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Siddharthnagar News: बेसकीमती सरकारी भूमि हथियाने में अवैध पट्टा बन रहा हथियार
Sat, 14 Sep 2024 02:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 14 Sep 2024 02:06 AM IST
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ग्राम पंचायत में वोट की राजनीति साधने और शहर में कीमती भूमि हड़पने को हो रहा खेल
बांसी में अपात्रों को पट्टा देने के मामले में हुई कार्रवाई के बाद सामने आ रहे अन्य मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील के दो गांवों में अपात्रों को बेसकीमती सरकारी भूमि आवासीय पट्टा देने का मामला जिले में पहला नहीं है। शहर समेत जिले के कई जगहों पर कीमती सरकारी भूमि हथियाने के लिए अवैध तरीके से पट्टा आवंटित करना हथियार की तरह प्रयोग किया जा रहा है। इनमें कई जगहों पर भू-माफिया और राजस्वकर्मियों की मिलीभगत के मामले भी सामने आ रहे है। इनमें गांवों में पंचायत राजनीति में वोट साधने और शहर व कस्बों में कीमती भूमि हड़पने का खेल चल रहा है। ऐसे कई मामले में शिकायत हुई लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी।
बांसी तहसील के बेलौहा बाजार में गोरखपुर मार्ग एवं कुर्थिया समेत विभिन्न स्थानों पर करोड़ों रुपये कीमती सरकारी भूमि का अपात्रों को पट्टा कर दिया गया था। मामले में शिकायत पर डीएम डॉ. राजागणपति आर के निर्देश पर हुई जांच में खुलासा के बाद बेसकीमती सरकारी भूमि का 103 अपात्रों को किया गया आवासीय पट्टा निरस्त कर दिया गया है। ग्रामसभा कुर्थिया एवं बेलवा लगुनही (बेलौहा बाजार) में वर्ष 2022 एवं 2023 में सड़क किनारे की सरकारी भूमि अपात्रों को आवास बनाने के लिए पट्टा कर दिया गया। जबकि बेलवा लगुनही के वर्तमान प्रधान तुफैल अहमद का कहना है कि सरकारी भूमि के पट्टा आवंटन प्रक्रिया में ग्राम पंचायत का प्रस्ताव ही नहीं लिया गया। उन्होंने बताया पट्टा आवंटन प्रक्रिया की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गयी। वहीं कुर्थिया में प्रधान पद पर चल रहे मुकदमे के कारण वहां ग्राम पंचायत को दरकिनार कर दिया गया। एसडीएम बांसी प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि अपात्रों को पट्टा आवंटन मामले में बेलवा लगुनही के तत्कालीन लेखपाल सुनील पटेल व कुर्थिया के लेखपाल प्रशांत चौधरी को निलंबित किया गया है।
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शहर में हथिया लिए गए कीमती भूमि
शहर में मुख्य मार्ग समेत विभिन्न मोहल्लों में स्थित बेसकीमती सरकारी भूमि का कई वर्ष पूर्व पट्टा किया गया था। इनमें कुछ मामलों में लोगों ने अपात्रों को पट्टा दिए जाने के भी आरोप लगाए थे। इनमें कुछ पट्टे 30 से 40 वर्ष पूर्व के बताए जा रहे है, जिन भूमियों की वर्तमान कीमत करोड़ों रुपये है। वहीं तीन वर्ष पूर्व शहर में शामिल हुए कई ग्राम पंचायतों में कीमती सरकारी भूमि अपात्रों को पट्टा किए जाने के भी आरोप लग रहे है।
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अवैध पट्टा मामले में करें त्वरित कार्रवाई: डीएम
सिद्धार्थनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा बैठक में डीएम डाॅ. राजागणपति आर ने कहा कि अवैध पट्टों की जो शिकायत प्राप्त हो रही है उसके निरस्तीकरण की भी कार्रवाई कराए। उन्होंने सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से किए गए कब्जा को हटवाने की कार्रवाई में शिथिलता नहीं बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि निर्विवाद वरासत की कोई शिकायत नही आनी चाहिए। यदि किसी तहसील की शिकायत प्राप्त होगी तो संबधित तहसीलदार के विरूद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।
बांसी में अपात्रों को पट्टा देने के मामले में हुई कार्रवाई के बाद सामने आ रहे अन्य मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील के दो गांवों में अपात्रों को बेसकीमती सरकारी भूमि आवासीय पट्टा देने का मामला जिले में पहला नहीं है। शहर समेत जिले के कई जगहों पर कीमती सरकारी भूमि हथियाने के लिए अवैध तरीके से पट्टा आवंटित करना हथियार की तरह प्रयोग किया जा रहा है। इनमें कई जगहों पर भू-माफिया और राजस्वकर्मियों की मिलीभगत के मामले भी सामने आ रहे है। इनमें गांवों में पंचायत राजनीति में वोट साधने और शहर व कस्बों में कीमती भूमि हड़पने का खेल चल रहा है। ऐसे कई मामले में शिकायत हुई लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी।
बांसी तहसील के बेलौहा बाजार में गोरखपुर मार्ग एवं कुर्थिया समेत विभिन्न स्थानों पर करोड़ों रुपये कीमती सरकारी भूमि का अपात्रों को पट्टा कर दिया गया था। मामले में शिकायत पर डीएम डॉ. राजागणपति आर के निर्देश पर हुई जांच में खुलासा के बाद बेसकीमती सरकारी भूमि का 103 अपात्रों को किया गया आवासीय पट्टा निरस्त कर दिया गया है। ग्रामसभा कुर्थिया एवं बेलवा लगुनही (बेलौहा बाजार) में वर्ष 2022 एवं 2023 में सड़क किनारे की सरकारी भूमि अपात्रों को आवास बनाने के लिए पट्टा कर दिया गया। जबकि बेलवा लगुनही के वर्तमान प्रधान तुफैल अहमद का कहना है कि सरकारी भूमि के पट्टा आवंटन प्रक्रिया में ग्राम पंचायत का प्रस्ताव ही नहीं लिया गया। उन्होंने बताया पट्टा आवंटन प्रक्रिया की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गयी। वहीं कुर्थिया में प्रधान पद पर चल रहे मुकदमे के कारण वहां ग्राम पंचायत को दरकिनार कर दिया गया। एसडीएम बांसी प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि अपात्रों को पट्टा आवंटन मामले में बेलवा लगुनही के तत्कालीन लेखपाल सुनील पटेल व कुर्थिया के लेखपाल प्रशांत चौधरी को निलंबित किया गया है।
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शहर में हथिया लिए गए कीमती भूमि
शहर में मुख्य मार्ग समेत विभिन्न मोहल्लों में स्थित बेसकीमती सरकारी भूमि का कई वर्ष पूर्व पट्टा किया गया था। इनमें कुछ मामलों में लोगों ने अपात्रों को पट्टा दिए जाने के भी आरोप लगाए थे। इनमें कुछ पट्टे 30 से 40 वर्ष पूर्व के बताए जा रहे है, जिन भूमियों की वर्तमान कीमत करोड़ों रुपये है। वहीं तीन वर्ष पूर्व शहर में शामिल हुए कई ग्राम पंचायतों में कीमती सरकारी भूमि अपात्रों को पट्टा किए जाने के भी आरोप लग रहे है।
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अवैध पट्टा मामले में करें त्वरित कार्रवाई: डीएम
सिद्धार्थनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा बैठक में डीएम डाॅ. राजागणपति आर ने कहा कि अवैध पट्टों की जो शिकायत प्राप्त हो रही है उसके निरस्तीकरण की भी कार्रवाई कराए। उन्होंने सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से किए गए कब्जा को हटवाने की कार्रवाई में शिथिलता नहीं बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि निर्विवाद वरासत की कोई शिकायत नही आनी चाहिए। यदि किसी तहसील की शिकायत प्राप्त होगी तो संबधित तहसीलदार के विरूद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।