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पौधरोपण हुए 13 लाख से अधिक, अधिकारियों को पता नहीं कितने सुरक्षित

Sat, 25 Jun 2022 11:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jun 2022 11:36 PM IST
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More than 13 lakh saplings were planted, officials do not know how safe
नर्सरी में कार्य करते मजदूर। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
पौधरोपण हुए 13 लाख से अधिक, अधिकारियों को पता नहीं कितने सुरक्षित
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वर्ष 2028-21 में जिले में लगाए गए थे 13 लाख पौधे
वन विभाग के पास नहीं है मनरेगा योजना के पौधरोपण का रिकॉर्ड
सिद्धार्थनगर। जिले में मनरेगा योजना के तहत हुए पौधरोपण में सुरक्षित पौधों के संख्या की जानकारी संबंधित विभागों के पास नहीं है। वर्ष 2020-21 में हुए 13 लाख से अधिक पौधरोपण में कितने सुरक्षित हैं, इसकी रिपोर्ट देने के लिए कई माह से विभागों के बीच कागजी घोड़े दौड़ जा रहे हैं, लेकिन पौधरोपण के नोडल विभाग वन, जिला पंचायती राज एवं मनरेगा कार्यालय में सुरक्षित पौधों की जानकारी नहीं है।
मनरेगा के तहत पिछले वर्ष 13,01, 290 पौधे ग्राम पंचायतों में लगाए गए थे। इसमें करीब 2.30 करोड़ रुपये मजदूरी के रूप में भुगतान हुआ होगा। जबकि पौधरोपण के बाद बांस या मच्छरदानी के ट्री गार्ड भी लगाए थे। मौके की पड़ताल करने पर पता चलता है कि जहां पौधे लगाए गए थे, वहां न पौधे नजर आ रहे हैं और न ही ट्री गार्ड। मनरेगा में पौधरोपण के बाद सुरक्षा की जिम्मेदारी तय नहीं होने के कारण हर वर्ष लगाए गए पौधों की सुरक्षा नहीं हो पा रही है। एक वर्ष में पौधरोपण के लिए 90 मानव दिवस अनुरक्षण कार्य किया जाता है। जबकि ये कार्य लगातार तीन वर्ष किए जा सकते हैं। स्थिति यह है कि ग्राम पंचायतों में पौधरोपण के दूसरे वर्ष के अनुरक्षण के कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। क्योंकि पहले वर्ष में ही लगाए गए पौधे सूख जा रहे हैं। डीपीआरओ आदर्श का कहना है कि वन विभाग ने सुरक्षित पौधों की रिपोर्ट के बारे में पत्र भेजा है। सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखकर ग्राम पंचायतों में सुरक्षित पौधों की जानकारी मांगी है, लेकिन रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
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वन विभाग ने भेजा पत्र
वन विभाग ने जिला पंचायती राज विभाग को पत्र लिखकर वर्ष 2020-21 में हुए पौधरोपण में सुरक्षित पौधों की जानकारी मांगी है। जिला पंचायती राज अधिकारी आदर्श ने खंड विकास अधिकारियों को 6 जून को ही पत्र भेजकर पौधों की रिपोर्ट मांगी है, लेकिन किसी भी ब्लॉक से उन्हें रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। वर्तमान सीजन में मनरेगा योजना के तहत 17 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।
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ब्लॉकों में इतने लगे थे पौधे
ब्लॉक - पौधरोपण
बांसी- 91,140
बढ़नी- 83, 545
भनवापुर-1,32,745
बर्डपुर- 40,145
डुमरियागंज- 1,4,, 475
इटवा- 1,09,785
जोगिया-78,720
खेसरहा, 1,07,415
खुनियांव- 1,26,945
लोटन- 58,590
मिठवल- 1,31,285
नौगढ़, 64,015
शोहरतगढ़-74,865
उसका बाजार-56,420
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कोट
दूसरे विभागों में हुए पौधरोपण का रिकॉर्ड वन विभाग के पास नहीं है। मनरेगा योजना के पौधरोपण के लक्ष्य के बारे में जानकारी है, लेकिन कितने पौधे सुरक्षित हैं? यह जानकारी उपायुक्त मनरेगा, पंचायती राज विभाग में मिलेगी।

चंद्रेश्वर सिंह, डीएफओ
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मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों में हुए पौधरोपण का सत्यापन कर भुगतान दिया जाता है। पौधरोपण के लिए नोडल विभाग वन विभाग है। सुरक्षित पौधों की जानकारी वन विभाग से प्राप्त हो सकती है।
संजय शर्मा, डीसी मनरेगा
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