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कुपोषण के खात्मे के लिए सहयोग जरूरी
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 14 Jul 2016 10:54 PM IST
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इटवा में हौसला पोषण कार्यक्रम को संबोधित करते सीडीओ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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इटवा। स्थानीय विकासखंड परिसर के सूचना सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी नरेन्द्र शंकर पांडेय की अध्यक्षता में हौसला पोषण योजना की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान इटवा व खुनियांव विकास खंड के ग्राम प्रधान, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ट्रेनिंग दी गई। अभियान की महत्ता बताते हुए इसे सफल बनाने के लिए निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक गांव में गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त आहार दिए जाने व 6 माह से 6 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त करना इस योजना का प्रथम उद्देश्य है। इस योजना के कुशल क्रियान्वयन के लिए ग्राम प्रधान व गांव के सम्मानित सदस्यों का भी सहयोग अपेक्षित रहा।
उन्होंने बताया कि कुपोषित बच्चों को दवाएं व प्रचुर मात्रा में शक्ति वर्धक जैसे दूध-फल आदि दिया जाना चाहिए। इसके अलावा महिलाओं को पोषाहार व आयरन की गोली के साथ पर्याप्त मात्रा में दूध व फल का सेवन करना चाहिए। इससे प्रसव के दौरान महिलाओं को कई बीमारी से बचाव होगा।
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सीडीओ अखिलेश तिवारी ने कहा कि हर घर में शौचालय का निर्माण जरूरी है। कई बार शौचालय के अभाव में शौच जाने के डर से गर्भवती महिलाएं पर्याप्त मात्रा में आहार नहीं लेती हैं। इससे शरीर कमजोर हो जाता है और कई प्रकार की बीमारी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि घर में शौचालय बनने से परिजनों व बच्चों को सुविधा मिलती है। साथ ही स्वच्छता को भी बल मिलता है। इस दौरान डीपीओ अजय कुमार त्रिपाठी, राजाराम, डॉ. बीके वैद्य, मंजूलता गौतम, रवींद्र यादव, राजेश यादव, दिवाकर साहनी, खालिद बाबू, डॉ. अभय सिंह, स्नेहलता और कुसुम लता आदि मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक गांव में गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त आहार दिए जाने व 6 माह से 6 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त करना इस योजना का प्रथम उद्देश्य है। इस योजना के कुशल क्रियान्वयन के लिए ग्राम प्रधान व गांव के सम्मानित सदस्यों का भी सहयोग अपेक्षित रहा।
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उन्होंने बताया कि कुपोषित बच्चों को दवाएं व प्रचुर मात्रा में शक्ति वर्धक जैसे दूध-फल आदि दिया जाना चाहिए। इसके अलावा महिलाओं को पोषाहार व आयरन की गोली के साथ पर्याप्त मात्रा में दूध व फल का सेवन करना चाहिए। इससे प्रसव के दौरान महिलाओं को कई बीमारी से बचाव होगा।
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सीडीओ अखिलेश तिवारी ने कहा कि हर घर में शौचालय का निर्माण जरूरी है। कई बार शौचालय के अभाव में शौच जाने के डर से गर्भवती महिलाएं पर्याप्त मात्रा में आहार नहीं लेती हैं। इससे शरीर कमजोर हो जाता है और कई प्रकार की बीमारी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि घर में शौचालय बनने से परिजनों व बच्चों को सुविधा मिलती है। साथ ही स्वच्छता को भी बल मिलता है। इस दौरान डीपीओ अजय कुमार त्रिपाठी, राजाराम, डॉ. बीके वैद्य, मंजूलता गौतम, रवींद्र यादव, राजेश यादव, दिवाकर साहनी, खालिद बाबू, डॉ. अभय सिंह, स्नेहलता और कुसुम लता आदि मौजूद रहे।