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Siddharthnagar News: अस्पताल में सुविधाओं का अभाव, रेफर हो रहे नवजात
Fri, 01 Sep 2023 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 01 Sep 2023 01:42 AM IST
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बेंवा सीएचसी का मिनी पीआईसीयू केंद्र।
सिद्धार्थनगर। प्रसव केंद्र में नवजात शिशुओं के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सुविधाओं के अभाव में नवजातों को रेफर कर दिया जा रहा है। डुमरियागंज ब्लॉक के बेंवा सीएचसी पर मिनी पीआईसीयू संचालित है, जो निशा मोहनी शर्मा स्टाफ नर्स व रीता दिवाकर स्टाफ नर्स की देखरेख में चलता है। लेकिन पूरी सुविधाएं नहीं हैं। प्रसव के बाद बच्चे अक्सर गंदा पानी पी लेते हैं तो उन्हें बस्ती रेफर कर दिया जाता है।
एक मामला डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम हल्लौर के मुन्ना रिज़्वी की पत्नी का प्रसव बुधवार की शाम को बेंवा स्थित एक निजी अस्पताल में हुआ। नवजात गंदा पानी पी लिया था। सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उसे बेवां सीएचसी रेफर कर दिया गया था। वहां सुविधा नहीं मिलने पर बस्ती रेफर किया गया। बस्ती पहुंचने पर पर बच्चे ने दम तोड़ दिया। बेंवा में मिनी पी आईसीयू होने के नाते डॉक्टर वहां भेजते हैं। बेंवा सीएचसी में सी पैप मशीन होती तो कई बच्चों की जान बच सकती है। इस संबंध में सीएचसी बेंवा अधीक्षक डॉ. श्रवण कुमार तिवारी ने बताया कि जब बच्चे पेट में गंदा पानी पी लेते हैं तो सांस फूलने लगती है और उसे कंट्रोल करने में सी पैप मशीन ही काम करती है। सी पैप मशीन के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। बाकी प्रसव व उससे संबंधित कोई कमी नहीं है।
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एक मामला डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम हल्लौर के मुन्ना रिज़्वी की पत्नी का प्रसव बुधवार की शाम को बेंवा स्थित एक निजी अस्पताल में हुआ। नवजात गंदा पानी पी लिया था। सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उसे बेवां सीएचसी रेफर कर दिया गया था। वहां सुविधा नहीं मिलने पर बस्ती रेफर किया गया। बस्ती पहुंचने पर पर बच्चे ने दम तोड़ दिया। बेंवा में मिनी पी आईसीयू होने के नाते डॉक्टर वहां भेजते हैं। बेंवा सीएचसी में सी पैप मशीन होती तो कई बच्चों की जान बच सकती है। इस संबंध में सीएचसी बेंवा अधीक्षक डॉ. श्रवण कुमार तिवारी ने बताया कि जब बच्चे पेट में गंदा पानी पी लेते हैं तो सांस फूलने लगती है और उसे कंट्रोल करने में सी पैप मशीन ही काम करती है। सी पैप मशीन के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। बाकी प्रसव व उससे संबंधित कोई कमी नहीं है।
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