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Siddharthnagar News: मां-पिता अच्छे तो बच्चे भी जाएंगे नेकी के रास्ते पर
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डुमरियागंज क्षेत्र के बसडीलिया गांव में शहीद-ए-आजम कांफ्रेंस को संबोधित करते प्रसिद्ध उलेमा मुफ
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डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। तहसील क्षेत्र के ग्राम बसडिलिया स्थित आस्ताने शहीद ए मिल्लत में रविवार की रात शहीद-ए- आजम कांफ्रेंस में उलेमाओं व वक्ताओं ने पैगाम दिया। मुरादाबाद से आए हजरत अल्लामा मुफ्ती हम्माद रजा ने कहा कि वक्त का सही इस्तेमाल करने वाला एक कामयाब इंसान होता है। सबसे पहली सीढ़ी मां-बाप होते हैं, अगर बचपन में मां बाप का प्यार मिला तो वह बच्चे गलत कामों की तरफ नहीं जा पाते हैं। जब मां-बाप अच्छे होंगे तो बच्चे भी नेक होंगे।
उन्होंने कहा कि मजहबे इस्लाम शांति, प्रेम और भाईचारे का पैगाम देता है। इसको हमें लोगों तक पहुंचाना होगा। सैय्यद अब्दुल रब चांद बाबू बिल्हरी शरीफ फैजाबाद ने कहा कि शहीदे आजम कांफ्रेंस में जुटने का उद्देश्य यह है कि सभी लोग दीन की तरफ बढ़े और दुनिया को भी सुरक्षित रखें।
अरबी कॉलेज उतरौला से आए मुफ्ती मसीहुद्दीन ने कहा कि आज नौजवान दीन से भटक रहा है, इसी वजह से वह परेशान भी है। मस्जिदों को आबाद करें और नेकी के रास्ते पर चलें। प्रोग्राम को हाफिज अरबाज फारुकी ने भी संबोधित किया, जबकि इससे पूर्व तिलावते कलाम पाक से कान्फ्रेंस की शुरुआत हाफिज कारी नावेद अहमद फारुकी ने की। इसके बाद खलीलाबाद से आए अमीर हमजा ने नेकी के रास्ते पर चलने की बातें की। जिया यजदानी बहराइच ने नात पाक से माहौल को काफी खुशनुमा बना दिया। नवीना शायर मोहसिन रजा ने भी अपना कलाम पेश किया। शहीद ए मिल्लत के उर्स में अकीदतमंदों ने चादर चढ़ाया और दुआएं मांगी। कांफ्रेंस को मौलाना मकसूद अकरम, मौलाना सफीक निजामी, कारी अबरार अहमद आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना मकसूद अकरम व संचालन दिलशाद फारुकी ने किया।
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उन्होंने कहा कि मजहबे इस्लाम शांति, प्रेम और भाईचारे का पैगाम देता है। इसको हमें लोगों तक पहुंचाना होगा। सैय्यद अब्दुल रब चांद बाबू बिल्हरी शरीफ फैजाबाद ने कहा कि शहीदे आजम कांफ्रेंस में जुटने का उद्देश्य यह है कि सभी लोग दीन की तरफ बढ़े और दुनिया को भी सुरक्षित रखें।
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अरबी कॉलेज उतरौला से आए मुफ्ती मसीहुद्दीन ने कहा कि आज नौजवान दीन से भटक रहा है, इसी वजह से वह परेशान भी है। मस्जिदों को आबाद करें और नेकी के रास्ते पर चलें। प्रोग्राम को हाफिज अरबाज फारुकी ने भी संबोधित किया, जबकि इससे पूर्व तिलावते कलाम पाक से कान्फ्रेंस की शुरुआत हाफिज कारी नावेद अहमद फारुकी ने की। इसके बाद खलीलाबाद से आए अमीर हमजा ने नेकी के रास्ते पर चलने की बातें की। जिया यजदानी बहराइच ने नात पाक से माहौल को काफी खुशनुमा बना दिया। नवीना शायर मोहसिन रजा ने भी अपना कलाम पेश किया। शहीद ए मिल्लत के उर्स में अकीदतमंदों ने चादर चढ़ाया और दुआएं मांगी। कांफ्रेंस को मौलाना मकसूद अकरम, मौलाना सफीक निजामी, कारी अबरार अहमद आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना मकसूद अकरम व संचालन दिलशाद फारुकी ने किया।
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