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Siddharthnagar News: मुकद्दस माहे रमजान ने दी दस्तक, तैयारी जोरों पर

Sun, 10 Mar 2024 11:03 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 10 Mar 2024 11:03 PM IST
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holy month of ramadan
डुमरियागंज। मुकद्दस माहे रमजान ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। इसको लेकर मुस्लिम बहुल गांव में तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। मस्जिदों की साफ-सफाई के साथ ही रोजा इफ्तार को लेकर डुमरियागंज नगर सहित तहसील क्षेत्र की बाजार में फल, खजूर और सेवईं लच्छा की कतारबद्ध दुकानें लगनी शुरू हो गई हैं। जहां पर लोगों द्वारा इफ्तार को लेकर सामानों की खरीदारी भी शुरू हो गई है।
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रमजान की रौनक अभी से ही मुस्लिम बहुल इलाकों में दिखाई देने लगी है। मुकद्दस रमजान का आगाज इस बार सोमवार को अगर चांद का दीदार हुआ तो मंगलवार से नहीं तो बुधवार से इबादतों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। जो पूरे एक माह तक चलेगा। मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखकर अल्लाह की इबादत में पूरी शिद्दत से जुटे रहेंगे।
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रमजान का महीना रहमतों, बरकतों और मगफरत का है

शिया जामा मस्जिद हल्लौर के पेश इमाम मौलाना काशिफ ने बताया कि रोजा अच्छी जिंदगी जीने का जरिया यानी प्रशिक्षण है। जिसमें इबादत कर खुदा की राह पर चलने वाले इंसान का जमीर यानी अंतरात्मा रोजेदार को एक नेक इंसान के व्यक्तित्व के लिए जरूरी हर बात की तरबियत अच्छे संस्कार देता है। डुमरियागंज जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना एहसानुल्लाह कासमी ने बताया कि रोजे रखने का असल मकसद महज भूख प्यास पर नियंत्रण रखना ही नहीं बल्कि रोजे की रूह दरअसल आत्म संयम, नियंत्रण, अल्लाह के प्रति अकीदत और सही राह पर चलने के संकल्प।। मौलाना ने रमजान की फजीलत पर रोशनी डालते हुए कहा कि अमूमन साल में 11 महीने तक इंसान दुनियावी झंझावतो में फंसा रहता है। लिहाजा अल्लाह ने रमजान का महीना आदर्श जीवनशैली के लिए तय किया है,
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मुसलमानों के लिए काफी महत्वपूर्ण है रमजान का महीना

रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना होता है। रोजा को इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक माना जाता है। रमजान में मुस्लिम समुदाय के लोग महीने भर रोजा रखते हैं और अल्लाह की पूरी शिद्दत से इबादत करते हैं। इस्लामिक आस्था के मुताबिक दिन भर रोजा रखने से बंदे अल्लाह के करीब पहुंचते हैं और दूसरों के कष्टों को समझते हैं रोजा के लिए सुबह सेहरी और शाम को इफ्तार करके रोजा खोला जाता है। इस पवित्र और मुकद्दस महीने का लोगों को पूरे साल भर इंतजार रहता है।
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