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धान की खरीद पर ‘खैरा’ की मार
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 24 Nov 2015 11:51 PM IST
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दिनभर चले अढ़ाई कोस की कहावत बढ़नी विकास खंड के परसा साधन सहकारी समिति पर बने पीसीएफ के धान क्रय केंद्र पर सटीक बैठ रही है। 24 दिनों बाद भी इस क्रय केंद्र पर महज 40 क्विंटल धान की ही खरीद हो पाई है।
केंद्र प्रभारी की दलील है कि किसान नहीं आ रहे, जबकि किसानों का कहना है कि उनकी उपज के सही दाम नहीं मिल रहे। सूखे के कारण जिले में धान की पैदावार प्रभावित है।
इसे देखते हुए शासन ने भी इस बार एक माह विलंब से 1 नवंबर को क्रय केंद्र आरंभ किया है। इसके बावजूद क्रय केंद्रों पर खरीद की स्थिति बेहद सुस्त है। परसा में पीसीएफ के इस केंद्र पर सिर्फ एक किसान से ही खरीद हो पाई है। खरीद में लगे कर्मचारी दिनभर किसानों का इंतजार कर रहे हैं, मगर मानक के अनुरूप धान ही नहीं आ रहा।
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इस संबंध में परसा धान क्रय केंद्र के प्रभारी रामउजागिर यादव ने बताया कि धान का 67 प्रतिशत चावल के सापेक्ष क्रय केंद्र पर आ रहा धान नहीं उतर रहा है। इस कारण धान की खरीददारी नहीं हो पा रही है। 23 दिनों में एक किसान से 40 कुंतल धान खरीदा गया है, लेकिन मिलर्स से अनुबंध न होने के कारण धान गोदाम में ही पड़ा है।
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केंद्र प्रभारी की दलील है कि किसान नहीं आ रहे, जबकि किसानों का कहना है कि उनकी उपज के सही दाम नहीं मिल रहे। सूखे के कारण जिले में धान की पैदावार प्रभावित है।
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इसे देखते हुए शासन ने भी इस बार एक माह विलंब से 1 नवंबर को क्रय केंद्र आरंभ किया है। इसके बावजूद क्रय केंद्रों पर खरीद की स्थिति बेहद सुस्त है। परसा में पीसीएफ के इस केंद्र पर सिर्फ एक किसान से ही खरीद हो पाई है। खरीद में लगे कर्मचारी दिनभर किसानों का इंतजार कर रहे हैं, मगर मानक के अनुरूप धान ही नहीं आ रहा।
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इस संबंध में परसा धान क्रय केंद्र के प्रभारी रामउजागिर यादव ने बताया कि धान का 67 प्रतिशत चावल के सापेक्ष क्रय केंद्र पर आ रहा धान नहीं उतर रहा है। इस कारण धान की खरीददारी नहीं हो पा रही है। 23 दिनों में एक किसान से 40 कुंतल धान खरीदा गया है, लेकिन मिलर्स से अनुबंध न होने के कारण धान गोदाम में ही पड़ा है।