{"_id":"6536d04304374d9db80836b4","slug":"jharua-bridge-in-pending-siddharthnagar-news-c-7-gkp1031-346228-2023-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: मझधार में छोड़ दिया बानगंगा नदी पर बन रहा झरुआ पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: मझधार में छोड़ दिया बानगंगा नदी पर बन रहा झरुआ पुल
Tue, 24 Oct 2023 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 24 Oct 2023 01:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो- :बॉर्डर डेवलपमेंट योजना के तहत बन रहे बगुलहवा और झरुआ के बीच पुल का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
तुलसियापुर। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना बॉर्डर डेवलपमेंट सड़क के तहत बन रहे बगुलहवा और झरुआ के बीच पुल को आधे नदी में ही ले जाकर छोड़ दिया गया है। नदी पार कराने के लिए बन रहे पुल के मझधार में छोड़ देने से लोगों में नाराजगी व्याप्त है। क्षेत्रीय लोगों ने डीएम व विभागीय अधिकारियों से शीघ्र ही पुल निर्माण को पूरा करवाने की मांग की है।
भारत-नेपाल सीमावर्ती के बढ़नी क्षेत्र में बॉर्डर डेवलपमेंट सड़क योजना के तहत चौड़ी सड़क व पुल निर्माण कार्य सरहदी इलाके में पिछले कई वर्षों से चल रहा है। सड़क मार्ग में जगह-जगह पुल निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। बानगंगा नदी पर बगुलहवा और झरुआ के बीच बनाए गए पुल को आधे नदी में ही ले जाकर छोड़ दिया गया है। पुल नदी पार होने की बांट जोह रहा है। बानगंगा नदी के पूर्वी उत्तरी छोर पर बगुलहवा, अठकोनिया, डोहरिया खुर्द, इटवाभाट, गुजरौलिया, करहिया, महली, महला, पकडि़हवा आदि गांव से होते ही बजहा, बर्डपुर तक सड़क लगभग पूरी हो चुकी है। सरहदी इलाके के इस महत्वपूर्ण सड़क से लोगों का आवागमन भी हो रहा है।
क्षेत्र के ग्राम प्रधान विरेंद्र प्रताप जायसवाल, इजहार अली, नूर मोहम्मद, विंदेश्वरी, राम समुझ, घनश्याम मिश्रा का कहना है कि बॉर्डर डेवलपमेंट के इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण हो जाने से नागरिकों का आवागमन सुलभ हो सकेगा। साथ ही साथ देश सुरक्षा एवं निगरानी में भी इस मार्ग का बेहतर ढंग से सदुपयोग हो सकता है लेकिन विभाग को कम से कम चार पिलर और बढ़ाना चाहिए। ताकि बांध के बगल की गांव की सुरक्षा हो सके।
विज्ञापन
अगर पिलर नहीं बढ़ाया गया तो पुल का निर्माण अधूरा रह जाएगा। इससे झरुआ, कम्हारिया, भैलोजी, जुगडिहवा, बगुलुहवां के लोगों के लिए संकट होगा। ग्रामीणों ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से सरहदी इलाके में पकड़िहवा, खुनुवा बाजार, बानगंगा, धनौरा मुस्तहकम, कोटिया, लोहटी, महादेव बुजुर्ग व बढ़नी आदि स्थानों पर सशस्त्र सीमा बल का चेक पोस्ट भी स्थापित है। एसएसबी के जवान आसानी से इस मार्ग का उपयोग करते हुए सरहदी इलाकों की निगरानी भी बेहतर तरीके से कर सकते हैं। बानगंगा नदी के बगुलहवा पुल के अधर में होने की बात पर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने बताया जितनी रकम पुल निर्माण के लिए मिली थी, उतना पुल बना दिया गया है। अब आगे रकम मिलने पर ही पुल निर्माण का कार्य दूसरे छोर पर पूरा किया जा सकेगा। सड़क व पुल निर्माण की शिथिल गति राहगीरों व क्षेत्रवासियों के लिए समस्या बनी हुई है। लोगों को सुलभ मार्ग से आवागमन का सपना कब पूरा होगा। यह सवाल बना हुआ है।
इंडो-नेपाल बॉर्डर डेवलपमेंट के जेई संतोष कुमार ने बताया कि जब पुल निर्माण होने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, तब नदी दूसरे स्थान पर थी। अब नदी 25 मीटर कटान कर चुकी है। इसलिए पुल निर्माण पूरा नहीं हो सका। शीघ्र ही पुल निर्माण शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
तुलसियापुर। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना बॉर्डर डेवलपमेंट सड़क के तहत बन रहे बगुलहवा और झरुआ के बीच पुल को आधे नदी में ही ले जाकर छोड़ दिया गया है। नदी पार कराने के लिए बन रहे पुल के मझधार में छोड़ देने से लोगों में नाराजगी व्याप्त है। क्षेत्रीय लोगों ने डीएम व विभागीय अधिकारियों से शीघ्र ही पुल निर्माण को पूरा करवाने की मांग की है।
भारत-नेपाल सीमावर्ती के बढ़नी क्षेत्र में बॉर्डर डेवलपमेंट सड़क योजना के तहत चौड़ी सड़क व पुल निर्माण कार्य सरहदी इलाके में पिछले कई वर्षों से चल रहा है। सड़क मार्ग में जगह-जगह पुल निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। बानगंगा नदी पर बगुलहवा और झरुआ के बीच बनाए गए पुल को आधे नदी में ही ले जाकर छोड़ दिया गया है। पुल नदी पार होने की बांट जोह रहा है। बानगंगा नदी के पूर्वी उत्तरी छोर पर बगुलहवा, अठकोनिया, डोहरिया खुर्द, इटवाभाट, गुजरौलिया, करहिया, महली, महला, पकडि़हवा आदि गांव से होते ही बजहा, बर्डपुर तक सड़क लगभग पूरी हो चुकी है। सरहदी इलाके के इस महत्वपूर्ण सड़क से लोगों का आवागमन भी हो रहा है।
विज्ञापन
क्षेत्र के ग्राम प्रधान विरेंद्र प्रताप जायसवाल, इजहार अली, नूर मोहम्मद, विंदेश्वरी, राम समुझ, घनश्याम मिश्रा का कहना है कि बॉर्डर डेवलपमेंट के इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण हो जाने से नागरिकों का आवागमन सुलभ हो सकेगा। साथ ही साथ देश सुरक्षा एवं निगरानी में भी इस मार्ग का बेहतर ढंग से सदुपयोग हो सकता है लेकिन विभाग को कम से कम चार पिलर और बढ़ाना चाहिए। ताकि बांध के बगल की गांव की सुरक्षा हो सके।
विज्ञापन
अगर पिलर नहीं बढ़ाया गया तो पुल का निर्माण अधूरा रह जाएगा। इससे झरुआ, कम्हारिया, भैलोजी, जुगडिहवा, बगुलुहवां के लोगों के लिए संकट होगा। ग्रामीणों ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से सरहदी इलाके में पकड़िहवा, खुनुवा बाजार, बानगंगा, धनौरा मुस्तहकम, कोटिया, लोहटी, महादेव बुजुर्ग व बढ़नी आदि स्थानों पर सशस्त्र सीमा बल का चेक पोस्ट भी स्थापित है। एसएसबी के जवान आसानी से इस मार्ग का उपयोग करते हुए सरहदी इलाकों की निगरानी भी बेहतर तरीके से कर सकते हैं। बानगंगा नदी के बगुलहवा पुल के अधर में होने की बात पर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने बताया जितनी रकम पुल निर्माण के लिए मिली थी, उतना पुल बना दिया गया है। अब आगे रकम मिलने पर ही पुल निर्माण का कार्य दूसरे छोर पर पूरा किया जा सकेगा। सड़क व पुल निर्माण की शिथिल गति राहगीरों व क्षेत्रवासियों के लिए समस्या बनी हुई है। लोगों को सुलभ मार्ग से आवागमन का सपना कब पूरा होगा। यह सवाल बना हुआ है।
इंडो-नेपाल बॉर्डर डेवलपमेंट के जेई संतोष कुमार ने बताया कि जब पुल निर्माण होने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, तब नदी दूसरे स्थान पर थी। अब नदी 25 मीटर कटान कर चुकी है। इसलिए पुल निर्माण पूरा नहीं हो सका। शीघ्र ही पुल निर्माण शुरू किया जाएगा।