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Siddharthnagar News: जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय
Fri, 02 Feb 2024 03:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 02 Feb 2024 03:39 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जाको राखे साईयां मार सके ना कोय, यह कहावत आदर्श पर सटीक बैठता है। जो टेंपों पर ट्रक के पलटने से दब गया, उसमें आदर्श भी सवार था। जो दूर से ही ट्रक के बिगड़ते बैलेंस को लिया था और छलांग लगाकर टेंपों से कूद गया और सुरक्षित बच गया। नहीं तो घायलों की लिस्ट में उसका भी परिवार के तीन अन्य लोगों के साथ रहता।
चिल्हिया थाना क्षेत्र के केसारी गांव निवासी अवधेश कुमार (35) का उसका थाना क्षेत्र के कस्बा स्थित उसका राजा में ससुराल है। वह बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे पत्नी उर्मिला (30), पुत्र आदित्य (12), आदर्श (8) के साथ ससुराल के लिए निकला था। नौगढ़ से टैैंपों पर बैठे और उसका के लिए निकले थे। अभी पकड़ी में टैंपो रुका था कि ट्रक पलट गया। इसमें दंपती और आदित्य जख्मी हो गए। जबकि टैंपो में ही सवार आदर्श सुरक्षित बच गया। आदर्श पर जाको राखे साइयां मार सके न कोय काहवत सटीक बैठता है। क्योंकि वह हादसे से पहले टैंपो से बाहर हो चुका है। अस्पताल में घूम रहे आदर्श ने बताया कि वह ट्रक को टेढ़ा होते हुए देखा तो निकलकर बाहर हो गया था। इसलिए बच गया।
मौत के बाद परिवार मातम में परिवार
महराजगंज जनपद के सहजनवा बाबू गांव निवासी सुधीर सिंह (5०) पुत्र सुरेंद्र बहादुर सिंह सिद्धार्थनगर जनपद के नगर पालिका सिद्धार्थनगर मेंं पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। रात में पंप चलाते थे और दिन में टेंपों चलाते थे। टैंपो इसलिए चलाते थे कि वह बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा सकें। उनके पास दो पुत्र आयुष्मान (15) और आर्यमन (10) हैं। दोनों को नगर के एक अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे थे। नगर में ही किराये पर कमरा लेकर पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे थे। मौत की खबर मिलने के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी ने जहां देखा दो दिखा दो कहकर चीख रही थीें। वहीं दोनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्हें यह विश्वास नहीं था कि उनके पापा अब इस दुनिया में नहीं हैं। जिला अस्पताल पर पत्नी को बिलखता हुआ देखकर हर किसी की आंखें नम हो चुकी है।
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चिल्हिया थाना क्षेत्र के केसारी गांव निवासी अवधेश कुमार (35) का उसका थाना क्षेत्र के कस्बा स्थित उसका राजा में ससुराल है। वह बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे पत्नी उर्मिला (30), पुत्र आदित्य (12), आदर्श (8) के साथ ससुराल के लिए निकला था। नौगढ़ से टैैंपों पर बैठे और उसका के लिए निकले थे। अभी पकड़ी में टैंपो रुका था कि ट्रक पलट गया। इसमें दंपती और आदित्य जख्मी हो गए। जबकि टैंपो में ही सवार आदर्श सुरक्षित बच गया। आदर्श पर जाको राखे साइयां मार सके न कोय काहवत सटीक बैठता है। क्योंकि वह हादसे से पहले टैंपो से बाहर हो चुका है। अस्पताल में घूम रहे आदर्श ने बताया कि वह ट्रक को टेढ़ा होते हुए देखा तो निकलकर बाहर हो गया था। इसलिए बच गया।
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मौत के बाद परिवार मातम में परिवार
महराजगंज जनपद के सहजनवा बाबू गांव निवासी सुधीर सिंह (5०) पुत्र सुरेंद्र बहादुर सिंह सिद्धार्थनगर जनपद के नगर पालिका सिद्धार्थनगर मेंं पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। रात में पंप चलाते थे और दिन में टेंपों चलाते थे। टैंपो इसलिए चलाते थे कि वह बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा सकें। उनके पास दो पुत्र आयुष्मान (15) और आर्यमन (10) हैं। दोनों को नगर के एक अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे थे। नगर में ही किराये पर कमरा लेकर पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे थे। मौत की खबर मिलने के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी ने जहां देखा दो दिखा दो कहकर चीख रही थीें। वहीं दोनों बेटों का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्हें यह विश्वास नहीं था कि उनके पापा अब इस दुनिया में नहीं हैं। जिला अस्पताल पर पत्नी को बिलखता हुआ देखकर हर किसी की आंखें नम हो चुकी है।
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