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मरीज की मौत प्रकरण : जूनियर डॉक्टर व दो स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा समाप्त
Wed, 29 May 2024 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 29 May 2024 12:43 AM IST
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मरीज की मौत के मामले में जांच में मिली सत्यता हुई कार्रवाई
आठ दिन पहले माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में लापरवाही से चली गई थी मरीज की जान
उसी दिन नोटिस जारी करके मांगा गया था स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत के मामले में कॉलेज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही के मामले में उस वक्त ड्यूटी पर तैनात एक जूनियर डॉक्टर, एक वार्ड बॉय और एक स्टाफ नर्स की सेवा समाप्त कर दिया गया है। मामले की शिकायत होते ही प्रभारी सीएमएस ने उसी दिन नोटिस जारी करके जवाब मांगा था। इसके बाद मृतक के परिजनों ने जिलाधिकारी के समक्ष मामले को उठाते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसमें अभी एक और कार्रवाई होनी है, नोटिस का जवाब नहीं मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई, देर सबेर कार्रवाई तय है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में एक सप्ताह पहले इलाज कराने उसका थाना क्षेत्र के चनरैया गांव निवासी धनुषधारी मणि त्रिपाठी की हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज लाया गया। पूरे दिन इलाज चला, वह मेडिसिन वार्ड में भर्ती थे। परिवार के मुताबिक शुगर सहित अन्य प्रकार की समस्या थी। देर रात में ओवरडोज इंजेक्शन लगा देने के कारण तबीयत बिगड़ गई और जान चली गई थी। इस मामले में मृतक के छोटे भाई ने प्राचार्य व सीएमएस को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी।
प्रभारी सीएमएस डॉ. संजय कुमार शर्मा ने ड्यूटी तैनात जूनियर डॉक्टर और तीन स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा था। इसके बाद प्राचार्य डॉ. एके झा ने डॉक्टर को हटा दिया था। जबकि स्वास्थ्य कर्मियों से जवाब मांगा था। उधर, सोमवार को मृतक के परिवार के लोग जिलाधिकारी से मिले और मामले से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इधर नोटिस को संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और लापरवाही पाए जाने पर जूनियर डॉ. पुनीत जायसवाल, स्टाफ नर्स अतुल मिश्र व वार्ड बॉय अश्वनी की सेवा समाप्त कर दिया गया है। वहीं, एक अन्य स्टाफ नर्स का जवाब नहीं मिला है, मिलते ही उसकी भी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
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यह है घटनाक्रम
उसका थाना क्षेत्र के सोहांस गांव के टोला चनरैया निवासी रामदरस त्रिपाठी ने प्राचार्य व सीएमएस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि अपने बड़े भाई धनुसधारी त्रिपाठी सुबह तबीयत खराब होने के बाद जिला अस्पताल लेकर आए। यहां 10 बजे के लगभग इमरजेंसी दाखिल करवाया। रात में डॉक्टर अपने कक्ष में चल गए। ड्यूटी पर एक स्टाफ नर्स मौजूद था। रात में डॉक्टर के कहने पर इंसुलिन का ओवरडोज वार्ड बॉय ने लगा दिया। इसके बाद हालत और बिगड़ गई। दिए गए नंबर पर कॉल करने पर बंद कर दिया। इससे मरीज की मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्यकर्मियों पर नशे में होने का भी आरोप लगाया है। उसने मामले की जांच करके कार्रवाई की मांग की।
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मरीज की मौत के मामले में इलाज में लापरवाही सामने आई है। इसमें ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर, एक वार्ड बॉय, एक स्टाफ नर्स की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। अभी एक और कार्रवाई होगी, नोटिस का जवाब नहीं मिलने के कारण नहीं हुआ। मिलते ही कार्रवाई कर दी जाएगी।
-डॉ. एके झा, प्राचार्य माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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आठ दिन पहले माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में लापरवाही से चली गई थी मरीज की जान
उसी दिन नोटिस जारी करके मांगा गया था स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत के मामले में कॉलेज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही के मामले में उस वक्त ड्यूटी पर तैनात एक जूनियर डॉक्टर, एक वार्ड बॉय और एक स्टाफ नर्स की सेवा समाप्त कर दिया गया है। मामले की शिकायत होते ही प्रभारी सीएमएस ने उसी दिन नोटिस जारी करके जवाब मांगा था। इसके बाद मृतक के परिजनों ने जिलाधिकारी के समक्ष मामले को उठाते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इसमें अभी एक और कार्रवाई होनी है, नोटिस का जवाब नहीं मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई, देर सबेर कार्रवाई तय है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में एक सप्ताह पहले इलाज कराने उसका थाना क्षेत्र के चनरैया गांव निवासी धनुषधारी मणि त्रिपाठी की हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज लाया गया। पूरे दिन इलाज चला, वह मेडिसिन वार्ड में भर्ती थे। परिवार के मुताबिक शुगर सहित अन्य प्रकार की समस्या थी। देर रात में ओवरडोज इंजेक्शन लगा देने के कारण तबीयत बिगड़ गई और जान चली गई थी। इस मामले में मृतक के छोटे भाई ने प्राचार्य व सीएमएस को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी।
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प्रभारी सीएमएस डॉ. संजय कुमार शर्मा ने ड्यूटी तैनात जूनियर डॉक्टर और तीन स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा था। इसके बाद प्राचार्य डॉ. एके झा ने डॉक्टर को हटा दिया था। जबकि स्वास्थ्य कर्मियों से जवाब मांगा था। उधर, सोमवार को मृतक के परिवार के लोग जिलाधिकारी से मिले और मामले से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इधर नोटिस को संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और लापरवाही पाए जाने पर जूनियर डॉ. पुनीत जायसवाल, स्टाफ नर्स अतुल मिश्र व वार्ड बॉय अश्वनी की सेवा समाप्त कर दिया गया है। वहीं, एक अन्य स्टाफ नर्स का जवाब नहीं मिला है, मिलते ही उसकी भी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
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यह है घटनाक्रम
उसका थाना क्षेत्र के सोहांस गांव के टोला चनरैया निवासी रामदरस त्रिपाठी ने प्राचार्य व सीएमएस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि अपने बड़े भाई धनुसधारी त्रिपाठी सुबह तबीयत खराब होने के बाद जिला अस्पताल लेकर आए। यहां 10 बजे के लगभग इमरजेंसी दाखिल करवाया। रात में डॉक्टर अपने कक्ष में चल गए। ड्यूटी पर एक स्टाफ नर्स मौजूद था। रात में डॉक्टर के कहने पर इंसुलिन का ओवरडोज वार्ड बॉय ने लगा दिया। इसके बाद हालत और बिगड़ गई। दिए गए नंबर पर कॉल करने पर बंद कर दिया। इससे मरीज की मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्यकर्मियों पर नशे में होने का भी आरोप लगाया है। उसने मामले की जांच करके कार्रवाई की मांग की।
मरीज की मौत के मामले में इलाज में लापरवाही सामने आई है। इसमें ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर, एक वार्ड बॉय, एक स्टाफ नर्स की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। अभी एक और कार्रवाई होगी, नोटिस का जवाब नहीं मिलने के कारण नहीं हुआ। मिलते ही कार्रवाई कर दी जाएगी।
-डॉ. एके झा, प्राचार्य माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज