फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Names have to be mapped... People are worried about the family register.

Siddharthnagar News: मैप कराना है नाम... परिवार रजिस्टर के लिए लोग परेशान

Wed, 02 Sep 2026 03:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 02 Sep 2026 03:00 AM IST
विज्ञापन
Names have to be mapped... People are worried about the family register.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने और 2003 की मतदाता सूची से अपने नाम की मैपिंग कराने के लिए लोग परिवार रजिस्टर की नकल निकलवाने की कवायद में जुट गए हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर) के तहत जारी 13 अनिवार्य अभिलेख में शामिल परिवार रजिस्टर ऐसा साक्ष्य है जो आसानी से मिलने के साथ ही मजबूत साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
ऐसे में 14 ब्लॉकों में परिवार रजिस्टर की नकल के लिए एकाएक आवेदन की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली है। रोजाना कम से कम 10 आवेदन आ रहे हैं। वहीं, इसकी पेंडेंसी भी लगातार बढ़ रही है। ब्लॉक कार्यालयों में सुबह से शाम तक लाइनें लगी हैं, लेकिन आवेदन के बाद भी नकल मिलने का रास्ता आसान नहीं है।
विज्ञापन

जानकारों के मुताबिक, परिवार रजिस्टर की नकल सरल और परिवार के पूरे शजरे वाला अभिलेख है, इसलिए लोग परिवार रजिस्टर के लिए ब्लॉकों पर आवेदन करने में जुट गए। अब हालात यह है कि ब्लॉक कार्यालयों में आवेदन करने के बाद लोग रोजाना चक्कर लगा रहे हैं। किसी को बताया जा रहा है कि परिवार रजिस्टर अपडेट नहीं है तो कहीं पुराने रिकॉर्ड डिजिटल नहीं होने की बात कही जा रही है। कई मामलों में एक ही परिवार के नाम अलग-अलग रजिस्टरों में अलग वर्तनी से दर्ज हैं। ऐसे में सत्यापन में परेशानी और देरी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों का कहना है कि आवेदन तो ले लिया गया लेकिन नकल कब मिलेगी, इसकी कोई तारीख बताने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ब्लॉक में काम करने वाले कर्मचारी और ग्राम पंचायत सचिव की मानें तो हर ब्लॉक में इस समय 500 से 800 तक आवेदन पेंडिंग हैं। विभागीय लोगों के मानें तो कर्मचारी सीमित हैं जबकि आवेदन रोज बढ़ रहे हैं। एसआईआर के लिए तय समय सीमा बार-बार बदले जाने से लोगों में डर बैठ गया है कि कहीं अचानक आवेदन की प्रक्रिया बंद न हो जाए। यही वजह है कि लोग एक साथ ब्लॉक चक्कर लगा रहे हैं। उनका यह अभी कहना है कि एकाएक इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आ रहे हैं। बिना जांच किए जारी कर देना और रिपोर्ट लगा देने की स्थिति में नौकरी पर भी संकट आ सकता है, इसलिए रखने के बाद और पता करने के बाद ही निवास प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर के नकल को जारी किया जा सकता है।
क्यों जरूरी है परिवार रजिस्टर : सरकार की ओर से एसआईआर के लिए जिन 13 अभिलेखों को मान्य किया गया है, उनमें परिवार रजिस्टर को सबसे मजबूत साक्ष्य माना जा रहा है। इसमें नाम, पिता/पति का नाम, स्थायी निवास और पारिवारिक संबंध दर्ज होते हैं। यही कारण है कि अन्य दस्तावेज होने के बावजूद लोग परिवार रजिस्टर की नकल को “सेफ डॉक्यूमेंट” मानकर सबसे पहले बनवाने पहुंच रहे हैं।

ब्लॉक का हाल : बुजुर्ग आवेदक किशुन ने बताया0 नौगढ़ ब्लॉक से उनके परिवार रजिस्टर की नकल चाहिए। कभी बाबू साहब नहीं मिलते, कभी कहा जाता है रिकॉर्ड खोजा जा रहा है। बिना इस नकल के आगे काम ही नहीं बढ़ रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed