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आवेदन के तीन माह बाद भी नहीं मिल रही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
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आवेदन के तीन माह बाद भी नहीं मिल रही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
सिद्धार्थनगर। वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर लगाने का नियम लागू कर दिया है। इस कार्य को प्राइवेट हाथों में होने से वाहन चालकों को नंबर के लिए परेशान होना पड़ रहा है। एक बार आवेदन करने के बाद नंबर प्लेट आने में तीन माह से अधिक वक्त लगा रहा है। इससे वाहन चालकों को दिक्कत हो रही है। हजारों की संख्या में लोग आवेदन करने के बाद परेशान हैं कि कब प्लेट आएगी। चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का नियम लागू किया है। पिछले दो वर्ष से नए वाहनों में डिजिटल नंबर प्लेट आ रही है। पुराने वाहनों में डिजिटल नंबर लगाने का निर्देश हुआ था। ऐसा न करने वाले वाहनों के पकड़े जाने के बाद जुर्माना लगाने का नियम था। मगर कोरोना के संक्रमण काल के कारण नंबर प्लेट जारी किए जाने की योजना प्रभावित हुई। इस लिए रोक तो नहीं लगी, मगर डिजिटल नंबर के फायदे और कभी रोक, संदेह को देखते हुए पुराने वाहन चालक भी तेजी से नंबर को डिजिटल करने पर जोर दे रहे हैं। निजी हाथों में इसकी व्यवस्था होने के कारण बड़ी समस्या आ रही है। नगर निवासी ओमप्रकाश ने कहा कि हाई सिक्योरिटी नंबर के लिए दो माह पूर्व आवेदन किया गया था, मगर अब तक नंबर प्लेट नहीं आई है।
दीपक कुमार ने बताया कि वाहन डीलर के हाथ में नंबर प्लेट जारी करने के आदेश से बड़ी दिक्कत है। डीलर की लापरवाही से वाहन चालकों को नंबर प्लेट लेने में परेशानी आ रही है, मगर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। इस संबंध में एआरटीओ आशुतोष कुमार शुक्ल ने बताया कि नंबर जारी करने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की है। मगर उनसे वार्ता करके समय से नंबर प्लेट जारी करने के लिए कहा जाएगा।
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जिले में दो लाख से अधिक हैं पुराने वाहन
संभागीय परिवहन के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में दो लाख से अधिक पुराने वाहन हैं, जिनमें हाई स्क्यिोरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है। इन्हें नंबर प्लेट जारी करवानी है। ऐसे में अगर इसी प्रकार लेटलतीफी रही तो वाहन चालकों को बड़ी परेशानी से जूझना पड़ेगा।
नंबर से नहीं हो पाएगा छेड़छाड़
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगने से वाहन चोरी पर अंकुश लग सकती है, क्योंकि व्यवस्था प्रभावी होने के बाद पुराने प्लेट खत्म हो जाएंगे। ऐसे में अगर कोई वाहन चोरी करता है तो नंबर प्लेट नहीं बदल सकेगा। अगर चोरी करके चलाता भी है तो चेकिंग के दौरान वह पकड़ा जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक मशीन से प्लेट पर लगाते ही पूरी जानकारी अपडेट हो जाएगी। इस लिए हाई सिक्योरिटी नंबर वाहनों की सुरक्षा के लिहाजा से बहुत अच्छा है।
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सिद्धार्थनगर। वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर लगाने का नियम लागू कर दिया है। इस कार्य को प्राइवेट हाथों में होने से वाहन चालकों को नंबर के लिए परेशान होना पड़ रहा है। एक बार आवेदन करने के बाद नंबर प्लेट आने में तीन माह से अधिक वक्त लगा रहा है। इससे वाहन चालकों को दिक्कत हो रही है। हजारों की संख्या में लोग आवेदन करने के बाद परेशान हैं कि कब प्लेट आएगी। चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का नियम लागू किया है। पिछले दो वर्ष से नए वाहनों में डिजिटल नंबर प्लेट आ रही है। पुराने वाहनों में डिजिटल नंबर लगाने का निर्देश हुआ था। ऐसा न करने वाले वाहनों के पकड़े जाने के बाद जुर्माना लगाने का नियम था। मगर कोरोना के संक्रमण काल के कारण नंबर प्लेट जारी किए जाने की योजना प्रभावित हुई। इस लिए रोक तो नहीं लगी, मगर डिजिटल नंबर के फायदे और कभी रोक, संदेह को देखते हुए पुराने वाहन चालक भी तेजी से नंबर को डिजिटल करने पर जोर दे रहे हैं। निजी हाथों में इसकी व्यवस्था होने के कारण बड़ी समस्या आ रही है। नगर निवासी ओमप्रकाश ने कहा कि हाई सिक्योरिटी नंबर के लिए दो माह पूर्व आवेदन किया गया था, मगर अब तक नंबर प्लेट नहीं आई है।
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दीपक कुमार ने बताया कि वाहन डीलर के हाथ में नंबर प्लेट जारी करने के आदेश से बड़ी दिक्कत है। डीलर की लापरवाही से वाहन चालकों को नंबर प्लेट लेने में परेशानी आ रही है, मगर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। इस संबंध में एआरटीओ आशुतोष कुमार शुक्ल ने बताया कि नंबर जारी करने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की है। मगर उनसे वार्ता करके समय से नंबर प्लेट जारी करने के लिए कहा जाएगा।
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जिले में दो लाख से अधिक हैं पुराने वाहन
संभागीय परिवहन के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में दो लाख से अधिक पुराने वाहन हैं, जिनमें हाई स्क्यिोरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है। इन्हें नंबर प्लेट जारी करवानी है। ऐसे में अगर इसी प्रकार लेटलतीफी रही तो वाहन चालकों को बड़ी परेशानी से जूझना पड़ेगा।
नंबर से नहीं हो पाएगा छेड़छाड़
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगने से वाहन चोरी पर अंकुश लग सकती है, क्योंकि व्यवस्था प्रभावी होने के बाद पुराने प्लेट खत्म हो जाएंगे। ऐसे में अगर कोई वाहन चोरी करता है तो नंबर प्लेट नहीं बदल सकेगा। अगर चोरी करके चलाता भी है तो चेकिंग के दौरान वह पकड़ा जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक मशीन से प्लेट पर लगाते ही पूरी जानकारी अपडेट हो जाएगी। इस लिए हाई सिक्योरिटी नंबर वाहनों की सुरक्षा के लिहाजा से बहुत अच्छा है।