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Siddharthnagar News: वापस नहीं की मुआवजा राशि तो 36 अपात्रों और तीन निलंबित लेखापालों के खिलाफ दर्ज होगा केस
Tue, 01 Oct 2024 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 01 Oct 2024 12:31 AM IST
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- शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में बाढ़ भूमिहीनों को बाढ़ राहत देने के मामले में तीन लेखपाल हुए थे निलंबित
- डीएम ने दिया आदेश, सहायता वापस नहीं हुई तो दर्ज कराया जाए केस
संवाद न्यूज एजेंसी
शोहरतगढ़। गलत तरीके से लिए की बाढ़ सहायता राशि वापस नहीं करने पर 36 से अधिक अपात्र और इसी मामले में निलंबित हुए तीन लेखपालों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है। डीएम के निर्देश पर करीब पांच लाख रुपये जमा कराने के लिए लेखपालों को नोटिस जारी किया गया है। अगर लेखपाल सहायता राशि जमा नहीं करवा पाए तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। तहसीलदार अजय कुमार ने निलंबित ओमप्रकाश, दुर्गेश शर्मा, जगदीश चौरसिया को नोटिस देकर अपात्र किसानों को भेजी गई राशि तहसील कार्यालय पर जमा कराने का निर्देश दिया।
एसडीएम चंद्रभान सिंह ने बताया कि जुलाई में आई बाढ़ पात्र किसानों को क्षतिपूर्ति राशि सर्वे के अनुसार किसानों के खाते में भेजनी थी। लेकिन शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के पकड़िहवा, तालकुंडा, पचऊध के लेखपालों ने फर्जीवाड़ा कर 36 अपात्र किसानों को पांच लाख 25 हजार रुपये फसल क्षतिपूर्ति दिला दी। इन गांवों से संबंधित तीनों लेखपालों ने फर्जी तरीके से दस्तावेज लगाकर अपात्र किसानों को लाभार्थी दिखा दिया और उनका नाम बाढ़ राहत पोर्टल पर दर्ज कर धनराशि दिला दी। जिन लोगों के नाम धनराशि स्थानांतरित की गई, वे सभी भूमिहीन थे। इन्हीं गांवों के वे किसान जिनकी फसल बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई थी और मुआवजा नहीं मिला उन्होंने शिकायती पत्र देकर मामले की जांच की मांग की। उनका आरोप था कि लेखपाल ने बाढ़ पीड़ित किसानों के नाम काट दिए। साथ ही फर्जी तरीके से सर्वे कर जो भूमिहीन थे, उनसे रुपये की लालच में तीनों लेखपाल कागजात तैयार कर पोर्टल फीडिंग कर उन्हें अनुदान दिला दिया।
मामले का संज्ञान लेकर जांच टीम गठित कर जांच करवाई गई। जांच में मामले की पुष्टि होने पर तीनों लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही इन पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा दिया गया है। कहा कि इस मामले को लेकर डीएम डॉ. राजा गणपति आर के निर्देश पर फर्जी तरीके से अपात्र किसानों के खाते स्थानांतरित की गई राशि की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया। सभी अपात्र किसान एक दिन में सरकारी धन को तहसीलदार कार्यालय में जमा कर दें। नहीं तो अपात्र किसान व लेखपाल ओमप्रकाश, दुर्गेश शर्मा, जगदीश चौरसिया पर मुकदमा दर्ज की जाएगी।
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- डीएम ने दिया आदेश, सहायता वापस नहीं हुई तो दर्ज कराया जाए केस
संवाद न्यूज एजेंसी
शोहरतगढ़। गलत तरीके से लिए की बाढ़ सहायता राशि वापस नहीं करने पर 36 से अधिक अपात्र और इसी मामले में निलंबित हुए तीन लेखपालों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है। डीएम के निर्देश पर करीब पांच लाख रुपये जमा कराने के लिए लेखपालों को नोटिस जारी किया गया है। अगर लेखपाल सहायता राशि जमा नहीं करवा पाए तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। तहसीलदार अजय कुमार ने निलंबित ओमप्रकाश, दुर्गेश शर्मा, जगदीश चौरसिया को नोटिस देकर अपात्र किसानों को भेजी गई राशि तहसील कार्यालय पर जमा कराने का निर्देश दिया।
एसडीएम चंद्रभान सिंह ने बताया कि जुलाई में आई बाढ़ पात्र किसानों को क्षतिपूर्ति राशि सर्वे के अनुसार किसानों के खाते में भेजनी थी। लेकिन शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के पकड़िहवा, तालकुंडा, पचऊध के लेखपालों ने फर्जीवाड़ा कर 36 अपात्र किसानों को पांच लाख 25 हजार रुपये फसल क्षतिपूर्ति दिला दी। इन गांवों से संबंधित तीनों लेखपालों ने फर्जी तरीके से दस्तावेज लगाकर अपात्र किसानों को लाभार्थी दिखा दिया और उनका नाम बाढ़ राहत पोर्टल पर दर्ज कर धनराशि दिला दी। जिन लोगों के नाम धनराशि स्थानांतरित की गई, वे सभी भूमिहीन थे। इन्हीं गांवों के वे किसान जिनकी फसल बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई थी और मुआवजा नहीं मिला उन्होंने शिकायती पत्र देकर मामले की जांच की मांग की। उनका आरोप था कि लेखपाल ने बाढ़ पीड़ित किसानों के नाम काट दिए। साथ ही फर्जी तरीके से सर्वे कर जो भूमिहीन थे, उनसे रुपये की लालच में तीनों लेखपाल कागजात तैयार कर पोर्टल फीडिंग कर उन्हें अनुदान दिला दिया।
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मामले का संज्ञान लेकर जांच टीम गठित कर जांच करवाई गई। जांच में मामले की पुष्टि होने पर तीनों लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही इन पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा दिया गया है। कहा कि इस मामले को लेकर डीएम डॉ. राजा गणपति आर के निर्देश पर फर्जी तरीके से अपात्र किसानों के खाते स्थानांतरित की गई राशि की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया। सभी अपात्र किसान एक दिन में सरकारी धन को तहसीलदार कार्यालय में जमा कर दें। नहीं तो अपात्र किसान व लेखपाल ओमप्रकाश, दुर्गेश शर्मा, जगदीश चौरसिया पर मुकदमा दर्ज की जाएगी।
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