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Siddharthnagar News: गर्मी से बिगड़ रहा मानसिक संतुलन, अवसाद और चिड़चिड़ेपन की शिकायत बढ़ी

Tue, 02 Jun 2026 01:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 02 Jun 2026 01:15 AM IST
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Heat is worsening mental balance, increasing complaints of depression and irritability
- मौसम में बदलाव के साथ बढ़ी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां
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- माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंच रहे तनाव, अवसाद और अनिद्रा के मरीज

सिद्धार्थनगर। गर्मी और कड़ी धूप से केवल लू, बुखार और उल्टी दस्त ही नहीं दिमाग पर भी असर पड़ रहा है। इससे चिड़चिड़ापन होने के साथ ही लोग गुमसुम और अवसाद का शिकार हो रहे हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मानिसक रोग विभाग की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में यह हालत देखी जा रही है। ओपीडी के आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ दिन से रोजाना पांच से छह मरीज इसी तरह की समस्या से ग्रसित होकर पहुंच रहे हैं, जिनकी काउंसिलिंग करने की जरूरत पड़ रही है। दवा भी दी जा रही है। विशेषज्ञ इसे मौसम का असर मान रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में भी इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। सामान्य ओपीडी में 20-25 मरीज आते थे। अब उनकी संख्या 30 से अधिक पहुंच गई है। पिछले कुछ दिन से इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। इनमें जो तनाव, अवसाद, घबराहट, नींद न आने के साथ अत्यधिक चिड़चिड़ापन होने की शिकायत लेकर लोग पहुंच रहे हैं। हिस्ट्री पूछने पर सामने आ रहा है कि पहले सामान्य थे और पिछले कुछ ही दिन से यह दिक्कत हो रही है। विशेषज्ञ मरीजों को काउंसिलिंग के साथ आवश्यकतानुसार दवा भी दे रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम सामान्य होने के साथ अधिकांश लोगों की स्थिति में सुधार हो जाता है, लेकिन लगातार लक्षण बने रहने पर उपचार जरूरी हो जाता है।
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मौसम लगातार बदल रहा है और तापमान अधिक है। इसी वजह से यह समस्या हो रही है। तेज गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी, थकान और नींद प्रभावित होने से मानसिक तनाव बढ़ जाता है। लंबे समय तक गर्म वातावरण में रहने वाले लोगों में ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो जाती है और निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। कई मरीजों ने अत्यधिक बेचैनी, घबराहट और किसी काम में मन न लगने की शिकायत होती है। ओपीडी में आने वाले मरीज अगर काउंसिलिंग और जरूरत के अनुसार दवा लेने की सलाह दी जा रही है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञ के मुताबिक बचाव के लिए कुछ उपाय हैं, जिसके प्रयोग से बचा जा सकता है।
इसमें दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें।
दोपहर की तेज धूप में निकलने से बचें।
पर्याप्त और नियमित नींद लें।
हल्का व्यायाम, योग और ध्यान करें।
परिवार और मित्रों के साथ समय बिताएं।
मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग कम करें।
तनाव या उदासी लंबे समय तक बनी रहे तो मानसिक रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ

गर्मी और ठंडी में होने वाली मानसिक परेशानियां अधिकांश मामलों में अस्थायी होती हैं। तापमान सामान्य होने और दिनचर्या संतुलित रखने से स्थिति में सुधार आ जाता है। हालांकि यदि अवसाद, अनिद्रा या तनाव के लक्षण लगातार बने रहें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
- डॉ. अफजल खान, सहायक आचार्य, मानसिक रोग विभाग, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज
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