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Siddharthnagar News: ग्रह मंगल के राज में अमंगल के संकेत
Sat, 13 Apr 2024 02:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 13 Apr 2024 02:02 AM IST
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हिंदू नववर्ष के कैलेंडर के अनुसार पूरे एक साल का होता है ग्रहों का कार्यकाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से प्रारंभ होता है। इसी समय आकाशीय मंडल पर ग्रहों का चुनाव होता है। इस वर्ष आकाशीय मंडल के ग्रहों के राजा मंगल हुए हैं। ज्योतिष विद्या के अनुसार, ग्रह मंगल के राज में अमंगल होता है। मंगल के राज्य में किसानों-नौजवानों व विश्व भर की प्रमुख हस्तियों पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों के चुनाव का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। एक वर्ष तक अपना प्रभाव पूरे विश्व पर डालते हैं। ग्रहों के आकाशीय मंत्रिमंडल का प्रतिनिधित्व करने वाले ग्रहों पर पूरे विश्व का फल निर्भर करता है। प्रतिनिधित्व पापक होता है तो वह कष्टकारी फल देता है। शुभ ग्रह है तो वह शुभ फल देगा।
आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि इस बार नववर्ष पर आकाशीय मंत्रिमंडल परिषद का चुनाव संपन्न हुआ। एक वर्ष के लिए राजा यानी प्रधान मंत्री का पद ग्रहों के सेनापति ग्रह मंगल को प्राप्त हुआ है। वहीं, मुख्य मंत्री का पद ग्रहों के युवराज शनि देव को मिला है। इसे ज्योतिष के विद्वान काफी अमंगलकारी बता रहे हैं। मंगल, शनि के राज में अमंगल के संकेत मिल रहे हैं। यह किसानों-नौजवानों के साथ विश्व की प्रमुख हस्तियों पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। ऐसा ज्योतिष फलादेश बता रहे हैं।
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आचार्य अच्युत रामानुजाचार्य ने बताया कि संवत्सर 2081 सन् 2024 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता है। जो दिन हो वही उस वर्ष का पीठासीन अधिकारी राजा होता है। इस प्रकार मंगल महाराज इस वर्ष के राजा हुए हैं। इस संवत्सर के आकाशीय मंत्री परिषद के 10 विभागों के पदाधिकारियों में सात पद पाप ग्रहों को प्राप्त हुआ है। जबकि शेष तीन पद शुभ ग्रहों के पास हैं। राजा सहित कुल चार विभाग तो अकेले इस वर्ष के राजा मंगल के अधीन है। राजा के बाद सबसे महत्वपूर्ण पद मुख्यमंत्री यानी मंत्री का पद युवराज शनि ग्रह को प्राप्त हुआ है।
परिस्थितियां स्वयं में परिणाम का आभास कर रही हैं। इसका असर देखने को भी मिल रहा हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पृथ्वी का तापमान बढ़कर गंभीर चुनौती पैदा कर देगा। झुलसा देने वाली गर्मी हवाओं से आदमी पशु-पक्षी, फूल-फल वनस्पतियां पेड़-पौधे सभी मुरझा जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से प्रारंभ होता है। इसी समय आकाशीय मंडल पर ग्रहों का चुनाव होता है। इस वर्ष आकाशीय मंडल के ग्रहों के राजा मंगल हुए हैं। ज्योतिष विद्या के अनुसार, ग्रह मंगल के राज में अमंगल होता है। मंगल के राज्य में किसानों-नौजवानों व विश्व भर की प्रमुख हस्तियों पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों के चुनाव का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। एक वर्ष तक अपना प्रभाव पूरे विश्व पर डालते हैं। ग्रहों के आकाशीय मंत्रिमंडल का प्रतिनिधित्व करने वाले ग्रहों पर पूरे विश्व का फल निर्भर करता है। प्रतिनिधित्व पापक होता है तो वह कष्टकारी फल देता है। शुभ ग्रह है तो वह शुभ फल देगा।
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आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि इस बार नववर्ष पर आकाशीय मंत्रिमंडल परिषद का चुनाव संपन्न हुआ। एक वर्ष के लिए राजा यानी प्रधान मंत्री का पद ग्रहों के सेनापति ग्रह मंगल को प्राप्त हुआ है। वहीं, मुख्य मंत्री का पद ग्रहों के युवराज शनि देव को मिला है। इसे ज्योतिष के विद्वान काफी अमंगलकारी बता रहे हैं। मंगल, शनि के राज में अमंगल के संकेत मिल रहे हैं। यह किसानों-नौजवानों के साथ विश्व की प्रमुख हस्तियों पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। ऐसा ज्योतिष फलादेश बता रहे हैं।
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आचार्य अच्युत रामानुजाचार्य ने बताया कि संवत्सर 2081 सन् 2024 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता है। जो दिन हो वही उस वर्ष का पीठासीन अधिकारी राजा होता है। इस प्रकार मंगल महाराज इस वर्ष के राजा हुए हैं। इस संवत्सर के आकाशीय मंत्री परिषद के 10 विभागों के पदाधिकारियों में सात पद पाप ग्रहों को प्राप्त हुआ है। जबकि शेष तीन पद शुभ ग्रहों के पास हैं। राजा सहित कुल चार विभाग तो अकेले इस वर्ष के राजा मंगल के अधीन है। राजा के बाद सबसे महत्वपूर्ण पद मुख्यमंत्री यानी मंत्री का पद युवराज शनि ग्रह को प्राप्त हुआ है।
परिस्थितियां स्वयं में परिणाम का आभास कर रही हैं। इसका असर देखने को भी मिल रहा हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पृथ्वी का तापमान बढ़कर गंभीर चुनौती पैदा कर देगा। झुलसा देने वाली गर्मी हवाओं से आदमी पशु-पक्षी, फूल-फल वनस्पतियां पेड़-पौधे सभी मुरझा जाएंगे।