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Siddharthnagar News: एमएनसीयू बेड पर मां कर सकेगी नवजात की देखभाल
Sat, 27 Apr 2024 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 27 Apr 2024 12:38 AM IST
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मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में मदर एंड नियोनेटल केयर यूनिट की होगी स्थापना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में प्रसव के बाद मां-बच्चे के बेहतर इलाज को मदर एंड नियोनेटल केयर यूनिट (एमएनसीयू) की स्थापना होगी। एमएनसीयू के बेड पर मां अपने शिशु की देखभाल कर सकेगी। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज ने विभाग से पत्राचार शुरु कर दिया है। जल्द ही इसका कार्य शुरु कर दिया जाएगा।
प्रभारी प्राचार्य डॉ एके झा ने बताया कि 10 बेड का एमएनसीयू बनने के लिए प्रस्ताव मांगा गया हैं। जल्द ही इसके लिए जमीन चिंहित कर कार्य शुरु कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद गंभीर नवजातों को सिक न्यू बर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती कर इलाज होता है। इसमें मां को शिशुओं के साथ रहने की अनुमति नहीं होती। इससे गंभीर नवजात के इलाज के दौरान मां को शिशु से दूर रहना पड़ता था। जल्द ही मेडिकल कॉलेज में एमएनसीयू स्थापित करने की योजना है। एमएनसीयू के तैयार होने पर प्रसव के बाद गंभीर नवजातों को उनकी मां के साथ इस यूनिट में भर्ती कर सेहत पर नजर रखी जाएगी। इससे प्रसव के बाद मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। बताया कि बच्चों के लिए पीडियाट्रिक आइसीयू (पीआइसीयू) व गंभीर नवजात शिशु को नियोनेटल केयर यूनिट (एनआइसीयू) में रखा जाता है। एमएनसीयू की स्थापना के बाद इसमें जच्चा और बच्चा दोनों के इलाज की सभी सुविधाएं होंगी। नवजातों के इलाज के लिए फोटोथेरेपी, वार्मर और आक्सीजन कूलिंग मशीन आदि की सुविधा होगी। बाल रोग विशेषज्ञ के साथ ही जरूरत पर स्त्री रोग विशेषज्ञ व अन्य स्टाफ भी 24 घंटे जच्चा-बच्चा की सेहत पर नजर रखेंगे। बच्चों को उसकी मां से अलग नहीं करना पड़ेगा। मां के साथ नवजात बेड पर रहेगा।
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में प्रसव के बाद मां-बच्चे के बेहतर इलाज को मदर एंड नियोनेटल केयर यूनिट (एमएनसीयू) की स्थापना होगी। एमएनसीयू के बेड पर मां अपने शिशु की देखभाल कर सकेगी। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज ने विभाग से पत्राचार शुरु कर दिया है। जल्द ही इसका कार्य शुरु कर दिया जाएगा।
प्रभारी प्राचार्य डॉ एके झा ने बताया कि 10 बेड का एमएनसीयू बनने के लिए प्रस्ताव मांगा गया हैं। जल्द ही इसके लिए जमीन चिंहित कर कार्य शुरु कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद गंभीर नवजातों को सिक न्यू बर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती कर इलाज होता है। इसमें मां को शिशुओं के साथ रहने की अनुमति नहीं होती। इससे गंभीर नवजात के इलाज के दौरान मां को शिशु से दूर रहना पड़ता था। जल्द ही मेडिकल कॉलेज में एमएनसीयू स्थापित करने की योजना है। एमएनसीयू के तैयार होने पर प्रसव के बाद गंभीर नवजातों को उनकी मां के साथ इस यूनिट में भर्ती कर सेहत पर नजर रखी जाएगी। इससे प्रसव के बाद मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी। बताया कि बच्चों के लिए पीडियाट्रिक आइसीयू (पीआइसीयू) व गंभीर नवजात शिशु को नियोनेटल केयर यूनिट (एनआइसीयू) में रखा जाता है। एमएनसीयू की स्थापना के बाद इसमें जच्चा और बच्चा दोनों के इलाज की सभी सुविधाएं होंगी। नवजातों के इलाज के लिए फोटोथेरेपी, वार्मर और आक्सीजन कूलिंग मशीन आदि की सुविधा होगी। बाल रोग विशेषज्ञ के साथ ही जरूरत पर स्त्री रोग विशेषज्ञ व अन्य स्टाफ भी 24 घंटे जच्चा-बच्चा की सेहत पर नजर रखेंगे। बच्चों को उसकी मां से अलग नहीं करना पड़ेगा। मां के साथ नवजात बेड पर रहेगा।
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