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सैकड़ों बीघा खेत डूबे, सहमे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:17 PM IST
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शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर स्थित गागापुर में सड़क किनारे पहुंचा पानी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डुमरियागंज। लगातार बारिश से उफनाई राप्ती अब कहर बरपाने लगी है। भनवापुर क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन गए है। करीब एक दर्जन गांव के सैकड़ों बीघा खेत-खलिहान पानी में डूब गए हैं। बेलवा गांव में ब्रह्मबाबा मंदिर चारों तरफ पानी से घिर गया है। शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग के पास राप्ती की धारा पहुंचने से सड़क की कटान का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों में दहशत बढ़ता जा रहा है। उधर, प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां नाकाफी हैं।
भनवापुर ब्लाक क्षेत्र का गागापुर, सफियापुर, सिंगारजोत, सहिबागंज, बिजौरा, विशुनपुर औरंगाबाद, जूड़ीकुइयां, बेतनार आदि गांव राप्ती नदी के तट पर बसा है। राप्ती में लगातार हो रहा जलस्तर वृद्धि से वह अपनी सीमा के ऊपर होकर बह रही है। अगर पानी और बढ़ा तो इन गांवों में राप्ती तबाही मचा सकती है।
अभी तक प्रशासन व संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस इंतजाम न किए जाने से स्थानीय लोगों के दिलों की घड़कनें तेज हो गई हैं। नदी किनारे बसे गांवों के सीवान में राप्ती नदी का पानी भर गया है, जिससे इन गांवों के सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। क्षेत्र के तौलेश्वर तिवारी, बंशीधर अग्रहरि, मसउव्वर अली, ननकन पांडेय, रामवृक्ष वर्मा, रामशब्द यादव आदि ने बताया कि इस वक्त राप्ती का पानी तेजी से बढ़ रहा है।
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धान की फसलें पूरी तरह से पानी में डूब चुकी हैं। हर साल नदी किनारे के गांव में रहने का खामियाजा लोगों को अपनी सैकड़ों बीघा खेत नदी के आगोश जाने से भुगतना पड़ता है। लोगों ने समय रहते बाढ़ से रोकथाम की व्यवस्था करवाए जाने की मांग की है।
भनवापुर के बेलवा गांव के मुख्य सड़क के किनारे बना ब्रह्मबाबा का मंदिर भी राप्ती नदी के बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिर गया है। राप्ती का पानी शाहपुर-सिंगारजोत मुख्य मागज् से सटकर बह रहा है। जिससे लोगों में सड़क के कटने का भी भय बना हुआ है।
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भनवापुर ब्लाक क्षेत्र का गागापुर, सफियापुर, सिंगारजोत, सहिबागंज, बिजौरा, विशुनपुर औरंगाबाद, जूड़ीकुइयां, बेतनार आदि गांव राप्ती नदी के तट पर बसा है। राप्ती में लगातार हो रहा जलस्तर वृद्धि से वह अपनी सीमा के ऊपर होकर बह रही है। अगर पानी और बढ़ा तो इन गांवों में राप्ती तबाही मचा सकती है।
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अभी तक प्रशासन व संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस इंतजाम न किए जाने से स्थानीय लोगों के दिलों की घड़कनें तेज हो गई हैं। नदी किनारे बसे गांवों के सीवान में राप्ती नदी का पानी भर गया है, जिससे इन गांवों के सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। क्षेत्र के तौलेश्वर तिवारी, बंशीधर अग्रहरि, मसउव्वर अली, ननकन पांडेय, रामवृक्ष वर्मा, रामशब्द यादव आदि ने बताया कि इस वक्त राप्ती का पानी तेजी से बढ़ रहा है।
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धान की फसलें पूरी तरह से पानी में डूब चुकी हैं। हर साल नदी किनारे के गांव में रहने का खामियाजा लोगों को अपनी सैकड़ों बीघा खेत नदी के आगोश जाने से भुगतना पड़ता है। लोगों ने समय रहते बाढ़ से रोकथाम की व्यवस्था करवाए जाने की मांग की है।
भनवापुर के बेलवा गांव के मुख्य सड़क के किनारे बना ब्रह्मबाबा का मंदिर भी राप्ती नदी के बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिर गया है। राप्ती का पानी शाहपुर-सिंगारजोत मुख्य मागज् से सटकर बह रहा है। जिससे लोगों में सड़क के कटने का भी भय बना हुआ है।