फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   New PHC lock not opened until 11 o'clock

11 बजे तक नहीं खुला न्यू पीएचसी का ताला

Fri, 24 Mar 2017 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Fri, 24 Mar 2017 10:43 PM IST
विज्ञापन
New PHC lock not opened until 11 o'clock
बढ़नी के अहिरौला में बंद पड़ा पीएचसी। - फोटो : अमर उजाला
परसा। समय से ड्यूटी स्थल पहुंचने का फरमान जारी हुए 48 घंटे बीत चुका है, मगर जिले का स्वास्थ्य महकमा सुधरने का नाम नहीं ले रहा। जिला अस्पताल जैसे हालात ही ग्रामीण अस्पतालों के भी हैं। वहां तक किसी के न पहुंचने का इत्मीनान कर बैठे चिकित्सक-कर्मचारी पूरी तरह मनमानी पर उतारु हैं। आलम यह है कि 11 बजे तक भी इन अस्पतालों का ताला ही नहीं खुल पा रहा।
विज्ञापन

शुक्रवार को बढनी ब्लाक के नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अहिरौला की यही स्थिति रही। सुबह 10.53 बजे तक इस अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लगा था। इलाज कराने आए कई ग्रामीण ताला खुलने के इंतजार में बाहर खड़े दिखाई दिए। ग्रामीण पिंटू चौरसिया का कहना था कि यहां हर रोज यही तस्वीर रहती है। अस्पताल पर तैनात फार्मासिस्ट नौगढ़-बढ़नी पैसेंजर ट्रेन से आता है तो ताला खुलता है और तीन बजे बंद कर लौट जाता है। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण कभी चेकिंग भी नहीं होती। इलाज कराने आई सुरसती देवी ने बताया कि सरकारी अस्पताल की ऐसी व्यवस्थाओं के चलते ही चट्टी-चौराहों पर स्थित अप्रशिक्षित डॉक्टरों से महंगा इलाज कराने को लोग बाध्य हो रहे हैं। अब सूबे में नई सरकार के आने के बाद उम्मीद जगी थी, लेकिन कर्मचारियों के रवैए से तो सुधार की गुंजाइश नहीं लगती।
विज्ञापन

लेटलतीफी के बाबत फार्मासिस्ट अशोक कुमार का कहना था कि वह समय से अस्पताल पहुंच गए थे। ग्रामीण झूठ बोल रहे हैं। बता दें कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अहिरौला पहले भुतहिया में एक प्राइवेट मकान में संचालित था। लगभग पांच वर्ष पूर्व तुलसियापुर चौराहे के निकट अहिरौला बाग में इसे स्थानांतरित किया गया। अहिरौला, औदही कलां, तुलसियापुर, मानपुर, गडऱखा, मनिकौरा, चरिहवां, मटियार उर्फ भुतहवा, खैरहनिया, केवटलिया, जलापुरवा समेत दो दर्जन से अधिक गांवों के हजारों लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए जिम्मेदार यह अस्पताल शुरू से ही चिकित्सक विहीन है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजेंद्र कपूर का कहना था कि लेटलतीफी के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। बताया कि शीघ्र ही ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि सारी खामियां दूर हो जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed