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कर्बला में हजरत अब्बास ने दिया धैर्य का परिचय : मौलाना
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हल्लौर स्थित इमामबाड़ा वफफ शाह अलमगीर सानी में मजलिस को संबोधित करते मौलाना सकलैन बाकरी।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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कर्बला में हजरत अब्बास ने दिया धैर्य का परिचय : मौलाना
डुमरियागंज। हल्लौर स्थित इमामबाड़ा वक्फ शाह आलमगीर सानी में अंजुमन फारोग मातम की ओर से आयोजित मजलिस में मौलाना सकलैन हैदर बाकरी ने कहा कि कर्बला में हजरत अब्बास ने सब्र और धैर्य का परिचय दिया था।
दस दिवसीय मजलिस के पहले दिन सोमवार रात लखनऊ से आए मौलाना सकलैन हैदर बाकरी ने कहा कि अगर कोई अपने जमाने के इमाम पर आस्था-विश्वास नहीं रखता है तो उसका जीवन व्यर्थ है। मजलिस के जरिए नेकी, भलाई और अच्छाई के रास्ते पर चलने की नसीहत दी जाती है। इसे सभी लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है।
मौलाना सकलैन हैदर बाकरी ने हजरत इमाम हुसैन के जांबाज और बहादुर भाई हजरत अब्बास की जिंदगी और उनके किरदार के बारे में प्रकाश डाला। कहा कि हजरत अब्बास अपने पिता हजरत अली की तरह वीर और बहादुर थे, लेकिन कर्बला के मैदान में हजरत अब्बास ने जंग करने के बजाए सब्र और धैर्य का परिचय दिया। हजरत अब्बास की शहादत का जिक्र सुनकर मजलिस में मौजूद अकीदतमंद रो पड़े। इस दौरान इंजीनियर मोहम्मद मेहदी, सिक्रेट्री तस्कीन हैदर, अजीम हैदर, कसीम रिजवी, आगा सफी, अकील हैदर, फहीम हैदर वजीर हैदर, नियाज हैदर, काजिम मेहंदी आदि मौजूद रहे।
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डुमरियागंज। हल्लौर स्थित इमामबाड़ा वक्फ शाह आलमगीर सानी में अंजुमन फारोग मातम की ओर से आयोजित मजलिस में मौलाना सकलैन हैदर बाकरी ने कहा कि कर्बला में हजरत अब्बास ने सब्र और धैर्य का परिचय दिया था।
दस दिवसीय मजलिस के पहले दिन सोमवार रात लखनऊ से आए मौलाना सकलैन हैदर बाकरी ने कहा कि अगर कोई अपने जमाने के इमाम पर आस्था-विश्वास नहीं रखता है तो उसका जीवन व्यर्थ है। मजलिस के जरिए नेकी, भलाई और अच्छाई के रास्ते पर चलने की नसीहत दी जाती है। इसे सभी लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है।
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मौलाना सकलैन हैदर बाकरी ने हजरत इमाम हुसैन के जांबाज और बहादुर भाई हजरत अब्बास की जिंदगी और उनके किरदार के बारे में प्रकाश डाला। कहा कि हजरत अब्बास अपने पिता हजरत अली की तरह वीर और बहादुर थे, लेकिन कर्बला के मैदान में हजरत अब्बास ने जंग करने के बजाए सब्र और धैर्य का परिचय दिया। हजरत अब्बास की शहादत का जिक्र सुनकर मजलिस में मौजूद अकीदतमंद रो पड़े। इस दौरान इंजीनियर मोहम्मद मेहदी, सिक्रेट्री तस्कीन हैदर, अजीम हैदर, कसीम रिजवी, आगा सफी, अकील हैदर, फहीम हैदर वजीर हैदर, नियाज हैदर, काजिम मेहंदी आदि मौजूद रहे।
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