{"_id":"6a62675e32fc1f5f1c09b7da","slug":"indian-currency-notes-can-now-be-exchanged-in-nepal-siddharthnagar-news-c-7-1-gkp1039-1395440-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: अब नेपाल में बदल सकेंगे 200 और 500 के भारतीय नोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: अब नेपाल में बदल सकेंगे 200 और 500 के भारतीय नोट
Fri, 24 Jul 2026 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 24 Jul 2026 12:41 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर/खुनुवां। भारत से नेपाल आने-जाने वाले आम लोगों, पर्यटकों और व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर है। नेपाल राष्ट्र बैंक ने 200 और 500 रुपये के भारतीय नोट के आधिकारिक विनिमय (एक्सचेंज) की सुविधा शुरू करने का फैसला किया है। इससे सीमा पार यात्रा और व्यापार में भारतीयों को सहूलियत होगी।
नेपाल सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर में प्रति व्यक्ति 200 और 500 रुपये के 25 हजार तक के भारतीय नोट ले जाने की अनुमति दी थी। हालांकि, नेपाल राष्ट्र बैंक की ओर से इन नोटों के विनिमय की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। भारतीय पर्यटकों की बढ़ती संख्या और भारतीय मुद्रा के बढ़ते उपयोग को देखते हुए नेपाल राष्ट्र बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ विचार-विमर्श के बाद अब इन नोटों के आधिकारिक विनिमय की सुविधा शुरू कर दी है। इससे पहले पांच हजार अमेरिकी डॉलर के बराबर किसी भी देश की मुद्रा नेपाल ले जाने की छूट रही है।
नई व्यवस्था में नौ नवंबर 2016 के बाद जारी 200 और 500 रुपये के 25 हजार तक के भारतीय नोट ले जाने की सुविधा होगी। नेपाल राष्ट्र बैंक ने स्पष्ट किया है कि एक हजार और दो हजार रुपये के भारतीय नोटों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। सीमा क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से भारत-नेपाल सीमा से आवागमन करने वाले हजारों यात्रियों, पर्यटकों और छोटे कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही दोनों देशों के बीच वैध लेन-देन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
सीमावर्ती जिलों के लोगों को सबसे अधिक फायदा
विदेश मामलों के जानकार बताते हैं कि नेपाल के इस फैसले से भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों में व्यापार और आवाजाही आसान होगी। सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बहराइच, श्रावस्ती, पीलीभीत, चंपावत, पूर्वी चंपारण, अररिया और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। रोजाना इलाज, खरीदारी, धार्मिक यात्रा और छोटे कारोबार के लिए सीमा पार करने वाले लोगों को अब नकदी के लेन-देन में पहले जैसी परेशानी नहीं होगी। इससे सीमावर्ती बाजारों में कारोबार बढ़ने और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
-- -- -- -- -- -- -- --
इन्हें होगी सहूलियत
- नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटक।
- लुंबिनी, पशुपतिनाथ और जनकपुर जाने वाले श्रद्धालु।
- सीमावर्ती क्षेत्र के छोटे व्यापारी।
- इलाज के लिए आने-जाने वाले मरीज।
- नेपाल में पढ़ने वाले भारतीय छात्र।
- रोजाना सीमा पार करने वाले स्थानीय नागरिक।
विज्ञापन
नेपाल सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर में प्रति व्यक्ति 200 और 500 रुपये के 25 हजार तक के भारतीय नोट ले जाने की अनुमति दी थी। हालांकि, नेपाल राष्ट्र बैंक की ओर से इन नोटों के विनिमय की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। भारतीय पर्यटकों की बढ़ती संख्या और भारतीय मुद्रा के बढ़ते उपयोग को देखते हुए नेपाल राष्ट्र बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ विचार-विमर्श के बाद अब इन नोटों के आधिकारिक विनिमय की सुविधा शुरू कर दी है। इससे पहले पांच हजार अमेरिकी डॉलर के बराबर किसी भी देश की मुद्रा नेपाल ले जाने की छूट रही है।
विज्ञापन
नई व्यवस्था में नौ नवंबर 2016 के बाद जारी 200 और 500 रुपये के 25 हजार तक के भारतीय नोट ले जाने की सुविधा होगी। नेपाल राष्ट्र बैंक ने स्पष्ट किया है कि एक हजार और दो हजार रुपये के भारतीय नोटों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। सीमा क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से भारत-नेपाल सीमा से आवागमन करने वाले हजारों यात्रियों, पर्यटकों और छोटे कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही दोनों देशों के बीच वैध लेन-देन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
सीमावर्ती जिलों के लोगों को सबसे अधिक फायदा
विदेश मामलों के जानकार बताते हैं कि नेपाल के इस फैसले से भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों में व्यापार और आवाजाही आसान होगी। सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बहराइच, श्रावस्ती, पीलीभीत, चंपावत, पूर्वी चंपारण, अररिया और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। रोजाना इलाज, खरीदारी, धार्मिक यात्रा और छोटे कारोबार के लिए सीमा पार करने वाले लोगों को अब नकदी के लेन-देन में पहले जैसी परेशानी नहीं होगी। इससे सीमावर्ती बाजारों में कारोबार बढ़ने और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इन्हें होगी सहूलियत
- नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटक।
- लुंबिनी, पशुपतिनाथ और जनकपुर जाने वाले श्रद्धालु।
- सीमावर्ती क्षेत्र के छोटे व्यापारी।
- इलाज के लिए आने-जाने वाले मरीज।
- नेपाल में पढ़ने वाले भारतीय छात्र।
- रोजाना सीमा पार करने वाले स्थानीय नागरिक।