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Siddharthnagar News: खुले में रखी वस्तुओं को खाने से बढ़ रहे पीलिया के मरीज
Wed, 29 May 2024 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 29 May 2024 11:59 PM IST
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खुले में बिक रहे जूस, शिकंजी, लस्सी, गंदे बर्तनों के उपयोग से बढ़े केस
डॉक्टर बोले-बच्चों के लिए बचाव जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गर्मी में सड़क पर जगह-जगह जूस, फलों की चाट, लस्सी और शिकंजी धड़ल्ले से बिक रही है। लेकिन, खुली जगह पर बिक रहे ये पेय पदार्थ आपको बीमार कर सकते हैं। डॉक्टर बता रहे हैं कि गर्मी के कारण पीलिया के रोगी बढ़ने लगे हैं। खाने-पीने में साफ-सफाई का ध्यान न रखने से बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 10 से 15 मरीज इसी तरह के आ रहे है।
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में इस तरह के केश आने लगे है, उल्टी दश्त, बुखार आने पर डॉक्टर लोगों को ब्लड की जांच कराने की सलाह दे रहे है, जांच होने पर 10 में से दो से तीन मरीजों में पीलिया का लक्षण मिल रहा है, इसके चपेट में सबसे अधिक बच्चे आ रहे है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. फजल खान ने बताया कि गर्मी के दिनों में पसीना अधिक निकलने से लोग अक्सर सड़क पर बिक रहे ठंडे पेय पदार्थ, गन्ने आदि का जूस, फल, आइसक्रीम और भूख लगने पर फास्ट फूड खाते हैं। इसके बाद जहां-तहां बाल्टी, ड्रम या खुले में रखा पानी भी पीते हैं, इससे काफी हद तक पीलिया होने की संभावना बढ़ रही है। बच्चों की साफ-सफाई का ध्यान दें, बाहर की चीजें खाने और खिलाने से बचें।
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डॉक्टर की सलाह को मानें
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर गौरव दुबे ने कहा कि इन दिनों शरीर में पानी की कमी न होने दें। तला-भुना, फास्ट फूड, जंक फूड, खुले में कटे रखे फल, गंदे पानी में धुले बर्तनों का उपयोग न करें। बुखार आने पर खुद या मेडिकल स्टोर से लेकर कोई दवा न खाएं। डॉक्टर को दिखाकर ही दवा लें। बुखार न उतर रहा हो, तो डॉक्टर की सलाह लेकर जांच कराएं। जांच में पीलिया निकलने पर समय से दवा लें।
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ये हैं लक्षण
-आंखों के सफेद हिस्से का पीला दिखना।
- बुखार आना, भूख न लगना, जी मिचलाना।
- उल्टी होना, पेशाब पीला होना, कमजोरी लगना।
- पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में दर्द होना, थकान।
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ऐसे कर सकते हैं बचाव
-पीने वाले पानी को 20-30 मिनट उबालकर उपयोग करें।
- खाने वाली चीजों को ढककर रखें, साफ-सफाई रखें।
- खुले में बन रही लस्सी, शिकंजी, गन्ने या किसी फल जूस पीने से बचें।
- साफ पानी ही लें, गंदे हाथों से कुछ भी न खाएं, कटे फलों से दूर रहें।
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डॉक्टर बोले-बच्चों के लिए बचाव जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गर्मी में सड़क पर जगह-जगह जूस, फलों की चाट, लस्सी और शिकंजी धड़ल्ले से बिक रही है। लेकिन, खुली जगह पर बिक रहे ये पेय पदार्थ आपको बीमार कर सकते हैं। डॉक्टर बता रहे हैं कि गर्मी के कारण पीलिया के रोगी बढ़ने लगे हैं। खाने-पीने में साफ-सफाई का ध्यान न रखने से बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 10 से 15 मरीज इसी तरह के आ रहे है।
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में इस तरह के केश आने लगे है, उल्टी दश्त, बुखार आने पर डॉक्टर लोगों को ब्लड की जांच कराने की सलाह दे रहे है, जांच होने पर 10 में से दो से तीन मरीजों में पीलिया का लक्षण मिल रहा है, इसके चपेट में सबसे अधिक बच्चे आ रहे है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. फजल खान ने बताया कि गर्मी के दिनों में पसीना अधिक निकलने से लोग अक्सर सड़क पर बिक रहे ठंडे पेय पदार्थ, गन्ने आदि का जूस, फल, आइसक्रीम और भूख लगने पर फास्ट फूड खाते हैं। इसके बाद जहां-तहां बाल्टी, ड्रम या खुले में रखा पानी भी पीते हैं, इससे काफी हद तक पीलिया होने की संभावना बढ़ रही है। बच्चों की साफ-सफाई का ध्यान दें, बाहर की चीजें खाने और खिलाने से बचें।
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डॉक्टर की सलाह को मानें
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर गौरव दुबे ने कहा कि इन दिनों शरीर में पानी की कमी न होने दें। तला-भुना, फास्ट फूड, जंक फूड, खुले में कटे रखे फल, गंदे पानी में धुले बर्तनों का उपयोग न करें। बुखार आने पर खुद या मेडिकल स्टोर से लेकर कोई दवा न खाएं। डॉक्टर को दिखाकर ही दवा लें। बुखार न उतर रहा हो, तो डॉक्टर की सलाह लेकर जांच कराएं। जांच में पीलिया निकलने पर समय से दवा लें।
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ये हैं लक्षण
-आंखों के सफेद हिस्से का पीला दिखना।
- बुखार आना, भूख न लगना, जी मिचलाना।
- उल्टी होना, पेशाब पीला होना, कमजोरी लगना।
- पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में दर्द होना, थकान।
ऐसे कर सकते हैं बचाव
-पीने वाले पानी को 20-30 मिनट उबालकर उपयोग करें।
- खाने वाली चीजों को ढककर रखें, साफ-सफाई रखें।
- खुले में बन रही लस्सी, शिकंजी, गन्ने या किसी फल जूस पीने से बचें।
- साफ पानी ही लें, गंदे हाथों से कुछ भी न खाएं, कटे फलों से दूर रहें।