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कम लागत में अधिक मुनाफे के लिए हाईटेक खेती जरूरी : डॉ. श्वेता
Fri, 01 Mar 2024 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 01 Mar 2024 11:35 PM IST
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के वाणिज्य विभाग में शुक्रवार को अतिथि व्याख्यान और सह जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि बुद्धा पीजी कॉलेज, कुशीनगर की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्वेता भट्ट ने कृषि संबंधित जानकारी देते हुए हाईटेक खेती पर जोर दिया।
उन्होंने कहा की कार्यशाला मूल रूप से उभरते किसानों के लिए एक उद्यमशीलता गतिविधि और भविष्य के कॅरिअर की संभावनाओं के रूप में आयोजित की गई है। इसके जरिए ग्रामीण युवाओं को क्षेत्रों में बनाए रखने के लिए उन्हें कृषि और कृषि व्यवसाय में नियोजित करना करना है।
किसानों को कम समय में स्मार्ट तरीके से खेती करके अच्छा लाभ कमाने पर जोर दे रही है। इसके लिए युवाओं को सबसे आगे आने की जरूरत है। युवा किसान, खेती करके उसका निर्यात भी कर सकते हैं, ऐसा करने से उन्हें काफी लाभ होगा। कहा कि हाई टेक कृषि, मुख्य रूप से वाणिज्यिक कृषि प्रणाली से जुड़ी हुई हैं। प्रो. दीपक बाबू ने कहा कि वाणिज्य के छात्र बाजार में नई तकनीक से कृषि को बढ़ावा दे सकते है।
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कृषि से उद्यमी बनने में नई तकनीक का अहम योगदान है और इससे कम से कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। इस दौरान डॉ. दिनेश, डॉ. शिवम शुक्ला, डॉ. ज्ञानेंद्र, डॉ. मनोज शर्मा, डॉ. स्मृति त्रिपाठी, डॉ. शुभम पांडेय, डॉ. विजय चौरसिया, प्रज्ञा दुबे आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा की कार्यशाला मूल रूप से उभरते किसानों के लिए एक उद्यमशीलता गतिविधि और भविष्य के कॅरिअर की संभावनाओं के रूप में आयोजित की गई है। इसके जरिए ग्रामीण युवाओं को क्षेत्रों में बनाए रखने के लिए उन्हें कृषि और कृषि व्यवसाय में नियोजित करना करना है।
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किसानों को कम समय में स्मार्ट तरीके से खेती करके अच्छा लाभ कमाने पर जोर दे रही है। इसके लिए युवाओं को सबसे आगे आने की जरूरत है। युवा किसान, खेती करके उसका निर्यात भी कर सकते हैं, ऐसा करने से उन्हें काफी लाभ होगा। कहा कि हाई टेक कृषि, मुख्य रूप से वाणिज्यिक कृषि प्रणाली से जुड़ी हुई हैं। प्रो. दीपक बाबू ने कहा कि वाणिज्य के छात्र बाजार में नई तकनीक से कृषि को बढ़ावा दे सकते है।
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कृषि से उद्यमी बनने में नई तकनीक का अहम योगदान है और इससे कम से कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। इस दौरान डॉ. दिनेश, डॉ. शिवम शुक्ला, डॉ. ज्ञानेंद्र, डॉ. मनोज शर्मा, डॉ. स्मृति त्रिपाठी, डॉ. शुभम पांडेय, डॉ. विजय चौरसिया, प्रज्ञा दुबे आदि मौजूद रहे।