमार का कहना है कि भाकियू कार्यकर्ताओं की पंचायत पर पूरी निगाह रखी जा रही है। कार्यकर्ता मुख्य मार्ग पर पंचायत लगाने की फिराक में थे, पर उन्हें समझाकर खेत में भेज दिया गया। उनकी जो भी जायज मांग होगी, उसे उच्चाधिकारियों से वार्ता कर पूरी कराई जाएगी।
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सीओ देवीगुलाम का कहना था कि कार्यकर्ताओं की पंचायत पुलिस की निगरानी में चल रही है। यदि वे अवैधानिक आंदोलन का रुख करेंगे तो प्रशासन उनसे कड़ाई से निपटेगा। वहीं टोल प्लाजा के मैनेजर मुन्ना यादव का कहना था कि स्थानीय व्यक्ति के लिए 350 रुपये प्रति माह जमा कर पास की व्यवस्था की गई है। पूरी तरह टोल फ्री तभी हो सकता है, जब एनएचआई इस मामले में कोई निर्देश जारी करे।