{"_id":"674ca065aed4c19c4100e0cf","slug":"operations-will-remain-closed-in-the-medical-college-for-four-days-from-today-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1032-128159-2024-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: मेडिकल कॉलेज में आज से चार दिन बंद रहेंगे ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: मेडिकल कॉलेज में आज से चार दिन बंद रहेंगे ऑपरेशन
Sun, 01 Dec 2024 11:14 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 01 Dec 2024 11:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बेहोशी के डॉक्टरों के बीच ऑपरेशन पर ग्रहण लग गया है। बेहोशी के डॉ. सौरव चतुर्वेदी चार दिन अवकाश पर रहेंगे, इस कारण ओटी बंद रहेगी। बेहोशी के डॉक्टर के अभाव में दो माह में 250 से अधिक ऑपरेशन टल चुके हैं।
ओटी में बेहोशी के एक भी डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में जेब ढीली करनी पड़ रही है या रेफर होकर गोरखपुर व लखनऊ के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। जब मरीज फिट होता है तो उसे भर्ती किया जाता है तो ऑपरेशन की वेटिंग लिस्ट बनती है। अब बेहोश करने वाले डॉक्टर नहीं है तो वेटिंग लिस्ट भी नहीं बन रही है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सौरव चतुर्वेदी शोहरतगढ़ सीएचसी में अधीक्षक हैं, इसलिए तीन दिन ही सर्जरी कराने के लिए आते हैं। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य कारणों से वे अवकाश पर हैं।
बेहोशी के डॉक्टर के अभाव में सप्ताह में एक ही यूनिट को ऑपरेशन का अवसर मिल रहा है, जबकि पहले दो यूनिट के डॉक्टर ऑपरेशन करते थे। तीन दिन वाली व्यवस्था में एक सप्ताह में आर्थो और जनरल सर्जरी में 8 से 10 और ईएनटी में चार ऑपरेशन हो पा रहे हैं। एक स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि दो माह में 250 मेजर और माइनर ऑपरेशन नहीं हो पाए होंगे।
विज्ञापन
-- -- -- -
वर्जन
मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की भर्ती करने की कोशिश की जा रही है। शासन को भी डॉक्टर भेजने का प्रस्ताव भेजा गया है।
डॉ. हशमतुल्लाह, प्रभारी प्राचार्य
विज्ञापन
ओटी में बेहोशी के एक भी डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में जेब ढीली करनी पड़ रही है या रेफर होकर गोरखपुर व लखनऊ के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। जब मरीज फिट होता है तो उसे भर्ती किया जाता है तो ऑपरेशन की वेटिंग लिस्ट बनती है। अब बेहोश करने वाले डॉक्टर नहीं है तो वेटिंग लिस्ट भी नहीं बन रही है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सौरव चतुर्वेदी शोहरतगढ़ सीएचसी में अधीक्षक हैं, इसलिए तीन दिन ही सर्जरी कराने के लिए आते हैं। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य कारणों से वे अवकाश पर हैं।
विज्ञापन
बेहोशी के डॉक्टर के अभाव में सप्ताह में एक ही यूनिट को ऑपरेशन का अवसर मिल रहा है, जबकि पहले दो यूनिट के डॉक्टर ऑपरेशन करते थे। तीन दिन वाली व्यवस्था में एक सप्ताह में आर्थो और जनरल सर्जरी में 8 से 10 और ईएनटी में चार ऑपरेशन हो पा रहे हैं। एक स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि दो माह में 250 मेजर और माइनर ऑपरेशन नहीं हो पाए होंगे।
विज्ञापन
वर्जन
मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की भर्ती करने की कोशिश की जा रही है। शासन को भी डॉक्टर भेजने का प्रस्ताव भेजा गया है।
डॉ. हशमतुल्लाह, प्रभारी प्राचार्य