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निर्वाचित प्रधान की कुर्सी पर मंडराया खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 18 Nov 2017 10:37 PM IST
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शोहरतगढ़ में रिकाउटिंग में मौजूद अधिकारी और अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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शोहरतगढ़। कोर्ट के आदेश पर विकासखंड के दो ग्राम पंचायतों के प्रधान पद के वोटों की पुनर्मतगणना कराई गई। कड़ी सुरक्षा के बीच हुई मतों की गिनती में नियांव गांव के प्रधान की कुर्सी बरकरार रही। जबकि सियांव गांव के निर्वाचित प्रधान की कुर्सी पर खतरा मंडरा गया है। उन्होंने 24 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। जबकि पुनर्मतगणना में 53 मत निरस्त होने से वह 27 वोट पीछे हो गए हैं। हालांकि एसडीएम ने इस गांव का परिणाम फिल्हाल घोषित नहीं किया है।
दिसंबर 2015 में हुई पंचायत चुनाव के नतीजों पर सियांव गांव के प्रधान प्रत्याशी अनिल कुमार व नियांव के राममिलन ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पुनर्मतगणना का आदेश जारी हुआ था। कोर्ट के आदेश के क्रम में शनिवार को एसडीएम कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच गणना आरंभ हुई। नियांव गांव की गणना के दौरान बूथ संख्या 71 में ध्रुवलाल को 76 व राममिलन को 153 व एक मत अवैध पाए गए। जबकि बूथ संख्या 72 में ध्रुवलाल को 140 व राममिलन को 61 वोट मिले। दोनों बूथों पर वर्तमान प्रधान ध्रुवलाल ने 216 मत पाकर अपने प्रतिद्वद्वी राममिलन को दो मतों से दूसरी बार भी शिकस्त दिया।
इसी तरह ग्राम पंचायत सियांव नानकार गांव में बूथ संख्या 146 में प्रधान अर्जुन चौधरी को 149 व प्रतिद्वंद्वी अनिल कुमार 187 व 37 मत अवैध मिले। बूथ संख्या 147 में अर्जुन चौधरी को 166 व अनिल कुमार को 155 मत मिले। 16 मत अवैध पाए गए। इस तरह वर्तमान प्रधान अर्जुन चौधरी को कुल 315 व अनिल कुमार को 342 मत मिले। अनिल कुमार पुनर्मतगणना में 27 वोटों से आगे हो गए, जबकि पूर्व की गणना में वह 24 वोट पीछे थे।
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सियांव गांव के प्रधान अर्जुन चौधरी के वकील शंभूनाथ विश्वकर्मा ने पुनर्मतगणना में अवैध मिले मत पत्रों की जांच कराने को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की बात कही। प्रधान अर्जुन चौधरी ने बताया कि पूर्व की गणना में उन्हें 367 वोट मिले थे, जबकि प्रतिद्वंद्वी को 343 वोट, तब केवल दो वोट अवैध घोषित हुए थे। 24 वोट से जीत का प्रमाण पत्र भी मौजूद है। इस बार शेष 24 वोट कैसे अवैध हो गए, समझ से परे है।
इस संबंध में एसडीएम सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पुनर्मतगणना कराई गई है। इसमें नियांव गांव के प्रधान ध्रुवलाल की सीट बरकरार रही, जबकि सियांव गांव के प्रधान अर्जुन चौधरी के मत पत्र बड़ी संख्या में अवैध मिले। इनके वकील ने अवैध मत पत्रों की जांच कराने को लेकर आपत्ति दाखिल करने की बात कही है। इस दौरान तहसीलदार संतोष कुमार ओझा, एडीओ पंचायत रामशंकर वर्मा, कानूनगो अतीकुर्रहमान, आनंद सिंह व अधिवक्ता गोपाल मिश्र, शंभूनाथ विश्वकर्मा, एसआई जुबेर अली, अजय सिंह, सुशील दुबे मौजूद रहे।
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दिसंबर 2015 में हुई पंचायत चुनाव के नतीजों पर सियांव गांव के प्रधान प्रत्याशी अनिल कुमार व नियांव के राममिलन ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पुनर्मतगणना का आदेश जारी हुआ था। कोर्ट के आदेश के क्रम में शनिवार को एसडीएम कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच गणना आरंभ हुई। नियांव गांव की गणना के दौरान बूथ संख्या 71 में ध्रुवलाल को 76 व राममिलन को 153 व एक मत अवैध पाए गए। जबकि बूथ संख्या 72 में ध्रुवलाल को 140 व राममिलन को 61 वोट मिले। दोनों बूथों पर वर्तमान प्रधान ध्रुवलाल ने 216 मत पाकर अपने प्रतिद्वद्वी राममिलन को दो मतों से दूसरी बार भी शिकस्त दिया।
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इसी तरह ग्राम पंचायत सियांव नानकार गांव में बूथ संख्या 146 में प्रधान अर्जुन चौधरी को 149 व प्रतिद्वंद्वी अनिल कुमार 187 व 37 मत अवैध मिले। बूथ संख्या 147 में अर्जुन चौधरी को 166 व अनिल कुमार को 155 मत मिले। 16 मत अवैध पाए गए। इस तरह वर्तमान प्रधान अर्जुन चौधरी को कुल 315 व अनिल कुमार को 342 मत मिले। अनिल कुमार पुनर्मतगणना में 27 वोटों से आगे हो गए, जबकि पूर्व की गणना में वह 24 वोट पीछे थे।
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सियांव गांव के प्रधान अर्जुन चौधरी के वकील शंभूनाथ विश्वकर्मा ने पुनर्मतगणना में अवैध मिले मत पत्रों की जांच कराने को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की बात कही। प्रधान अर्जुन चौधरी ने बताया कि पूर्व की गणना में उन्हें 367 वोट मिले थे, जबकि प्रतिद्वंद्वी को 343 वोट, तब केवल दो वोट अवैध घोषित हुए थे। 24 वोट से जीत का प्रमाण पत्र भी मौजूद है। इस बार शेष 24 वोट कैसे अवैध हो गए, समझ से परे है।
इस संबंध में एसडीएम सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पुनर्मतगणना कराई गई है। इसमें नियांव गांव के प्रधान ध्रुवलाल की सीट बरकरार रही, जबकि सियांव गांव के प्रधान अर्जुन चौधरी के मत पत्र बड़ी संख्या में अवैध मिले। इनके वकील ने अवैध मत पत्रों की जांच कराने को लेकर आपत्ति दाखिल करने की बात कही है। इस दौरान तहसीलदार संतोष कुमार ओझा, एडीओ पंचायत रामशंकर वर्मा, कानूनगो अतीकुर्रहमान, आनंद सिंह व अधिवक्ता गोपाल मिश्र, शंभूनाथ विश्वकर्मा, एसआई जुबेर अली, अजय सिंह, सुशील दुबे मौजूद रहे।