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Siddharthnagar News: काश! सुन पाती मां तो मुजम्मिल को नहीं नोचते कुत्ते
Sat, 11 May 2024 02:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 11 May 2024 02:09 AM IST
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मां शहरुनिशा को कम देता है सुनाई, चीखता रहा पर नहीं सुनी आवाज और चली गई जान
कुत्तों के हमले में बच्चे की मौत के बाद गांव के लोग डरे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोई भी मां आंखों के सामने अपने कलेजे के टुकड़े को मरता हुआ नहीं देख सकती है। वह बच्चे के लिए मौत से भी टकरा सकती है। लेकिन मुजम्मिल की मां शहरुनिशा को इस बात का मलाल आखिरी दम तक रहेगा कि अगर वह सुन पाती तो अपने बच्चे को कुत्तों की झुंड से बचा लेती, भले ही खुद जख्मी हो जाती। यह सब इसलिए हुआ कि वह ऊंचा सुनती हैं। कुत्ते नोचते रहे और बेटा गुहार लगाता रहा, पर उसके कानों तक उसी चीख नहीं पहुंच पा रही थी। जब उसने मुड़कर देखा तो कलेजे का टुकड़ा खून से लथपथ हो चुका था और सांसें गिन रहा था। यह दृष्य देखकर वह सकते में आ गई। फिर चीख पुकार शुरू की, लेकिन तबतक तक बेटा हमेशा के लिए उससे दूर जा चुका था।
मौत के बाद क्षेत्र के नौगढ़डिहवा में गम का माहौल है। मुजम्मिल अब्दुल मुईद का सबसे छोड़ा लड़का था। इसके अलावा उससे बड़ा शमशाद (17) और गुरफान (14) हैं। मुजम्मिल बहुत ही होशियार था और सभी का दुलारा था। बकरी पालन इसलिए करते हैं कि कुछ कमाई हो जाती है। वहीं, पिता भी मेहनत मजदूरी करके बच्चों की परवरिश करता है। शुक्रवार का दिन परिवार के लिए बहुत ही मनहूस रहा। बताया जा रहा है कि मुजम्मिल जिद करके मां के साथ बकरी चराने के लिए निकला था। उसे क्या पता था कि अब वह कभी भी घर नहीं लौटेगा। वहीं, मां शहरुनिशा भी बेटे की मौत से सदमे में हैं। उसे पूर जिंदगी बेटे को खोने का मलाल रहेगा। वह सुनती तो शायद यह घटना घटित नहीं होने पाती। कुत्तों के आक्रमण करते ही वह बच्चे की पहले ही चीख पर जान जाती और बचा लेती। मौत के बाद गांव में मातम छाया हुआ है।
गांव में दहशत का माहौल
कुत्ते हमलावर हो जाएंगे और बच्चे को मार डालेंगे यह किसी ने सोचा नहीं था। नौगढ़डिहवा गांव में हुई घटना के बाद से गांव के लोगों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर दहशत है। बच्चे पर हमले के बाद गांव के लोग आक्रोशित हुए थे। उसे ढूंढ़ने की कोशिश किए, जिससे मार सके। लेकिन कुत्तों की झुंड निकल चुका था। हमले के बाद लोग बच्चों को घरों में कैद कर रखे हैं।
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दो बच्चों की पहले भी हो चुकी है मौत
कुत्ते दो माह के भीतर दो और बच्चों पर हमला करके मार चुके हैं। इटवा थाना क्षेत्र के कहरिया सघन गांव में एक बच्चे को कुत्तों लगभग 15 दिन पहले नोचकर मार दिया था। दो माह पहले भी इटवा क्षेत्र में एक बच्चे को नोचकर मार दिया था। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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कुत्तों के हमले में बच्चे की मौत के बाद गांव के लोग डरे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोई भी मां आंखों के सामने अपने कलेजे के टुकड़े को मरता हुआ नहीं देख सकती है। वह बच्चे के लिए मौत से भी टकरा सकती है। लेकिन मुजम्मिल की मां शहरुनिशा को इस बात का मलाल आखिरी दम तक रहेगा कि अगर वह सुन पाती तो अपने बच्चे को कुत्तों की झुंड से बचा लेती, भले ही खुद जख्मी हो जाती। यह सब इसलिए हुआ कि वह ऊंचा सुनती हैं। कुत्ते नोचते रहे और बेटा गुहार लगाता रहा, पर उसके कानों तक उसी चीख नहीं पहुंच पा रही थी। जब उसने मुड़कर देखा तो कलेजे का टुकड़ा खून से लथपथ हो चुका था और सांसें गिन रहा था। यह दृष्य देखकर वह सकते में आ गई। फिर चीख पुकार शुरू की, लेकिन तबतक तक बेटा हमेशा के लिए उससे दूर जा चुका था।
मौत के बाद क्षेत्र के नौगढ़डिहवा में गम का माहौल है। मुजम्मिल अब्दुल मुईद का सबसे छोड़ा लड़का था। इसके अलावा उससे बड़ा शमशाद (17) और गुरफान (14) हैं। मुजम्मिल बहुत ही होशियार था और सभी का दुलारा था। बकरी पालन इसलिए करते हैं कि कुछ कमाई हो जाती है। वहीं, पिता भी मेहनत मजदूरी करके बच्चों की परवरिश करता है। शुक्रवार का दिन परिवार के लिए बहुत ही मनहूस रहा। बताया जा रहा है कि मुजम्मिल जिद करके मां के साथ बकरी चराने के लिए निकला था। उसे क्या पता था कि अब वह कभी भी घर नहीं लौटेगा। वहीं, मां शहरुनिशा भी बेटे की मौत से सदमे में हैं। उसे पूर जिंदगी बेटे को खोने का मलाल रहेगा। वह सुनती तो शायद यह घटना घटित नहीं होने पाती। कुत्तों के आक्रमण करते ही वह बच्चे की पहले ही चीख पर जान जाती और बचा लेती। मौत के बाद गांव में मातम छाया हुआ है।
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गांव में दहशत का माहौल
कुत्ते हमलावर हो जाएंगे और बच्चे को मार डालेंगे यह किसी ने सोचा नहीं था। नौगढ़डिहवा गांव में हुई घटना के बाद से गांव के लोगों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर दहशत है। बच्चे पर हमले के बाद गांव के लोग आक्रोशित हुए थे। उसे ढूंढ़ने की कोशिश किए, जिससे मार सके। लेकिन कुत्तों की झुंड निकल चुका था। हमले के बाद लोग बच्चों को घरों में कैद कर रखे हैं।
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दो बच्चों की पहले भी हो चुकी है मौत
कुत्ते दो माह के भीतर दो और बच्चों पर हमला करके मार चुके हैं। इटवा थाना क्षेत्र के कहरिया सघन गांव में एक बच्चे को कुत्तों लगभग 15 दिन पहले नोचकर मार दिया था। दो माह पहले भी इटवा क्षेत्र में एक बच्चे को नोचकर मार दिया था। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।