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Siddharthnagar News: तहसील के लगा रही चक्कर, रुपये लेने के बाद भी काम न करने का आरोप
Sun, 07 Jun 2026 01:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 07 Jun 2026 01:30 AM IST
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सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को एक महिला ने हल्का लेखपाल पर वरासत दर्ज करने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। महिला ने अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में दावा किया कि चार हजार रुपये लेने के बावजूद डेढ़ वर्ष बीत जाने पर भी उसका काम नहीं किया गया जबकि अब अन्य हिस्सेदारों से भी रुपये मांगे जा रहे हैं।
ग्राम पंचायत बेलहरा के टोला भगतपुरवा निवासी फूलमती ने बताया कि उनके पति गणपति की 14 जनवरी 2024 को आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद वह उनकी भूमि की वरासत अपने नाम दर्ज कराने के लिए लगातार तहसील का चक्कर लगा रही हैं लेकिन अब तक कार्रवाई पूरी नहीं हुई।
महिला का आरोप है कि संबंधित हल्का लेखपाल ने वरासत दर्ज करने के लिए रुपये की मांग की। उनका कहना है कि वह पहले ही चार हजार रुपये दे चुकी हैं लेकिन इसके बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ी।
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इतना ही नहीं, जिस भूमि का सात लोगों में बंटवारा होना है, उसमें प्रत्येक हिस्सेदार से 1500-1500 रुपये मांगने की बात भी कही गई।
फूलमती ने अधिकारियों से शिकायत की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा लंबित वरासत तत्काल दर्ज कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वरासत न होने से परिवार के कई राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, आरोपों पर संबंधित लेखपाल ने सफाई देते हुए कहा कि उनके पास इस संबंध में कोई आवेदन नहीं आया है और रुपये मांगने का आरोप पूरी तरह निराधार है।
संपूर्ण समाधान दिवस के दिवसाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच राजस्व निरीक्षक को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम पंचायत बेलहरा के टोला भगतपुरवा निवासी फूलमती ने बताया कि उनके पति गणपति की 14 जनवरी 2024 को आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद वह उनकी भूमि की वरासत अपने नाम दर्ज कराने के लिए लगातार तहसील का चक्कर लगा रही हैं लेकिन अब तक कार्रवाई पूरी नहीं हुई।
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महिला का आरोप है कि संबंधित हल्का लेखपाल ने वरासत दर्ज करने के लिए रुपये की मांग की। उनका कहना है कि वह पहले ही चार हजार रुपये दे चुकी हैं लेकिन इसके बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ी।
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इतना ही नहीं, जिस भूमि का सात लोगों में बंटवारा होना है, उसमें प्रत्येक हिस्सेदार से 1500-1500 रुपये मांगने की बात भी कही गई।
फूलमती ने अधिकारियों से शिकायत की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा लंबित वरासत तत्काल दर्ज कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वरासत न होने से परिवार के कई राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, आरोपों पर संबंधित लेखपाल ने सफाई देते हुए कहा कि उनके पास इस संबंध में कोई आवेदन नहीं आया है और रुपये मांगने का आरोप पूरी तरह निराधार है।
संपूर्ण समाधान दिवस के दिवसाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच राजस्व निरीक्षक को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।