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Siddharthnagar News: मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में अनिवार्य होगा मेस का भोजन
Sun, 17 Dec 2023 01:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 17 Dec 2023 01:19 AM IST
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं अब गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मेस का भोजन बंद नहीं कर सकेंगे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने हाॅस्टल में रहने वाले 300 मेडिकल छात्र-छात्राओं के लिए मेस का भोजन अनिवार्य करने की योजना बनाई है। यह आदेश जल्द ही जारी हो जाएगा। हालांकि, गुणवत्ता की जांच नियमित होने का दावा किया जा रहा है।
मेडिकल काॅलेज में मेस का चार्ज बदलने पर जिला अस्पताल के लिपिक अरविंद सिंह और आउटसोर्स लिपिक अभिलाष श्रीवास्तव आपस में भिड़ गए थे। इस विवाद के दौरान दोनों बाबुओं ने एक दूसरे पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट आनी है, जिसमें चार दिन बीत चुके हैं।
मेडिकल कॉलेज में मेस और शुल्क सहित अन्य अनियमितताओं के शोर से हुई हलचल के दौरान ही शनिवार को दो छात्रों ने मेस का भोजन बंद करने की बातें कीं। वे अपना आवेदन एक बाबू को दे रहे थे, लेकिन बाबू ने उन्हें महिला कर्मचारी के पास भेज दिया। दो माह में 30 छात्र-छात्राओं ने मेस का भोजन बंद कर दिया है। हॉस्टल के वार्डन डॉ. हसमतुल्लाह ने मेस के भोजन का स्वाद भी चखा था, लेकिन छात्र-छात्राओं को मेस का भोजन पसंद नहीं आ रहा है। छात्र-छात्राओं को मेस के भोजन के लिए 3,700 रुपये हर माह जमा करना पड़ता है।
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टीम के एक सदस्य को छुट्टी पर जाने से जांच में होगी देरी
वित्तीय अनियमितता के हलचल पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने तीन सदस्यीय टीम बनाई है, लेकिन टीम के एक सदस्य के अचानक अवकाश पर चले जाने से एक सप्ताह के अंदर जांच पूरी होने में संशय है। जांच में एक बाबू से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उसने निर्धारित अवधि में जवाब नहीं दिया है, लेकिन इस कारण भी जांच में देरी हो सकती है।
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21-22 के शुल्क पंजिका से खुलेगा राज
मेस के पटल परिवर्तन को लेकर हुए बवाल के बाद तीन वर्ष का ब्योरा मांगा गया है। मेडिकल कॉलेज में हो रही चर्चाओं के अनुसार हॉस्टल फीस, मेस फीस व प्रथम बैच के एकेडमिक फीस में वित्तीय अनियमितता के आरोप लग रहे हैं, जिसमें 21-22 शुल्क पंजिका गायब होने की आशंका बताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज में चर्चा है कि शुल्क पंजिका की जांच में बड़ी अनियमितता उजागर हो सकती है।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के हाॅस्टल में मेस का अनिवार्य किया जाएगा। जल्द ही इसका आदेश जारी किया जाएगा। सबकी सुविधा के लिए मेस का संचालन किया जाता है। हालांकि, गुणवत्ता की शिकायत आएगी तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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मेडिकल काॅलेज में मेस का चार्ज बदलने पर जिला अस्पताल के लिपिक अरविंद सिंह और आउटसोर्स लिपिक अभिलाष श्रीवास्तव आपस में भिड़ गए थे। इस विवाद के दौरान दोनों बाबुओं ने एक दूसरे पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट आनी है, जिसमें चार दिन बीत चुके हैं।
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मेडिकल कॉलेज में मेस और शुल्क सहित अन्य अनियमितताओं के शोर से हुई हलचल के दौरान ही शनिवार को दो छात्रों ने मेस का भोजन बंद करने की बातें कीं। वे अपना आवेदन एक बाबू को दे रहे थे, लेकिन बाबू ने उन्हें महिला कर्मचारी के पास भेज दिया। दो माह में 30 छात्र-छात्राओं ने मेस का भोजन बंद कर दिया है। हॉस्टल के वार्डन डॉ. हसमतुल्लाह ने मेस के भोजन का स्वाद भी चखा था, लेकिन छात्र-छात्राओं को मेस का भोजन पसंद नहीं आ रहा है। छात्र-छात्राओं को मेस के भोजन के लिए 3,700 रुपये हर माह जमा करना पड़ता है।
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टीम के एक सदस्य को छुट्टी पर जाने से जांच में होगी देरी
वित्तीय अनियमितता के हलचल पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने तीन सदस्यीय टीम बनाई है, लेकिन टीम के एक सदस्य के अचानक अवकाश पर चले जाने से एक सप्ताह के अंदर जांच पूरी होने में संशय है। जांच में एक बाबू से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उसने निर्धारित अवधि में जवाब नहीं दिया है, लेकिन इस कारण भी जांच में देरी हो सकती है।
21-22 के शुल्क पंजिका से खुलेगा राज
मेस के पटल परिवर्तन को लेकर हुए बवाल के बाद तीन वर्ष का ब्योरा मांगा गया है। मेडिकल कॉलेज में हो रही चर्चाओं के अनुसार हॉस्टल फीस, मेस फीस व प्रथम बैच के एकेडमिक फीस में वित्तीय अनियमितता के आरोप लग रहे हैं, जिसमें 21-22 शुल्क पंजिका गायब होने की आशंका बताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज में चर्चा है कि शुल्क पंजिका की जांच में बड़ी अनियमितता उजागर हो सकती है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के हाॅस्टल में मेस का अनिवार्य किया जाएगा। जल्द ही इसका आदेश जारी किया जाएगा। सबकी सुविधा के लिए मेस का संचालन किया जाता है। हालांकि, गुणवत्ता की शिकायत आएगी तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज