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साल बाद पीलीभीत से आया मौलाना का शव
सिद्धार्थनगर/ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2016 10:59 PM IST
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भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पीलीभीत में एक वर्ष पूर्व दफनाए गए मौलाना मशहूद हशमती के शव को कब्र से निकालकर बुधवार को न सिर्फ सिद्धार्थनगर जनपद शिफ्ट किया गया बल्कि भगवानपुर क्षेत्र के डोकम अमया गांव में अकीदत के साथ भीड़ के बीच दफन किया गया।
पीलीभीत के मौलाना मुफ्ती हशमत अली के बड़े साहबजादे मशहूद हशमती का इंतकाल 21 सितंबर 2015 को हुआ था। पीर के रूप में शोहरत हासिल किए मौलाना का डोकम अमया गांव में काफी आना जाना था। आखिरी बार वह मई 2015 में इस गांव के उबैदुल्ला की लड़की की शादी में आए थे।
बताते हैं कि बाद में पीलीभीत में इंतकाल होने पर उनका शव वहीं दफन कर दिया गया। उनके इंतकाल से जहां डोकम अमया गांव के उनके अकीदतमंदों को गहरा सदमा लगा, वहीं कुछ दिन पहले मौलाना के बेटे ने उन लोगों को बताया कि वालिद ने जीते जी इच्छा जताई थी कि इंतकाल के बाद उन्हें डोकम अमया में दफन किया जाए।
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इसके बाद पीलीभीत से उनके शव को यहां शिफ्ट करने की कोशिशें शुरू हुईं और बुधवार को गांव में कब्र तैयार करके रात तक दफन की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। इस दौरान मौके पर मौजूद त्रिलोकपुर थानाध्यक्ष ओमप्रकाश चौबे ने बताया कि भीड़ को देखते हुए यहां फोर्स लगाई गई थी। स्थिति सामान्य है।
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पीलीभीत के मौलाना मुफ्ती हशमत अली के बड़े साहबजादे मशहूद हशमती का इंतकाल 21 सितंबर 2015 को हुआ था। पीर के रूप में शोहरत हासिल किए मौलाना का डोकम अमया गांव में काफी आना जाना था। आखिरी बार वह मई 2015 में इस गांव के उबैदुल्ला की लड़की की शादी में आए थे।
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बताते हैं कि बाद में पीलीभीत में इंतकाल होने पर उनका शव वहीं दफन कर दिया गया। उनके इंतकाल से जहां डोकम अमया गांव के उनके अकीदतमंदों को गहरा सदमा लगा, वहीं कुछ दिन पहले मौलाना के बेटे ने उन लोगों को बताया कि वालिद ने जीते जी इच्छा जताई थी कि इंतकाल के बाद उन्हें डोकम अमया में दफन किया जाए।
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इसके बाद पीलीभीत से उनके शव को यहां शिफ्ट करने की कोशिशें शुरू हुईं और बुधवार को गांव में कब्र तैयार करके रात तक दफन की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। इस दौरान मौके पर मौजूद त्रिलोकपुर थानाध्यक्ष ओमप्रकाश चौबे ने बताया कि भीड़ को देखते हुए यहां फोर्स लगाई गई थी। स्थिति सामान्य है।