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Siddharthnagar News: मिलावटी दूध बेचने के दोषी को एक साल कैद
Wed, 13 Nov 2024 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 13 Nov 2024 11:49 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रद्धा भारतीया ने मिलावटी दूध बेचने वाले हजारी को खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के तहत एक साल कैद की सजा सुनाया। साथ ही उस पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वह थानाक्षेत्र मोहाना के महगूंचक शिवपतिनगर गांव का रहने वाला है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे अतिरिक्त तीन माह की सजा भुगतनी होगी।
परिवाद पत्र के अनुसार खाद्य निरीक्षक बीडी सिंह बर्डपुर ने 30 दिसंबर 1991 को सात बजे सुबह बर्डपुर में हजारी निवासी महगूंचक शिवपतिनगर थाना मोहाना के द्वारा बेचे जाने वाले भैंस के दूध का निरीक्षण किया।
उन्होंने दूध विक्रेता से दूध विक्रय का वर्ष 1991-92 का लाइसेंस मांगा। उसने दूध विक्रय लाइसेंस होने से इन्कार किया। मिलावट होने के सन्देह पर परीक्षण के लिए नमूना लेकर कागजातों पर उससे हस्ताक्षर अंगूठा निशानी लगवाकर दूध को जांच करवाने के लिए पीएफ यूपी लखनऊ को भेजा गया।
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जांच रिपोर्ट में दूध मिलावटी पाया गया और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हुआ। इसके बाद उसके खिलाफ खाद्य विभाग ने न्यायालय में खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के अपराध का परिवाद दाखिल किया।
न्यायालय ने संज्ञान लेकर विचारण शुरू किया और उपलब्ध साक्ष्यों, गवाही, जिरह, मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर हजारी को दोषी पाने के बाद सजा सुनाया।ड
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सिद्धार्थनगर। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रद्धा भारतीया ने मिलावटी दूध बेचने वाले हजारी को खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के तहत एक साल कैद की सजा सुनाया। साथ ही उस पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वह थानाक्षेत्र मोहाना के महगूंचक शिवपतिनगर गांव का रहने वाला है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे अतिरिक्त तीन माह की सजा भुगतनी होगी।
परिवाद पत्र के अनुसार खाद्य निरीक्षक बीडी सिंह बर्डपुर ने 30 दिसंबर 1991 को सात बजे सुबह बर्डपुर में हजारी निवासी महगूंचक शिवपतिनगर थाना मोहाना के द्वारा बेचे जाने वाले भैंस के दूध का निरीक्षण किया।
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उन्होंने दूध विक्रेता से दूध विक्रय का वर्ष 1991-92 का लाइसेंस मांगा। उसने दूध विक्रय लाइसेंस होने से इन्कार किया। मिलावट होने के सन्देह पर परीक्षण के लिए नमूना लेकर कागजातों पर उससे हस्ताक्षर अंगूठा निशानी लगवाकर दूध को जांच करवाने के लिए पीएफ यूपी लखनऊ को भेजा गया।
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जांच रिपोर्ट में दूध मिलावटी पाया गया और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हुआ। इसके बाद उसके खिलाफ खाद्य विभाग ने न्यायालय में खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के अपराध का परिवाद दाखिल किया।
न्यायालय ने संज्ञान लेकर विचारण शुरू किया और उपलब्ध साक्ष्यों, गवाही, जिरह, मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर हजारी को दोषी पाने के बाद सजा सुनाया।ड