{"_id":"5f00791e8ebc3e42dc3a456d","slug":"jila-panchyat-mamala-siddharthnagar-news-gkp356906889","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहुमत की अनदेखी कर नहीं बुलाई जा रही बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहुमत की अनदेखी कर नहीं बुलाई जा रही बैठक
विज्ञापन
बहुमत की अनदेखी, नहीं बुलाई जा रही बैठक
टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने को जिला पंचायत सदस्यों ने पांचवें दिन दिया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। आधे से अधिक जिला पंचायत सदस्यों की मांग के बावजूद बहुमत की अनदेखी कर बैठक नहीं कराई जा रही है। ये बातें जिला पंचायत कार्यालय परिसर में पांचवें दिन शनिवार को भी बैठक बुलाने और टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने के लिए धरना दे रहे सदस्य परवेज अहमद ने कही। सदस्य अतहर अलीम और अब्दुल सलाम चौधरी ने कहा कि दो वर्षों से क्षेत्र में एक भी विकास कार्य नहीं हुआ, अब शुरू हुआ तो निर्वाचित की जगह पदेन सदस्यों के प्रस्ताव को टेंडर में शामिल किया गया। शैलेश और निरंकार सिंह का कहना था कि तीन सदस्यीय कमेटी और अपर मुख्य अधिकारी की मिलीभगत से टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की गई। इनके द्वारा मनमाना रवैया अपनाते हुए बहुमत की अनदेखी की जा रही है। त्रिस्तरीय कमेटी को तत्काल हटाया जाए और नए सिरे से टेंडर कराया जाए। महेंद्र प्रताप और ज्ञानमती ने कहा कि बार-बार मांग करने के बावजूद निर्धारित अवधि दो माह के अंदर जिला पंचायत की बैठक नहीं कराई जा रही। नियमों को दरकिनार कर कराया जा रहा टेंडर तत्काल निरस्त किया जाए और सदस्यों की उपेक्षा बंद हो। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष पूजा यादव, दिनेश यादव, जाकिर हुसेन, बद्रीनाथ गुप्ता, मोहम्मद जमाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने को जिला पंचायत सदस्यों ने पांचवें दिन दिया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। आधे से अधिक जिला पंचायत सदस्यों की मांग के बावजूद बहुमत की अनदेखी कर बैठक नहीं कराई जा रही है। ये बातें जिला पंचायत कार्यालय परिसर में पांचवें दिन शनिवार को भी बैठक बुलाने और टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने के लिए धरना दे रहे सदस्य परवेज अहमद ने कही। सदस्य अतहर अलीम और अब्दुल सलाम चौधरी ने कहा कि दो वर्षों से क्षेत्र में एक भी विकास कार्य नहीं हुआ, अब शुरू हुआ तो निर्वाचित की जगह पदेन सदस्यों के प्रस्ताव को टेंडर में शामिल किया गया। शैलेश और निरंकार सिंह का कहना था कि तीन सदस्यीय कमेटी और अपर मुख्य अधिकारी की मिलीभगत से टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की गई। इनके द्वारा मनमाना रवैया अपनाते हुए बहुमत की अनदेखी की जा रही है। त्रिस्तरीय कमेटी को तत्काल हटाया जाए और नए सिरे से टेंडर कराया जाए। महेंद्र प्रताप और ज्ञानमती ने कहा कि बार-बार मांग करने के बावजूद निर्धारित अवधि दो माह के अंदर जिला पंचायत की बैठक नहीं कराई जा रही। नियमों को दरकिनार कर कराया जा रहा टेंडर तत्काल निरस्त किया जाए और सदस्यों की उपेक्षा बंद हो। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष पूजा यादव, दिनेश यादव, जाकिर हुसेन, बद्रीनाथ गुप्ता, मोहम्मद जमाल आदि मौजूद रहे।