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Siddharthnagar News: मेडिकल कॉलेज में आधे से भी कम हो गए डॉक्टर
Sat, 11 Mar 2023 10:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 11 Mar 2023 10:58 PM IST
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी डॉक्टर आधे से भी कम हो गए हैं। इस स्थिति में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की टीम के निरीक्षण में जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। डॉक्टरों की कमी से चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय सत्र की कक्षाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। पहले सत्र में स्वीकृत 53 पद हैं, जिनमें 25 पदों पर नियुक्ति है, जबकि 28 पद रिक्त हैं। फैकल्टी डॉक्टरों में 13 नियमित हैं और 12 डॉक्टर संविदा पर पदस्थ हैं। नए सत्र में फैकल्टी के करीब 20 पद और बढ़ जाएंगे। डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने विज्ञापन प्रकाशित किया है। एनएमसी के मानक के अनुसार फैकल्टी डॉक्टरों के पद 90 प्रतिशत भरे होने चाहिए। डॉक्टरों की संख्या 50 प्रतिशत से कम होना अधिकारियों के लिए भी चिंता का विषय है।
एमबीबीएस द्वितीय सत्र में पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्मोकाेलॉजी और फोरेंसिक मेडिसिन की पढ़ाई होनी है। फोरेंसिक मेडिसिन और फार्मोकाेलॉजी के विषय विशेषज्ञ फैकल्टी डॉक्टर नहीं हैं। हालांकि, मेडिकल कॉलेज ने डॉक्टरों की तैनाती तक ट्वीटर के माध्यम से कक्षाएं संचालित कराने की योजना बनाई है। सीनियर रेजीडेंट के 24 में तीन पद रिक्त हैं, जबकि जूनियर रेजीडेंट के सभी 50 पद भरे हुए हैं।
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... और कम होते गए डॉक्टर
एमबीबीएस प्रथम सत्र में फैकल्टी डॉक्टरों की संख्या 48 हो गई थी, लेकिन अब 25 डॉक्टर ही हैं। बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज में बॉयोमैट्रिक अटेंडेंस लागू होने और प्राइवेट प्रैक्टिस पर प्रतिबंध होने के कारण डॉक्टर छोड़ते गए, जबकि शहर में अच्छे होटल, स्कूल और सिनेमा हाल सहित अन्य संसाधनों के अभाव में भी डॉक्टरों के नौकरी छोड़ देने की चर्चा है।
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वर्जन--
मेडिकल कॉलेज में स्थायी डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। 62 पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित हुआ है, जिसमें 75 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिन पदों पर स्थायी डॉक्टर नियुक्ति हो जाएंगे, उनके अतिरिक्त शेष पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की जाएगी। जल्द ही फैकल्टी डॉक्टरों के पद बढ़ जाएंगे। -डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य
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मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय सत्र की कक्षाएं शुरू हो गई हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। पहले सत्र में स्वीकृत 53 पद हैं, जिनमें 25 पदों पर नियुक्ति है, जबकि 28 पद रिक्त हैं। फैकल्टी डॉक्टरों में 13 नियमित हैं और 12 डॉक्टर संविदा पर पदस्थ हैं। नए सत्र में फैकल्टी के करीब 20 पद और बढ़ जाएंगे। डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने विज्ञापन प्रकाशित किया है। एनएमसी के मानक के अनुसार फैकल्टी डॉक्टरों के पद 90 प्रतिशत भरे होने चाहिए। डॉक्टरों की संख्या 50 प्रतिशत से कम होना अधिकारियों के लिए भी चिंता का विषय है।
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एमबीबीएस द्वितीय सत्र में पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्मोकाेलॉजी और फोरेंसिक मेडिसिन की पढ़ाई होनी है। फोरेंसिक मेडिसिन और फार्मोकाेलॉजी के विषय विशेषज्ञ फैकल्टी डॉक्टर नहीं हैं। हालांकि, मेडिकल कॉलेज ने डॉक्टरों की तैनाती तक ट्वीटर के माध्यम से कक्षाएं संचालित कराने की योजना बनाई है। सीनियर रेजीडेंट के 24 में तीन पद रिक्त हैं, जबकि जूनियर रेजीडेंट के सभी 50 पद भरे हुए हैं।
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... और कम होते गए डॉक्टर
एमबीबीएस प्रथम सत्र में फैकल्टी डॉक्टरों की संख्या 48 हो गई थी, लेकिन अब 25 डॉक्टर ही हैं। बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज में बॉयोमैट्रिक अटेंडेंस लागू होने और प्राइवेट प्रैक्टिस पर प्रतिबंध होने के कारण डॉक्टर छोड़ते गए, जबकि शहर में अच्छे होटल, स्कूल और सिनेमा हाल सहित अन्य संसाधनों के अभाव में भी डॉक्टरों के नौकरी छोड़ देने की चर्चा है।
वर्जन
मेडिकल कॉलेज में स्थायी डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। 62 पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित हुआ है, जिसमें 75 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिन पदों पर स्थायी डॉक्टर नियुक्ति हो जाएंगे, उनके अतिरिक्त शेष पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की जाएगी। जल्द ही फैकल्टी डॉक्टरों के पद बढ़ जाएंगे। -डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य