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Siddharthnagar News: टमाटर के बाद नींबू और मिर्च के भाव में उछाल
Sun, 13 Aug 2023 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 13 Aug 2023 12:09 AM IST
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नेपाल के मंडी में रखा टमाटर
सिद्धार्थनगर। महंगाई के कारण टमाटर के बाद अब नींबू व मिर्च भी लोगों की थाली से गायब होने लगा है। शनिवार को बिस्कोहर नगर के प्राइवेट बस अड्डे पर टमाटर खुदरा बाजार में दो सौ रुपये, मिर्च 80 रुपये व नींबू 100 रुपये किलो में बिका। सब्जी की ही तरह आटा व दाल का भाव भी इस समय चढ़ा हुआ है। इसलिए इस सब के लिए लोगों को अब ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है। महंगाई ने किचन का संतुलन पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। पहले सब्जी में केवल टमाटर के भाव ही आसमान पर थे। अब टमाटर को देख कर मिर्च, लहसुन व नींबू भी रंग बदलने लगा है। केवल एक सप्ताह के अंदर ही टमाटर दो सो रुपये किलो पहुंच गया है। जबकि सौ रुपए किलो की दर से बिकने वाला लहसुन अब दो सौ रुपए किलो में बिक रहा है। शनिवार को बिस्कोहर बाजार में मिर्च 80 रुपये किलो पहुंच गया। जबकि परवल 60 व गोभी का दाम 100 रुपये किलो था। यह सब सब्जी एक सप्ताह पहले मौजूदा मूल्य के आधा ही थीं। सब्जी की ही तरह राशन में भी महंगाई की मार है। शनिवार को दाल अरहर थोक में 140 रुपये प्रति किलो जबकि दाल उड़द 120 रुपये प्रति किलो, दाल मसूर 90 रुपये प्रति किलो में बिका। चावल मोटा जो पहले तीस रुपये किलो में बिक रहा था। वह 40 रुपये किलो पहुंच गया। महंगाई के चलते जहां पहले लोग सौ रुपये में दो वक्त की सब्जी खरीद कर लाते थे। अब इतने में एक वक्त का गुजारा भी मुश्किल हो गया है।
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पहले ठेले की शान था टमाटर व मिर्च
सब्जी की ज्यादातर आपूर्ति ठेले से ही होती है। सब्जी के साथ फ्री में मिर्च मांगना फैशन हो गया था। जिस ठेले पर मिर्च नहीं होता था। उस ठेले से गृहणियां सब्जी लेना पसंद नहीं करती थीं। यही हाल टमाटर का था। जिस ठेले पर चमकता लाल रंग वाला टमाटर दिखाई नहीं देता था। उस ठेले पर कोई सब्जी लेने नहीं रुकता था। अब दोनों के भाव इतने चढ़ गए है कि दोनों ठेले की पहुंच से बहुत दूर हो गए। बड़ी सब्जी के दुकानों पर भी यह दोनों एक कोने में बड़ी हिफाजत से रखे देखे जा रहे है।
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टमाटर के थोक व खुदरा मूल्य में 50 रुपये का अंतर
टमाटर का भाव क्या उछला मुनाफा खोरों की लॉटरी ही लग गई। शनिवार को पड़ोसी जनपद के उतरौला थोक मंडी में टमाटर 150 रुपये किलो था, जबकि खुदरा बाजार 200 का था। जबकि पहले जब टमाटर के दाम सामान्य था। उस समय थोक व खुदरा मूल्य में 20 रुपये का ही अंतर होता था।
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पहले ठेले की शान था टमाटर व मिर्च
सब्जी की ज्यादातर आपूर्ति ठेले से ही होती है। सब्जी के साथ फ्री में मिर्च मांगना फैशन हो गया था। जिस ठेले पर मिर्च नहीं होता था। उस ठेले से गृहणियां सब्जी लेना पसंद नहीं करती थीं। यही हाल टमाटर का था। जिस ठेले पर चमकता लाल रंग वाला टमाटर दिखाई नहीं देता था। उस ठेले पर कोई सब्जी लेने नहीं रुकता था। अब दोनों के भाव इतने चढ़ गए है कि दोनों ठेले की पहुंच से बहुत दूर हो गए। बड़ी सब्जी के दुकानों पर भी यह दोनों एक कोने में बड़ी हिफाजत से रखे देखे जा रहे है।
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टमाटर के थोक व खुदरा मूल्य में 50 रुपये का अंतर
टमाटर का भाव क्या उछला मुनाफा खोरों की लॉटरी ही लग गई। शनिवार को पड़ोसी जनपद के उतरौला थोक मंडी में टमाटर 150 रुपये किलो था, जबकि खुदरा बाजार 200 का था। जबकि पहले जब टमाटर के दाम सामान्य था। उस समय थोक व खुदरा मूल्य में 20 रुपये का ही अंतर होता था।
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