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सर देखिए, मेरी गोद में छोटा बच्चा है, ड्यूटी कैसे करूंगी
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सर देखिए, मेरी गोद में छोटा बच्चा है, ड्यूटी कैसे करूंगी
-गोद में बच्चों को लेकर चुनाव ड्यूटी कटवाने पहुंची महिलाएं
सिद्धार्थनगर। सर देखिए, मेरा बच्चा छोटा है, जैसे ही मुझसे दूर होगा तो रोएगा। इसके पापा की भी चुनाव ड्यूटी लगी है, घर में इसे कोई संभाल नहीं सकता। मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में शुक्रवार को गोद में बच्चों को लेकर पहुंची महिलाओं ने चुनाव ड्यूटी काटने के लिए इस तरह की गुहार लगाई, लेकिन उनकी ड्यूटी ही काटी गई, जो वास्तव में ड्यूटी के कारण ज्यादा परेशानी में पड़ सकती हैं।
सामान्य तौर पर विकास भवन में बड़ों के कारण हलचल रहती है, लेकिन शुक्रवार को लोगों की नजर खेलते-कूदते बच्चों पर पड़ रही थी। 400 से अधिक लोग ड्यूटी कटवाने के लिए जिला विकास अधिकारी शेष मणि सिंह के समक्ष प्रस्तुत हुए। उन्होंने जिनके आवेदन को वापस कर दिया, वे मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे। मुख्य विकास अधिकारी प्रेक्षक के साथ बैठक में व्यस्त थे तो महिला कर्मियों ने काफी समय तक उनका इंतजार किया।
जिन लोगों की गोद में एक वर्ष से कम उम्र का बच्चा था और उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया तो उनकी ड्यूटी काट दी गई, लेकिन इससे अधिक उम्र के बच्चों के साथ पहुंची महिलाओं को निराश होना पड़ा। इसी प्रकार गर्भवती व बीमार महिलाओं को डॉक्टर की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया गया, जबकि सास व ससुर की बीमारी बताने वाले लोग भी निवेदन करते नजर आए। शनिवार को 172 लोगों की चुनाव ड्यूटी काटी गई। मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि जिनकी समस्या जायज है, उन्हें चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया गया है। बहाना करने वाले लोगों को ड्यूटी से मुक्त नहीं किया जाएगा।
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मेडिकल बोर्ड के समक्ष भेजा गया
मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में बीमारी के आधार पर चुनाव ड्यूटी काटने का आवेदन करने वाले लोगों संयुक्त जिला चिकित्सालय में मेडिकल बोर्ड के समक्ष भेजा गया। तीन डॉक्टरों के पैनल ने जांच के आधार जिन्हें अनफिट घोषित किया, उनकी ही ड्यूटी काटी गई। आर्थो सर्जन डॉ. विमल द्विवेदी ने बताया कि बोर्ड के समक्ष 100 से अधिक आवेदक पहुंचे, जिसमें 70 प्रतिशत लोग बीमार मिले, उनके अनफिट होने की रिपोर्ट लगाई गई।
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-गोद में बच्चों को लेकर चुनाव ड्यूटी कटवाने पहुंची महिलाएं
सिद्धार्थनगर। सर देखिए, मेरा बच्चा छोटा है, जैसे ही मुझसे दूर होगा तो रोएगा। इसके पापा की भी चुनाव ड्यूटी लगी है, घर में इसे कोई संभाल नहीं सकता। मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में शुक्रवार को गोद में बच्चों को लेकर पहुंची महिलाओं ने चुनाव ड्यूटी काटने के लिए इस तरह की गुहार लगाई, लेकिन उनकी ड्यूटी ही काटी गई, जो वास्तव में ड्यूटी के कारण ज्यादा परेशानी में पड़ सकती हैं।
सामान्य तौर पर विकास भवन में बड़ों के कारण हलचल रहती है, लेकिन शुक्रवार को लोगों की नजर खेलते-कूदते बच्चों पर पड़ रही थी। 400 से अधिक लोग ड्यूटी कटवाने के लिए जिला विकास अधिकारी शेष मणि सिंह के समक्ष प्रस्तुत हुए। उन्होंने जिनके आवेदन को वापस कर दिया, वे मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे। मुख्य विकास अधिकारी प्रेक्षक के साथ बैठक में व्यस्त थे तो महिला कर्मियों ने काफी समय तक उनका इंतजार किया।
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जिन लोगों की गोद में एक वर्ष से कम उम्र का बच्चा था और उन्होंने जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया तो उनकी ड्यूटी काट दी गई, लेकिन इससे अधिक उम्र के बच्चों के साथ पहुंची महिलाओं को निराश होना पड़ा। इसी प्रकार गर्भवती व बीमार महिलाओं को डॉक्टर की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया गया, जबकि सास व ससुर की बीमारी बताने वाले लोग भी निवेदन करते नजर आए। शनिवार को 172 लोगों की चुनाव ड्यूटी काटी गई। मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि जिनकी समस्या जायज है, उन्हें चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया गया है। बहाना करने वाले लोगों को ड्यूटी से मुक्त नहीं किया जाएगा।
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मेडिकल बोर्ड के समक्ष भेजा गया
मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में बीमारी के आधार पर चुनाव ड्यूटी काटने का आवेदन करने वाले लोगों संयुक्त जिला चिकित्सालय में मेडिकल बोर्ड के समक्ष भेजा गया। तीन डॉक्टरों के पैनल ने जांच के आधार जिन्हें अनफिट घोषित किया, उनकी ही ड्यूटी काटी गई। आर्थो सर्जन डॉ. विमल द्विवेदी ने बताया कि बोर्ड के समक्ष 100 से अधिक आवेदक पहुंचे, जिसमें 70 प्रतिशत लोग बीमार मिले, उनके अनफिट होने की रिपोर्ट लगाई गई।