{"_id":"67425af87f4f65836f094026","slug":"opd-entangled-in-online-system-getting-the-form-made-is-difficult-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-127722-2024-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: ऑनलाइन व्यवस्था में उलझी ओपीडी, पर्चा बनवाना टेढ़ी खीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: ऑनलाइन व्यवस्था में उलझी ओपीडी, पर्चा बनवाना टेढ़ी खीर
Sun, 24 Nov 2024 04:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 24 Nov 2024 04:15 AM IST
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में पर्चा बनवाने के लिए कतार में खड़ी मरीज।
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल में ऑनलाइन के फेर में स्वास्थ्य सेवा बेपटरी हो गई है। मरीजों को एक नहीं तीनजगह लाइन में लगना पड़ रहा है। ऐसे में जानकारी के अभाव और बिना स्मार्ट फोन वाले 30 प्रतिशत मरीज बिना इलाज के लौटने को विवश हैं।
कारण पहले आईडी नंबर के लिए आभा एप पर रजिस्ट्रेशन, फिर ओपीडी की पर्ची के लिए लाइन में लगना पड़ रह है। इसके बाद ही डॉक्टर को दिखा सकेंगे, अगर जांच कराना हुआ तब तो पूरे दिन लग जाएगा। इस परेशानी से हर दिन मरीज जूझ रहे हैं, इसलिए ओपीडी भीड़ कम होने लगी है।
मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले बुजुर्ग और स्मार्टफोन का इस्तेमाल न करने वाले 30 प्रतिशत ऐसे मरीज है जिन्हें ऑनलाइन स्वास्थ्य व्यवस्था से जूझना पड़ रह है। इन्हें जानकारी और सुविधा के अभाव में बिना इलाज लौटना पड़ रह है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज में पड़ताल में यह हकीकत सामने आई। लेकिन समस्या को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।
विज्ञापन
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज में सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है, जिससे मरीजों को लाभ मिल सके। जांच मशीन बढ़ी, डॉक्टरों की संख्या बढ़ी। इसके साथ ही ऑनलाइन व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। लैब रिपोर्ट तक तो ठीक था, लेकिन एप पर मरीजों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सुविधा के बजाए मुसीबत बन गया है। कारण एप पर ऑनलाइन करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करना है। इसमें स्मार्टफोन वाले और युवा मरीज तो ऐसा कर ले रहे हैं। लेकिन जो वृद्ध हैं, जिनके पास फोन नहीं है या फिर चला नहीं सकते हैं, वे लोग किसी व्यक्ति को ढूंढ़ते हैं। अगर नहीं मिला तो निराश होकर वापस लौट रहे हैं। सुविधा के बजाए और परेशानी बढ़ गई है, जिससे जिम्मेदार बेखबर हैं।
विज्ञापन
कारण पहले आईडी नंबर के लिए आभा एप पर रजिस्ट्रेशन, फिर ओपीडी की पर्ची के लिए लाइन में लगना पड़ रह है। इसके बाद ही डॉक्टर को दिखा सकेंगे, अगर जांच कराना हुआ तब तो पूरे दिन लग जाएगा। इस परेशानी से हर दिन मरीज जूझ रहे हैं, इसलिए ओपीडी भीड़ कम होने लगी है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले बुजुर्ग और स्मार्टफोन का इस्तेमाल न करने वाले 30 प्रतिशत ऐसे मरीज है जिन्हें ऑनलाइन स्वास्थ्य व्यवस्था से जूझना पड़ रह है। इन्हें जानकारी और सुविधा के अभाव में बिना इलाज लौटना पड़ रह है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज में पड़ताल में यह हकीकत सामने आई। लेकिन समस्या को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं।
विज्ञापन
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज में सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है, जिससे मरीजों को लाभ मिल सके। जांच मशीन बढ़ी, डॉक्टरों की संख्या बढ़ी। इसके साथ ही ऑनलाइन व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। लैब रिपोर्ट तक तो ठीक था, लेकिन एप पर मरीजों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सुविधा के बजाए मुसीबत बन गया है। कारण एप पर ऑनलाइन करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करना है। इसमें स्मार्टफोन वाले और युवा मरीज तो ऐसा कर ले रहे हैं। लेकिन जो वृद्ध हैं, जिनके पास फोन नहीं है या फिर चला नहीं सकते हैं, वे लोग किसी व्यक्ति को ढूंढ़ते हैं। अगर नहीं मिला तो निराश होकर वापस लौट रहे हैं। सुविधा के बजाए और परेशानी बढ़ गई है, जिससे जिम्मेदार बेखबर हैं।