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आईए करें रक्तदान, बचाएं दूसरों की जान
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विश्व रक्तदान दिवस आज
आइए करें रक्तदान, बचाएं दूसरों की जान
कोई 30 बार तो कोई 20 बार रक्तदान कर चुके हैं
रक्तदाताओं की अपील शिविर में आकर करें रक्तदान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रक्तदान महादान है, एक इंसान के रक्त से दूसरे को नई जिंदगी मिलती है। सोमवार को विश्व रक्तदान दिवस है। नि:स्वार्थ भाव से रक्तदान करते चले आ रहे रक्तदाताओं ने अपील की है की आइए रक्तदान करके दूसरों की जान बचाने का संकल्प लें। यह उन महादानियों की अपील है, जो अनजान लोगों की जिंदगी बचाने के लिए लगातार रक्तदान करें आ रहे हैं। एक या दो बार नहीं, बल्कि किसी ने 30 बार तो किसी ने 20 बार रक्तदान किया है। उनका कहना है कि यह उनके जीवन का हिस्सा है, जब तक स्वस्थ रहेंगे, निरंतर रक्तदान करते रहेंगे। 14 को विश्व रक्तदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। रक्त की जरूरत तो सभी को है, लेकिन आज भी कुछ लोगों में रक्तदान को लेकर भ्रांतियां हैं। लोग खून देने से हिचकते हैं। मगर उसी समाज में ऐेसे भी लोग हैं, जो नि:स्वार्थ रक्तदान करते हैं। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विश्व रक्तदान दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें कोई भी स्वस्थ नागरिक रक्तदान कर सकता है।
जीवन बचना जिंदगी मकसद
बांसी क्षेत्र के रहने वाले बृजेश चौबे जिले में सबसे अधिक रक्तदान करने वालों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एक इंसान दूसरे की मदद करनी चाहिए। अगर आपका खून किसी की जिंदगी को बचा सकता है तो उसे देने में क्या हर्ज है। उन्होंने बताया कि अब तक वह 30 बार रक्तदान कर चुके हैं। बिना डरें रक्तदान करें।
जब तक रहेंगे स्वस्थ करेंगे रक्तदान
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में कार्यरत डॉ. आरपी मौर्य अब तक 20 बार रक्तदान कर चुके हैं। जिले में पांच बार, जबकि 15 बार उससे पहले वह रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हर स्वस्थ नागरिक जिसकी उम्र 18 से 60 वर्ष की बीच का हो, वह रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने से शरीर में किसी प्रकार का विकार नहीं रहता है। रक्तदान से रक्त कोशिकाओं में नवीनता आती है।
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साल में तीन बार करते हैं रक्तदान
खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र के शिक्षक राय बहादुर चौधरी हर तीन माह पर रक्तदान करते हैं। ब्लड बैंक से जुड़े कर्मी के अनुसार समय पूरा होते ही खुद ब्लड बैंक पर पहुंचते हैं और ब्लड डोनेट करके चले जाते हैं। अब तक 17 बार रक्तदान कर चुके हैं। इसी प्रकार कीर्ति प्रजापति अब तक चार बार रक्तदान कर चुके हैं। वह जब किसी की जरूरत पड़ती है संदेश मिलते ही रक्तदान करने चले आते हैं।
इतने यूनिट हर वर्ष लगता है रक्त
ब्लड बैंक पर गौर करें तो एक तो प्रतिवर्ष 1800 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है। इसमें लगभग 600 यूनिट ब्लड एसएसबी, नामित संस्था और कुछ रक्तदाता रक्तदान करके जाते हैं। जबकि 1200 यूनिट ब्लॅड एक्सचेंज होता है। हर माह लगभग 150 यूनिट की जरूरत पड़ती है। इसमें अगर कम होता है तो बस्ती और संतकबीरनगर ब्लड बैंक से खून मंगाया जाता है। वहीं अगर अधिक रहता है और उसकी 35 दिन की अवधि पूरी होने वाली होती है तो यहां से बस्ती और संतकबीरनगर भेज दिया जाता है।
रक्तदान के लिए लें संकल्प
अमर उजाला फाउंडेशन एवं सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की ओर से विश्व रक्तदान दिवस सोमवार दोपहर 12 बजे रक्तदान संकल्प एवं ऑनलाइन व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित होगा। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने बताया कि कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे शिक्षकों-कर्मचारियों, एनएसएस एवं एनसीसी कैडेट्स को रक्तदान करने का संकल्प दिलाएंगे। कोरोना टीका लगवा चुके लोग तत्काल रक्तदान नहीं कर सकते हैं, इसलिए सभी लोगों का ब्लड ग्रुप जांच कर स्वास्थ्य विभाग को रक्तदान के इच्छुक लोगों की सूची सौंपी जाएगी। इस मौके पर गुरु श्री गोरक्षनाथ चिकित्सालय गोरखपुर के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अवधेश अग्रवाल का ऑनलाइन व्याख्यान होगा। वे रक्तदान से शरीर को होने वाले फायदे की जानकारी देंगे। सिविवि के राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक डॉ. पूर्णेश नारायण सिंह अतिथियों का स्वागत करेंगे।
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आइए करें रक्तदान, बचाएं दूसरों की जान
कोई 30 बार तो कोई 20 बार रक्तदान कर चुके हैं
रक्तदाताओं की अपील शिविर में आकर करें रक्तदान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। रक्तदान महादान है, एक इंसान के रक्त से दूसरे को नई जिंदगी मिलती है। सोमवार को विश्व रक्तदान दिवस है। नि:स्वार्थ भाव से रक्तदान करते चले आ रहे रक्तदाताओं ने अपील की है की आइए रक्तदान करके दूसरों की जान बचाने का संकल्प लें। यह उन महादानियों की अपील है, जो अनजान लोगों की जिंदगी बचाने के लिए लगातार रक्तदान करें आ रहे हैं। एक या दो बार नहीं, बल्कि किसी ने 30 बार तो किसी ने 20 बार रक्तदान किया है। उनका कहना है कि यह उनके जीवन का हिस्सा है, जब तक स्वस्थ रहेंगे, निरंतर रक्तदान करते रहेंगे। 14 को विश्व रक्तदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। रक्त की जरूरत तो सभी को है, लेकिन आज भी कुछ लोगों में रक्तदान को लेकर भ्रांतियां हैं। लोग खून देने से हिचकते हैं। मगर उसी समाज में ऐेसे भी लोग हैं, जो नि:स्वार्थ रक्तदान करते हैं। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विश्व रक्तदान दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें कोई भी स्वस्थ नागरिक रक्तदान कर सकता है।
जीवन बचना जिंदगी मकसद
बांसी क्षेत्र के रहने वाले बृजेश चौबे जिले में सबसे अधिक रक्तदान करने वालों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एक इंसान दूसरे की मदद करनी चाहिए। अगर आपका खून किसी की जिंदगी को बचा सकता है तो उसे देने में क्या हर्ज है। उन्होंने बताया कि अब तक वह 30 बार रक्तदान कर चुके हैं। बिना डरें रक्तदान करें।
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जब तक रहेंगे स्वस्थ करेंगे रक्तदान
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में कार्यरत डॉ. आरपी मौर्य अब तक 20 बार रक्तदान कर चुके हैं। जिले में पांच बार, जबकि 15 बार उससे पहले वह रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हर स्वस्थ नागरिक जिसकी उम्र 18 से 60 वर्ष की बीच का हो, वह रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने से शरीर में किसी प्रकार का विकार नहीं रहता है। रक्तदान से रक्त कोशिकाओं में नवीनता आती है।
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साल में तीन बार करते हैं रक्तदान
खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र के शिक्षक राय बहादुर चौधरी हर तीन माह पर रक्तदान करते हैं। ब्लड बैंक से जुड़े कर्मी के अनुसार समय पूरा होते ही खुद ब्लड बैंक पर पहुंचते हैं और ब्लड डोनेट करके चले जाते हैं। अब तक 17 बार रक्तदान कर चुके हैं। इसी प्रकार कीर्ति प्रजापति अब तक चार बार रक्तदान कर चुके हैं। वह जब किसी की जरूरत पड़ती है संदेश मिलते ही रक्तदान करने चले आते हैं।
इतने यूनिट हर वर्ष लगता है रक्त
ब्लड बैंक पर गौर करें तो एक तो प्रतिवर्ष 1800 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है। इसमें लगभग 600 यूनिट ब्लड एसएसबी, नामित संस्था और कुछ रक्तदाता रक्तदान करके जाते हैं। जबकि 1200 यूनिट ब्लॅड एक्सचेंज होता है। हर माह लगभग 150 यूनिट की जरूरत पड़ती है। इसमें अगर कम होता है तो बस्ती और संतकबीरनगर ब्लड बैंक से खून मंगाया जाता है। वहीं अगर अधिक रहता है और उसकी 35 दिन की अवधि पूरी होने वाली होती है तो यहां से बस्ती और संतकबीरनगर भेज दिया जाता है।
रक्तदान के लिए लें संकल्प
अमर उजाला फाउंडेशन एवं सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की ओर से विश्व रक्तदान दिवस सोमवार दोपहर 12 बजे रक्तदान संकल्प एवं ऑनलाइन व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित होगा। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने बताया कि कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे शिक्षकों-कर्मचारियों, एनएसएस एवं एनसीसी कैडेट्स को रक्तदान करने का संकल्प दिलाएंगे। कोरोना टीका लगवा चुके लोग तत्काल रक्तदान नहीं कर सकते हैं, इसलिए सभी लोगों का ब्लड ग्रुप जांच कर स्वास्थ्य विभाग को रक्तदान के इच्छुक लोगों की सूची सौंपी जाएगी। इस मौके पर गुरु श्री गोरक्षनाथ चिकित्सालय गोरखपुर के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अवधेश अग्रवाल का ऑनलाइन व्याख्यान होगा। वे रक्तदान से शरीर को होने वाले फायदे की जानकारी देंगे। सिविवि के राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक डॉ. पूर्णेश नारायण सिंह अतिथियों का स्वागत करेंगे।