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क्रय केंद्रों की निष्क्रियता पर एसडीएम को मांगपत्र
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क्रय केंद्रों की निष्क्रियता पर एसडीएम को मांगपत्र
सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष ने आवाज उठाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष चमनआरा राईनी ने किसानों के साथ शुक्रवार को तहसील कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने सरकारी धान खरीद केंद्रों को छलावा बताते हुए किसानों की परेशानी दूर कराने की मांग कीं। प्रभारी एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। समर्थन मूल्य पर ही आढ़तियों द्वारा भी धान खरीद किए जाने की मांग कीं।
चमनआरा ने कहा कि सरकार की ओर से लागू समर्थन मूल्य वर्तमान में किसानों के लिए दूर की कौड़ी है। सरकारी क्रय केंद्र प्रभारी बोरों की कमी और जगह के अभाव का रोना रो रहे हैं। अधिकांश केंद्रों पर धान की खरीद पूरी तरह ठप है। ऐसे में किसान अपनी उपज निजी खरीदारों को बेचने को मजबूर हैं। जिससे उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल रहा। गरीब किसान अपनी उपज 1100 से 1400 में बेचने को मजबूर हैं। जबकि सरकार को चाहिए कि जो समर्थन मूल्य लागू किया गया है वह सरकारी क्रय केंद्र सहित प्राइवेट लाइसेंसी पर भी लागू करे। समर्थन मूल्य के अनुसार उपज नहीं लेने पर उन पर कार्रवाई की जाए। उनके साथ किसान शाकिर अली, पप्पू यादव, दयाशंकर पांडेय, बाबू लाल, राशिद अली, हीरालाल यादव, राधेश्याम, गीता, लक्ष्मीकांत, रामबसारत और रामजीत शर्मा आदि मौजूद रहे।
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सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष ने आवाज उठाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष चमनआरा राईनी ने किसानों के साथ शुक्रवार को तहसील कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने सरकारी धान खरीद केंद्रों को छलावा बताते हुए किसानों की परेशानी दूर कराने की मांग कीं। प्रभारी एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। समर्थन मूल्य पर ही आढ़तियों द्वारा भी धान खरीद किए जाने की मांग कीं।
चमनआरा ने कहा कि सरकार की ओर से लागू समर्थन मूल्य वर्तमान में किसानों के लिए दूर की कौड़ी है। सरकारी क्रय केंद्र प्रभारी बोरों की कमी और जगह के अभाव का रोना रो रहे हैं। अधिकांश केंद्रों पर धान की खरीद पूरी तरह ठप है। ऐसे में किसान अपनी उपज निजी खरीदारों को बेचने को मजबूर हैं। जिससे उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल रहा। गरीब किसान अपनी उपज 1100 से 1400 में बेचने को मजबूर हैं। जबकि सरकार को चाहिए कि जो समर्थन मूल्य लागू किया गया है वह सरकारी क्रय केंद्र सहित प्राइवेट लाइसेंसी पर भी लागू करे। समर्थन मूल्य के अनुसार उपज नहीं लेने पर उन पर कार्रवाई की जाए। उनके साथ किसान शाकिर अली, पप्पू यादव, दयाशंकर पांडेय, बाबू लाल, राशिद अली, हीरालाल यादव, राधेश्याम, गीता, लक्ष्मीकांत, रामबसारत और रामजीत शर्मा आदि मौजूद रहे।
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