{"_id":"6a6280780b7722fee70dd4b1","slug":"no-arrangements-to-deal-with-mud-and-waterlogging-narrow-road-causing-traffic-jams-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-161688-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: नहीं हैं कीचड़ और जलभराव से निपटने के इंतजाम, संकरी सड़क से लग रहा जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: नहीं हैं कीचड़ और जलभराव से निपटने के इंतजाम, संकरी सड़क से लग रहा जाम
Fri, 24 Jul 2026 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 24 Jul 2026 02:28 AM IST
विज्ञापन
मंडी परिसर की सड़क पर फैला हुआ कीचड़।
ऊंचे और सकरे नवीन मंडी मार्ग से हो रहे हादसे, लग रहा जाम
नवीन मंडी परिसर में जलभराव व कीचड़ से दुकानदार व खरीदार
सिद्धार्थनगर। परिसर में चारों ओर कीचड़ और जलभराव, संकरी सड़क और लगातार जाम, यह हाल है जिले की नवीन मंडी का, जहां पिछले आठ दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने परिसर में आवाजाही करने वालों की समस्या बढ़ा दी है। सब्जी और फल के 240 से अधिक थोक दुकानदार और पांच सौ से अधिक किसान और फुटकर दुकानदार रोज समस्या से जूझते हुए अपने सामान की खरीद-फरोख्त करने में जुटे हैं। यह हाल तब है जब यहां पर व्यापारियों के अलावा प्रतिदिन दो से तीन हजार लोग सब्जी व फल खरीदने आते हैं।
जिले में आठ दिन से हो रही बारिश से जहां शहर के कई मोहल्ले जलभराव से जूझ रहे हैं। वहीं नवीन मंडी मार्ग और परिसर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो गई है। नवीन मंडी मार्ग पर पहुंचते ही परेशानी शुरू हो जा रही है। सड़क किनारे जलभराव से बचकर नवीन मंडी पहुंचने में सफल होने के बाद भी राहत मिलने वाली नहीं है। गेट में घुसते ही जलभराव और कीचड़ से बचना मुश्किल है। समस्या यहीं खत्म नहीं होती है। सबसे बड़ी मुसीबत बाइक या अन्य वाहन खड़ा करने के लिए जगह तलाशना है। अगर किसी तरह जगह मिल भी गई तो फिर कीचड़ और जलभराव के बीच खरीदारी करने के लिए सांसत झेलनी पड़ेगी। बुधवार को मंडी में खरीदारी करने आए बाइक सवार दीपक, अरविंद और नसीम को कुछ ऐसी ही दुश्वारियाें का सामना करना पड़ा।
-- -- -- -- --
नाराज व्यापारी कर चुके हैं प्रदर्शन
हल्की बारिश से ही शहर के नवीन मंडी परिसर में जलभराव होने के साथ ही कीचड़ पसर जाता है। इससे यहां दुश्वारियां झेल रहे सब्जी व फल के थोक विक्रेताओं की मुश्किल बढ़ जाती हैं। समस्या से निजात पाने के लिए व्यापारी प्रर्दशन कर मांगपत्र जिम्मेदारों को सौंप चुके हैं। मगर इसके बाद भी स्थिति नहीं बदली है। थोक दुकानदार दिलीप कुमार गुप्ता, राम नारायण यादव, उदय प्रताप यादव, मोल्हू प्रसाद, तिलक राज का कहना है कि प्रतिदिन सुबह से ही मंडी परिसर में जलभराव और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। गेट से प्रवेश करते ही हर कदम पर मुश्किल नजर आती है। अगर अच्छी बारिश हुई तो मंडी में किसानों का आना और बैठना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- --
संकरी सड़क से वाहन पलटने का खतरा
नवीन मंडी परिसर के बाहर निर्माणाधीन नई सड़क भी पुरानी की तरह संकरी है। पुरानी सड़क नीची होने और किनारे कच्चा फुटपाथ समतल होने से हादसे का खतरा नहीं रहता था। वर्तमान में निर्मित हो रही सड़क संकरी होने के साथ ऊंची भी है, जिसके बगल में फुटपाथ काफी नीचे होने से सब्जी और फल से लदे वाहनों के पलटने का खतरा बढ़ गया है। सब्जी के थोक व्यापारी रामपाल गुप्ता राधेश्याम, जुनेद आलम, हबीबुल्लाह, राम सजीवन यादव, गणेश साहनी का कहना है कि संकरी सड़क से मंडी में आने वाले लोडेड बड़े वाहनों के साथ ही यहां खरीदारी कर वापस लौटने वाले छोटे वाहनों के पलटने का खतरा है।
-- -- -- -- -- -- -
परिसर में आवागमन की दिक्कत
नवीन मंडी परिसर में बनी दुकान और किसानों को उपज रखकर बिक्री के लिए बने चबूतरों के किनारे कच्ची भूमि होने से बारिश में पूरे परिसर में कीचड़ पसरा रहता है। वहीं, आवागमन के लिए परिसर में बनी सड़कों और पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से वाहन चालकों को सांसत झेलनी पड़ती है। साथ ही यहां खरीदारी आने वालों को अपने वाहन खड़ा करने में भी परेशानी होती है। इससे प्रतिदिन सुबह को खरीदारी के समय मंडी परिसर के अंदर और बाहर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे यहां खरीदारी करने आने वालों को मंडी परिसर के बाहर और गेट से लेकर अंदर परिसर में भी घंटों जाम में जूझना पड़ता है।
-- -- -- -- -- -- -- -
ढाई करोड़ से होगा मंडी परिसर का उच्चीकरण
मंडी परिषद की ओर से ढाई करोड़ की लागत से नवीन मंडी परिसर की ऊंचाई बढ़ाते हुए सीसी सड़क का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही जलनिकासी के लिए मंडी परिसर में नाली का निर्माण कराया जाना है। शासन से धन स्वीकृति मिलने के बाद विभाग की ओर से निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है, जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इस धनराशि से मंडी परिसर में दुकानों व चबूतरा के बगल की ऊंचाई बढ़ाते हुए सीसी निर्माण कराया जाना है। इस निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नवीन मंडी परिसर में आवागमन और कृषि उपज की खरीद-बिक्री करने आने किसानों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी।
-- -- -- -- -- -
मंडी परिसर का फर्श पक्का नहीं होने और जलनिकासी का इंतजाम नहीं होने से प्रतिदिन जलभराव व कीचड़ से जूझना पड़ रहा है। इसका जल्द निदान होना चाहिए।
- फतेह मोहम्मद, सब्जी के थोक विक्रेता
मंडी परिसर में जलभराव और कीचड़ पसरे रहने से व्यापारियों व किसानों के साथ ही खरीदारी करने वालों को दिक्कत होती है। परिसर के उच्चीकरण और नाली निर्माण से राहत मिलेगी।
- दिलशाद, सब्जी थोक दुकानदार
-- -- -- -- -- --
नवीन मंडी परिसर सिद्धार्थनगर की ऊंचाई बढ़ाते हुए सीसी निर्माण और जलनिकासी के लिए नाली निर्माण की स्वीकृति मिली है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इससे जलभराव व कीचड़ की समस्या से निजात मिल जाएगी।
- अमन कुमार जायसवाल, उप निदेशक निर्माण, मंडी परिषद बस्ती
विज्ञापन
नवीन मंडी परिसर में जलभराव व कीचड़ से दुकानदार व खरीदार
सिद्धार्थनगर। परिसर में चारों ओर कीचड़ और जलभराव, संकरी सड़क और लगातार जाम, यह हाल है जिले की नवीन मंडी का, जहां पिछले आठ दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने परिसर में आवाजाही करने वालों की समस्या बढ़ा दी है। सब्जी और फल के 240 से अधिक थोक दुकानदार और पांच सौ से अधिक किसान और फुटकर दुकानदार रोज समस्या से जूझते हुए अपने सामान की खरीद-फरोख्त करने में जुटे हैं। यह हाल तब है जब यहां पर व्यापारियों के अलावा प्रतिदिन दो से तीन हजार लोग सब्जी व फल खरीदने आते हैं।
जिले में आठ दिन से हो रही बारिश से जहां शहर के कई मोहल्ले जलभराव से जूझ रहे हैं। वहीं नवीन मंडी मार्ग और परिसर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो गई है। नवीन मंडी मार्ग पर पहुंचते ही परेशानी शुरू हो जा रही है। सड़क किनारे जलभराव से बचकर नवीन मंडी पहुंचने में सफल होने के बाद भी राहत मिलने वाली नहीं है। गेट में घुसते ही जलभराव और कीचड़ से बचना मुश्किल है। समस्या यहीं खत्म नहीं होती है। सबसे बड़ी मुसीबत बाइक या अन्य वाहन खड़ा करने के लिए जगह तलाशना है। अगर किसी तरह जगह मिल भी गई तो फिर कीचड़ और जलभराव के बीच खरीदारी करने के लिए सांसत झेलनी पड़ेगी। बुधवार को मंडी में खरीदारी करने आए बाइक सवार दीपक, अरविंद और नसीम को कुछ ऐसी ही दुश्वारियाें का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
नाराज व्यापारी कर चुके हैं प्रदर्शन
हल्की बारिश से ही शहर के नवीन मंडी परिसर में जलभराव होने के साथ ही कीचड़ पसर जाता है। इससे यहां दुश्वारियां झेल रहे सब्जी व फल के थोक विक्रेताओं की मुश्किल बढ़ जाती हैं। समस्या से निजात पाने के लिए व्यापारी प्रर्दशन कर मांगपत्र जिम्मेदारों को सौंप चुके हैं। मगर इसके बाद भी स्थिति नहीं बदली है। थोक दुकानदार दिलीप कुमार गुप्ता, राम नारायण यादव, उदय प्रताप यादव, मोल्हू प्रसाद, तिलक राज का कहना है कि प्रतिदिन सुबह से ही मंडी परिसर में जलभराव और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। गेट से प्रवेश करते ही हर कदम पर मुश्किल नजर आती है। अगर अच्छी बारिश हुई तो मंडी में किसानों का आना और बैठना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
संकरी सड़क से वाहन पलटने का खतरा
नवीन मंडी परिसर के बाहर निर्माणाधीन नई सड़क भी पुरानी की तरह संकरी है। पुरानी सड़क नीची होने और किनारे कच्चा फुटपाथ समतल होने से हादसे का खतरा नहीं रहता था। वर्तमान में निर्मित हो रही सड़क संकरी होने के साथ ऊंची भी है, जिसके बगल में फुटपाथ काफी नीचे होने से सब्जी और फल से लदे वाहनों के पलटने का खतरा बढ़ गया है। सब्जी के थोक व्यापारी रामपाल गुप्ता राधेश्याम, जुनेद आलम, हबीबुल्लाह, राम सजीवन यादव, गणेश साहनी का कहना है कि संकरी सड़क से मंडी में आने वाले लोडेड बड़े वाहनों के साथ ही यहां खरीदारी कर वापस लौटने वाले छोटे वाहनों के पलटने का खतरा है।
परिसर में आवागमन की दिक्कत
नवीन मंडी परिसर में बनी दुकान और किसानों को उपज रखकर बिक्री के लिए बने चबूतरों के किनारे कच्ची भूमि होने से बारिश में पूरे परिसर में कीचड़ पसरा रहता है। वहीं, आवागमन के लिए परिसर में बनी सड़कों और पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से वाहन चालकों को सांसत झेलनी पड़ती है। साथ ही यहां खरीदारी आने वालों को अपने वाहन खड़ा करने में भी परेशानी होती है। इससे प्रतिदिन सुबह को खरीदारी के समय मंडी परिसर के अंदर और बाहर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे यहां खरीदारी करने आने वालों को मंडी परिसर के बाहर और गेट से लेकर अंदर परिसर में भी घंटों जाम में जूझना पड़ता है।
ढाई करोड़ से होगा मंडी परिसर का उच्चीकरण
मंडी परिषद की ओर से ढाई करोड़ की लागत से नवीन मंडी परिसर की ऊंचाई बढ़ाते हुए सीसी सड़क का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही जलनिकासी के लिए मंडी परिसर में नाली का निर्माण कराया जाना है। शासन से धन स्वीकृति मिलने के बाद विभाग की ओर से निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है, जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इस धनराशि से मंडी परिसर में दुकानों व चबूतरा के बगल की ऊंचाई बढ़ाते हुए सीसी निर्माण कराया जाना है। इस निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नवीन मंडी परिसर में आवागमन और कृषि उपज की खरीद-बिक्री करने आने किसानों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी।
मंडी परिसर का फर्श पक्का नहीं होने और जलनिकासी का इंतजाम नहीं होने से प्रतिदिन जलभराव व कीचड़ से जूझना पड़ रहा है। इसका जल्द निदान होना चाहिए।
- फतेह मोहम्मद, सब्जी के थोक विक्रेता
मंडी परिसर में जलभराव और कीचड़ पसरे रहने से व्यापारियों व किसानों के साथ ही खरीदारी करने वालों को दिक्कत होती है। परिसर के उच्चीकरण और नाली निर्माण से राहत मिलेगी।
- दिलशाद, सब्जी थोक दुकानदार
नवीन मंडी परिसर सिद्धार्थनगर की ऊंचाई बढ़ाते हुए सीसी निर्माण और जलनिकासी के लिए नाली निर्माण की स्वीकृति मिली है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इससे जलभराव व कीचड़ की समस्या से निजात मिल जाएगी।
- अमन कुमार जायसवाल, उप निदेशक निर्माण, मंडी परिषद बस्ती