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जिला पंचायत सदस्य की बैठक फिर स्थगित, दो मंत्रियों के सामने पांच सदस्य हुए शामिल
Sat, 04 Jan 2020 10:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिद्धार्थनगर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2020 10:36 PM IST
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जिला पंचायत पर बोर्ड के बैठक में खाली रही सदस्यों की कुर्सी
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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कैबिनेट स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सतीश चंद्र द्विवेदी और त्रिस्तरीय कमेटी की देखरेख में होने वाली जिला पंचायत की बैठक शुरू होते ही खत्म हो गई। त्रिस्तरीय कमेटी को लेकर छह जिला पंचायत सदस्य बैठक में शामिल हुए, तो दोनों मंत्रियों के सामने मायूसी छा गई। यहां तक कि मंत्रियों ने यह भी कह डाला कि भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य कहां हैं। इस पर कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में बैठक स्थगित करते हुए 16 जनवरी को अगली बैठक का निर्णय लिया गया है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हटाने के लिए तमाम दिग्गज जुटे थे। लेकिन विपक्ष की गठजोड़ की वजह से वह सफल नहीं हो सके। अंत में मामला प्रशासन के पाले में गया, तो जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ जांच शुरू हुई। जांच के बाद मामला कोर्ट में चला गया। कोर्ट के आदेश पर त्रिस्तरीय कमेटी का गठन हुआ। इसमें जिला पंचायत सदस्य सुजाता सिंह, किसलावती व कुसुमलता को शामिल किया गया। इसके बाद कमेटी लगातार बैठकों के लिए प्रयास करती रही, लेकिन सफल नहीं हो सकी।
अंत में सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों का सहारा लिया गया तो किसी तरह शनिवार को बैठक हुई। इसमें कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सतीश द्विवेदी शामिल हुए। लेकिन बैठक में त्रिस्तरीय कमेटी के अलावा जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह, मो उमर और कांति शामिल रही। इसकी वजह से बैठक पर कोई बात नहीं बन पाई। ऐसे में बैठक को स्थगित करना पड़ा। इस दौरान बैठक में एडीएम सीताराम गुप्ता, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लवकुश ओझा, सांसद प्रतिनिधि रिंकू पाल, ब्लॉक प्रमुख मनोज मौर्या, पीडी संत कुमार आदि मौजूद रहे।
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प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हटाने के लिए तमाम दिग्गज जुटे थे। लेकिन विपक्ष की गठजोड़ की वजह से वह सफल नहीं हो सके। अंत में मामला प्रशासन के पाले में गया, तो जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ जांच शुरू हुई। जांच के बाद मामला कोर्ट में चला गया। कोर्ट के आदेश पर त्रिस्तरीय कमेटी का गठन हुआ। इसमें जिला पंचायत सदस्य सुजाता सिंह, किसलावती व कुसुमलता को शामिल किया गया। इसके बाद कमेटी लगातार बैठकों के लिए प्रयास करती रही, लेकिन सफल नहीं हो सकी।
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अंत में सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों का सहारा लिया गया तो किसी तरह शनिवार को बैठक हुई। इसमें कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सतीश द्विवेदी शामिल हुए। लेकिन बैठक में त्रिस्तरीय कमेटी के अलावा जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह, मो उमर और कांति शामिल रही। इसकी वजह से बैठक पर कोई बात नहीं बन पाई। ऐसे में बैठक को स्थगित करना पड़ा। इस दौरान बैठक में एडीएम सीताराम गुप्ता, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लवकुश ओझा, सांसद प्रतिनिधि रिंकू पाल, ब्लॉक प्रमुख मनोज मौर्या, पीडी संत कुमार आदि मौजूद रहे।
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