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Siddharthnagar News: पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन पर धमकी देने व अपमानित करने का आरोप
Tue, 07 Nov 2023 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 07 Nov 2023 01:07 AM IST
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का शिकायती पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता जितेंद्र सिंह पर विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्पीड़न करने, निलंबित करने की धमकी देने और अपमानित करने का आरोप लग रहा है। विभागीय कर्मियों का अधीक्षण अभियंता बस्ती के नाम से भेजा गया शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, विभागीय अधिकारियों ने इस तरह का पत्र भेजे जाने का खंडन किया है।
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे पत्र में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता पर शाम पांच बजे के बाद रात नौ बजे तक कार्यालय खोलवाकर कार्य कराने एवं आवास पर बुलाकर कार्य कराने का आरोप लगा है। पत्र में ठेकेदारों के सामने कर्मचारियों एवं अधिकारियों को बुलाकर निलंबित कराने व सेवा पुस्तिका खराब करने की धमकी देने के अलावा सभी को एक साथ कक्ष में बुलाकर खड़े रखकर अपमानित करने का आरोप लगाए गए हैं।
सभी स्टाफ को मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि अगर इस स्थिति में किसी अधिकारी एवं कर्मचारी के साथ कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता जितेंद्र सिंह की होगी।
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उन्होंने इस उत्पीड़न से राजकीय कार्य करने में परेशानी होने की बात कही है। साथ ही अधीक्षण अभियंता से मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
वायरल पत्र में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एई मनीष कुमार सिंह, जेई अनुराग यादव, यादवेंद्र यादव, सुधीर कुमार, सुरेश प्रसाद, विश्वास यादव, चंद्रसेन सिंह, मनोज पासवान, अशोक कुमार चौधरी, तैयब अंसारी आदि अधिकारियों व कर्मचारियों के हस्ताक्षर हैं।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता जितेंद्र सिंह के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
फर्जी है वायरल शिकायती पत्र
पीडब्ल्यूडी के एई मनीष कुमार सिंह का कहना है कि वायरल शिकायती पत्र फर्जी है। इसका एक हिस्सा आराेप है। दूसरा हिस्सा जो जोड़ा गया है, वह संगठन की बैठक में किए गए हस्ताक्षर की प्रति है। पीडब्ल्यूडी जेई व डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के जनपद सचिव अनुराग यादव का कहना है कि अधिशासी अभियंता के विरुद्ध सोशल मीडिया पर वायरल शिकायती पत्र फर्जी है। पत्र का हस्ताक्षर वाला हिस्सा विभागीय बैठक की उपस्थिति से संबंधित है। उन्होंने अधीक्षण अभियंता बस्ती को पत्र भेजकर वायरल पत्र की निंदा करते हुए मामले को समाप्त करने का आग्रह किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता जितेंद्र सिंह पर विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्पीड़न करने, निलंबित करने की धमकी देने और अपमानित करने का आरोप लग रहा है। विभागीय कर्मियों का अधीक्षण अभियंता बस्ती के नाम से भेजा गया शिकायती पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, विभागीय अधिकारियों ने इस तरह का पत्र भेजे जाने का खंडन किया है।
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे पत्र में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता पर शाम पांच बजे के बाद रात नौ बजे तक कार्यालय खोलवाकर कार्य कराने एवं आवास पर बुलाकर कार्य कराने का आरोप लगा है। पत्र में ठेकेदारों के सामने कर्मचारियों एवं अधिकारियों को बुलाकर निलंबित कराने व सेवा पुस्तिका खराब करने की धमकी देने के अलावा सभी को एक साथ कक्ष में बुलाकर खड़े रखकर अपमानित करने का आरोप लगाए गए हैं।
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सभी स्टाफ को मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि अगर इस स्थिति में किसी अधिकारी एवं कर्मचारी के साथ कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता जितेंद्र सिंह की होगी।
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उन्होंने इस उत्पीड़न से राजकीय कार्य करने में परेशानी होने की बात कही है। साथ ही अधीक्षण अभियंता से मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
वायरल पत्र में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एई मनीष कुमार सिंह, जेई अनुराग यादव, यादवेंद्र यादव, सुधीर कुमार, सुरेश प्रसाद, विश्वास यादव, चंद्रसेन सिंह, मनोज पासवान, अशोक कुमार चौधरी, तैयब अंसारी आदि अधिकारियों व कर्मचारियों के हस्ताक्षर हैं।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता जितेंद्र सिंह के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
फर्जी है वायरल शिकायती पत्र
पीडब्ल्यूडी के एई मनीष कुमार सिंह का कहना है कि वायरल शिकायती पत्र फर्जी है। इसका एक हिस्सा आराेप है। दूसरा हिस्सा जो जोड़ा गया है, वह संगठन की बैठक में किए गए हस्ताक्षर की प्रति है। पीडब्ल्यूडी जेई व डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के जनपद सचिव अनुराग यादव का कहना है कि अधिशासी अभियंता के विरुद्ध सोशल मीडिया पर वायरल शिकायती पत्र फर्जी है। पत्र का हस्ताक्षर वाला हिस्सा विभागीय बैठक की उपस्थिति से संबंधित है। उन्होंने अधीक्षण अभियंता बस्ती को पत्र भेजकर वायरल पत्र की निंदा करते हुए मामले को समाप्त करने का आग्रह किया है।