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बीएसएनएल सेवा व खराब सड़कों से धूमिल हो रही सरकार की छवि
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कलेक्ट्रेट सभागार में निगरानी समिति की बैठक करते सांसद पाल और विधायक
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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खराब सड़कों पर जनता को क्या दें जवाब
- विधायकों का छलका दर्द, बोले- ऐसे तो खराब हो जाएगी सरकार की छवि
- जिला निगरानी समिति की बैठक में सांसद, विधायक सहित अफसर रहे मौजूद
- जनप्रतिनिधि बोले, योजनाओं का लाभ न मिलने से चौपाल करना भी मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की पहली बैठक में फिर से विधायकों का दर्द खुलकर सामने आया। खराब सड़कों का मुद्दा विधायकों की जुबान पर रहा। बोले, खराब सड़कों पर जनता को क्या जवाब दें। जनता गाड़ी रोककर खराब सड़कों की दशा के बारे में पूछती है। इस पर सांसद ने जिम्मेदारों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बदहाल सड़कों के कारण सरकार की छवि धूमिल हो रही है। यह ठीक नहीं है। इस पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी डीएम को दिए। इस बीच कई जनप्रतिनिधियों ने यह तक भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने से गांवों में चौपाल करना भी मुश्किल हो रहा है।
कलेक्ट्रेट के सभागार में शनिवार को जिला विकास समन्वय निगरानी समिति की पहली बैठक में अध्यक्षता करते हुए सांसद जगदंबिका पाल ने अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। सबसे पहले मुद्दा बीएसएनएल का उठा। विधायक डुमरियागंज ने कहा कि डीएम, एसपी, थानेदार से दूरभाष पर वार्ता करना कठिन हो गया है। सांसद ने कहा कि जिले में बीएसएनएल की दशा खराब है। सुधार के लिए केंद्रीय मंत्री से मिलने के अलावा लोकसभा में भी मामला उठाया हूं। एनएच के निर्माण से भी आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए दोनों विभागों के अफसरों को समन्वय बनाने के साथ ही डीएम से भी नजर रखने को कहा है। जिले में बदहाल सड़कों को लेकर मंत्री, सांसद समेत सभी विधायकों, ब्लॉक प्रमुखों का गुस्सा सातवें आसमान पर रहा। लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, मंडी समिति, जिला पंचायत के अधीन निर्मित अथवा निर्माणाधीन सड़कों की खस्ताहाली दूर करने के लिए सभी अफसरों को बारी-बारी से कार्रवाई से अवगत हुए और सुधार की दिशा में डीएम, उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजने के साथ ही सूचना जनप्रतिनिधियों को भी देने की हिदायत दी गई। इस मौके पर कबीना मंत्री जय प्रताप सिंह, विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, सतीश द्विवेदी, डीएम दीपक मीणा, सीडीओ हर्षिता माथुर, एडीएम सीताराम गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष लालजी त्रिपाठी, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेन्द्र मणि त्रिपाठी, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कौशलेन्द्र त्रिपाठी के अलावा सभी जनपदीय अफसरों की मौजूदगी रही।
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घेरे लेते है ग्रामीण जवाब क्या दें
सांसद व विधायकों ने कहा कि गांव में चौपाल लगाने के दौरान पेंशन न मिलने समेत अन्य योजनाओं का लाभ से वंचित होने को लेकर ग्रामीण घेर लेते हैं। इस दौरान माहौल बिगड़ जाता है। इससे सरकार के साथ ही स्वयं की छवि धूमिल हो रही है। यह ठीक नहीं है। अगर इसमें सुधार नहीं हुआ तो इस बार कार्रवाई तय है।
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जॉब कार्ड माफियाओं के चंगुल में अफसर
मनरेगा के तहत सिंचाई विभाग के दोनों खंडों समेत ग्राम पंचायतों में खर्च धनराशि के दुरुपयोग की चर्चा करते हुए सांसद ने खुले तौर पर कहा कि मनरेगा की ओर से मिलने वाले बजट खर्च करने वाले सभी अफसर जॉब कार्ड माफियाओं के चंगुल में रहते हैं। उनकी मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट हो रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए। सभी ने एक स्वर से क्षेत्र पंचायतों को मनरेगा के कार्यों की स्वीकृति न करने का आरोप लगाया। डीएम ने बताया कि जल्द ही ब्लॉक प्रमुखों व खंड विकास अधिकारियों की संयुक्त बैठक कराकर समस्या निदान कराएंगे।
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बंधों के मद में खर्च 70 करोड़ कार्यों की होगी जांच
बंधों के मद में सिंचाई निर्माण खंड, ड्रेनेज खंड को वित्तीय वर्ष 2017-18 में क्रमश: 30 व 32 करोड़ के साथ ही ड्रेनेज खंड में 2018-19 में 8 करोड़ रुपये खर्च होने के मामले में कबीना मंत्री जय प्रताप सिंह, सांसद जगदंबिका पाल समेत सभी विधायकों ने विभागाध्यक्षों से हिसाब मांगा। डुमरियागंज के विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने अधिशासी अभियंता सिंचाई पर आरोप लगाया कि अक्सर वह गोरखपुर ही रहते हैं। इनके पास 8-10 फर्में है। इस मौके पर जिलाधिकारी को टीम बनाकर सघन जांच कराने का निर्देश दिया गया। डीएम दीपक मीणा ने अधिशासी अभियंताओं को कराए गए कार्यों की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
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सांसद ने एक्सईन पर किया कटाक्ष, बताया ‘नवरत्न’
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सड़कों की चर्चा चलने पर सांसद ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिशासी अभियंता शिव शंकर उपाध्याय से जवाब मांगा तो बताया कि अब मेरे पास ग्रामीण अभियंत्र विभाग का चार्ज नहीं है। सांसद ने कटाक्ष करते हुए कहा कि आप तो नवरत्न हो गए है। तभी तो आप का जिले से मोहभंग नहीं हो रहा है। तबादला हो जाने के बाद आप जिला नहीं छोड़ रहे हैं। जिस पर शिव शंकर उपाध्याय ने पीएमजीएसवाई का अतिरिक्त चार्ज मिलने की बात बताई। वहीं चन्द्रदीप घाट सड़क के निर्माण में लापरवाही मिलने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सांसद ने संबंधित फर्म को काली सूची में डालने के साथ ही मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। डीएम ने एफआईआर कराकर अवगत कराने की हिदायत दी।
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सौ दिन का रोडमैप बनाने का निर्देश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली बैठक में सौ दिन का रोडमैप बनाकर विभागों के मंत्रियों व अफसरों को कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसका हवाला देते हुए सांसद ने जिलाधिकारी से जनपद में भी सौ दिन का रोडमैप बनाकर पिछली बार प्रदेश में बच्चों के नामांकन में दूसरा स्थान के बजाए पहला स्थान हासिल करने की योजना, पौधरोपण अभियान चलाने, जल संरक्षण को लेकर कार्ययोजना बनाने, गोशालाओं की बेहतर स्थिति पेंशन योजना, श्रम विभाग की ओर से लागू योजनाओं में पात्रों को लाभान्वित कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया।
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- विधायकों का छलका दर्द, बोले- ऐसे तो खराब हो जाएगी सरकार की छवि
- जिला निगरानी समिति की बैठक में सांसद, विधायक सहित अफसर रहे मौजूद
- जनप्रतिनिधि बोले, योजनाओं का लाभ न मिलने से चौपाल करना भी मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की पहली बैठक में फिर से विधायकों का दर्द खुलकर सामने आया। खराब सड़कों का मुद्दा विधायकों की जुबान पर रहा। बोले, खराब सड़कों पर जनता को क्या जवाब दें। जनता गाड़ी रोककर खराब सड़कों की दशा के बारे में पूछती है। इस पर सांसद ने जिम्मेदारों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बदहाल सड़कों के कारण सरकार की छवि धूमिल हो रही है। यह ठीक नहीं है। इस पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी डीएम को दिए। इस बीच कई जनप्रतिनिधियों ने यह तक भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने से गांवों में चौपाल करना भी मुश्किल हो रहा है।
कलेक्ट्रेट के सभागार में शनिवार को जिला विकास समन्वय निगरानी समिति की पहली बैठक में अध्यक्षता करते हुए सांसद जगदंबिका पाल ने अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। सबसे पहले मुद्दा बीएसएनएल का उठा। विधायक डुमरियागंज ने कहा कि डीएम, एसपी, थानेदार से दूरभाष पर वार्ता करना कठिन हो गया है। सांसद ने कहा कि जिले में बीएसएनएल की दशा खराब है। सुधार के लिए केंद्रीय मंत्री से मिलने के अलावा लोकसभा में भी मामला उठाया हूं। एनएच के निर्माण से भी आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए दोनों विभागों के अफसरों को समन्वय बनाने के साथ ही डीएम से भी नजर रखने को कहा है। जिले में बदहाल सड़कों को लेकर मंत्री, सांसद समेत सभी विधायकों, ब्लॉक प्रमुखों का गुस्सा सातवें आसमान पर रहा। लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, मंडी समिति, जिला पंचायत के अधीन निर्मित अथवा निर्माणाधीन सड़कों की खस्ताहाली दूर करने के लिए सभी अफसरों को बारी-बारी से कार्रवाई से अवगत हुए और सुधार की दिशा में डीएम, उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजने के साथ ही सूचना जनप्रतिनिधियों को भी देने की हिदायत दी गई। इस मौके पर कबीना मंत्री जय प्रताप सिंह, विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, सतीश द्विवेदी, डीएम दीपक मीणा, सीडीओ हर्षिता माथुर, एडीएम सीताराम गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष लालजी त्रिपाठी, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेन्द्र मणि त्रिपाठी, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कौशलेन्द्र त्रिपाठी के अलावा सभी जनपदीय अफसरों की मौजूदगी रही।
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सांसद व विधायकों ने कहा कि गांव में चौपाल लगाने के दौरान पेंशन न मिलने समेत अन्य योजनाओं का लाभ से वंचित होने को लेकर ग्रामीण घेर लेते हैं। इस दौरान माहौल बिगड़ जाता है। इससे सरकार के साथ ही स्वयं की छवि धूमिल हो रही है। यह ठीक नहीं है। अगर इसमें सुधार नहीं हुआ तो इस बार कार्रवाई तय है।
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मनरेगा के तहत सिंचाई विभाग के दोनों खंडों समेत ग्राम पंचायतों में खर्च धनराशि के दुरुपयोग की चर्चा करते हुए सांसद ने खुले तौर पर कहा कि मनरेगा की ओर से मिलने वाले बजट खर्च करने वाले सभी अफसर जॉब कार्ड माफियाओं के चंगुल में रहते हैं। उनकी मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट हो रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए। सभी ने एक स्वर से क्षेत्र पंचायतों को मनरेगा के कार्यों की स्वीकृति न करने का आरोप लगाया। डीएम ने बताया कि जल्द ही ब्लॉक प्रमुखों व खंड विकास अधिकारियों की संयुक्त बैठक कराकर समस्या निदान कराएंगे।
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बंधों के मद में खर्च 70 करोड़ कार्यों की होगी जांच
बंधों के मद में सिंचाई निर्माण खंड, ड्रेनेज खंड को वित्तीय वर्ष 2017-18 में क्रमश: 30 व 32 करोड़ के साथ ही ड्रेनेज खंड में 2018-19 में 8 करोड़ रुपये खर्च होने के मामले में कबीना मंत्री जय प्रताप सिंह, सांसद जगदंबिका पाल समेत सभी विधायकों ने विभागाध्यक्षों से हिसाब मांगा। डुमरियागंज के विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने अधिशासी अभियंता सिंचाई पर आरोप लगाया कि अक्सर वह गोरखपुर ही रहते हैं। इनके पास 8-10 फर्में है। इस मौके पर जिलाधिकारी को टीम बनाकर सघन जांच कराने का निर्देश दिया गया। डीएम दीपक मीणा ने अधिशासी अभियंताओं को कराए गए कार्यों की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
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सांसद ने एक्सईन पर किया कटाक्ष, बताया ‘नवरत्न’
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सड़कों की चर्चा चलने पर सांसद ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिशासी अभियंता शिव शंकर उपाध्याय से जवाब मांगा तो बताया कि अब मेरे पास ग्रामीण अभियंत्र विभाग का चार्ज नहीं है। सांसद ने कटाक्ष करते हुए कहा कि आप तो नवरत्न हो गए है। तभी तो आप का जिले से मोहभंग नहीं हो रहा है। तबादला हो जाने के बाद आप जिला नहीं छोड़ रहे हैं। जिस पर शिव शंकर उपाध्याय ने पीएमजीएसवाई का अतिरिक्त चार्ज मिलने की बात बताई। वहीं चन्द्रदीप घाट सड़क के निर्माण में लापरवाही मिलने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सांसद ने संबंधित फर्म को काली सूची में डालने के साथ ही मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। डीएम ने एफआईआर कराकर अवगत कराने की हिदायत दी।
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सौ दिन का रोडमैप बनाने का निर्देश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली बैठक में सौ दिन का रोडमैप बनाकर विभागों के मंत्रियों व अफसरों को कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसका हवाला देते हुए सांसद ने जिलाधिकारी से जनपद में भी सौ दिन का रोडमैप बनाकर पिछली बार प्रदेश में बच्चों के नामांकन में दूसरा स्थान के बजाए पहला स्थान हासिल करने की योजना, पौधरोपण अभियान चलाने, जल संरक्षण को लेकर कार्ययोजना बनाने, गोशालाओं की बेहतर स्थिति पेंशन योजना, श्रम विभाग की ओर से लागू योजनाओं में पात्रों को लाभान्वित कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया।